

-संजीव रघुवंशी वरिष्ठ पत्रकार
- रिपोर्ट कहती है कि साल 2019 में 152 भारतीय खिलाडिय़ों (Indian players) को डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाया गया। यह संख्या पूरी दुनिया के आरोपी खिलाडिय़ों की 17 फीसदी है। शर्मसार करने वाली बात यह है कि डोपिंग के मामले में हमसे सिर्फ रूस और इटली आगे हैं। इससे भी अधिक चिंता इस पर किए जाने की जरूरत है कि 2018 में देश डोपिंग की सूची में पांचवें स्थान पर था और इससे पहले साल सातवें पायदान पर। यानी, भारतीय खिलाडिय़ों के बीच डोपिंग की जड़ें लगातार गहरी होती जा रही हैं। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) (National Anti Doping Agency (NADA)की रिपोर्ट भी वाडा की रिपोर्ट को ही सही ठहराती नजर आती है। नाडा ने 2017 में जारी रिपोर्ट में दावा किया था कि 2009 से 2016 तक 687 खिलाडिय़ों को डोप टेस्ट में फेल होने पर प्रतिबंधित किया जा चुका है।