
एशिया कप में अभिषेक शर्मा ने जिस तरह से धमाका किया, उसके बाद न सिर्फ भारत बल्कि पड़ोसी पाकिस्तान में भी उनके नाम की चर्चा जोर पकड़ गई है। UAE के खिलाफ अपने पहले मैच में महज 16 गेंदों में 30 रन बनाकर तीन शानदार छक्के लगाना और अपने आप को बाएं हाथ के विस्फोटक ओपनर के रूप में साबित करना—इससे उनका डेब्यू किसी तूफान से कम नहीं था। अब तक 18 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 17 पारियों में 565 रन और 44 छक्के उनके नाम दर्ज हैं, स्ट्राइक रेट 193.49 का। यही प्रदर्शन पाकिस्तान में क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों के बीच बहस का विषय बन गया है, और वहां के फैंस भी इस युवा स्टार की तारीफ किए बिना नहीं रह पाए। Asia Cup 2025
पाकिस्तानी पूर्व कप्तान शोएब मलिक ने PTV स्पोर्ट्स पर भारत और UAE के मुकाबले के प्री-एनालिसिस शो में खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाड़ी भी अभिषेक शर्मा जैसी पारी खेल सकते हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी समस्या है – आत्मविश्वास की कमी और अनिश्चितताओं का बोझ। “खिलाड़ियों को यह भी नहीं पता कि अगले मैच में उनका नाम टीम में होगा या नहीं। ऐसे माहौल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?” मलिक ने सवाल उठाया।
उन्होंने PCB के सिस्टम की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि युवा खिलाड़ियों का पूरा टैलेंट निखारने के बजाय उन्हें सही दिशा और मौके नहीं दिए जाते। वहीं, पुराने खिलाड़ियों को भी बिना किसी स्पष्ट वजह के टीम से बाहर कर दिया जाता है। मलिक ने साफ कहा, “जब सिस्टम ही कमजोर और भरोसे के बिना हो, तो कोई भी खिलाड़ी अपने नेचुरल टैलेंट का पूरा फायदा नहीं उठा सकता। असली लड़ाई मैदान पर नहीं, बल्कि मानसिक स्तर पर होती है। इसे सुधारना ही जरूरी है
शोएब मलिक का मानना है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों की सबसे बड़ी चुनौती विरोधी टीम से नहीं, बल्कि अपने भीतर की अनिश्चितताओं और डर से है। उन्होंने कहा, “यदि बोर्ड और कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों को स्पष्ट दिशा और भरोसा देंगे, तभी उनका खेल सुधार सकता है। तभी वे भी अभिषेक शर्मा जैसी धमाकेदार पारी खेल पाएंगे।पूर्व कप्तान ने PCB की व्यवस्थाओं की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि युवा खिलाड़ियों का पूरा टैलेंट निखारने के बजाय उन्हें अवसर और समर्थन नहीं मिलता, जबकि पुराने खिलाड़ियों को बिना कारण टीम से बाहर कर दिया जाता है।
उनका साफ कहना है कि जब सिस्टम ही कमजोर और अस्थिर हो, तो कोई भी खिलाड़ी अपने नेचुरल टैलेंट का पूरा फायदा नहीं उठा सकता। मलिक ने यह भी जोड़ते हुए कहा कि क्रिकेट में असली लड़ाई सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि मानसिक स्तर पर होती है। सही माहौल और आत्मविश्वास मिलने पर पाकिस्तान के खिलाड़ी भी अभिषेक शर्मा जैसी शानदार पारी खेल सकते हैं। उनके प्रदर्शन ने न सिर्फ भारत में बल्कि पड़ोसी देश में भी यह बहस छेड़ दी है कि अगर सही सपोर्ट और अवसर मिले, तो पाकिस्तानी खिलाड़ी भी चमक सकते हैं। Asia Cup 2025