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एशिया कप 2025 में बायकॉट की धमकी देकर खुद को फंसा लेने वाला पाकिस्तान अब अपने ही अधिकारियों की पोल खोल रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने बताया कि यूएई के खिलाफ मुकाबले से पहले पाकिस्तान ने टूर्नामेंट छोड़ने की पूरी तैयारी कर ली थी। लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि इस कदम से बोर्ड को भारी आर्थिक नुकसान और ICC-ACC के प्रतिबंध झेलने पड़ सकते हैं, अचानक पाकिस्तान ने ‘बैकफुट’ ले लिया और खेलने के लिए मजबूरी में हां कर दी। No Handshake Controversy
नजम सेठी ने एक पाकिस्तानी चैनल को खुलासा करते हुए बताया कि PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी गुस्से में इतने आगबबूला हो गए थे कि उन्होंने पाकिस्तान को एशिया कप से बाहर निकालने की धमकी दे दी थी। सेठी ने कहा, “गुस्से में नकवी ने तुरंत टूर्नामेंट छोड़ने का फैसला कर लिया, लेकिन मुझे तुरंत समझ आ गया कि इससे बोर्ड को अपूरणीय नुकसान होगा।”
उन्होंने आगे बताया कि अगर नकवी का फैसला लागू हो जाता, तो पाकिस्तान पर ACC और ICC दोनों से कड़ा प्रतिबंध लग सकता था। विदेशी खिलाड़ी PSL में खेलने से मना कर देते और बोर्ड को प्रसारण अधिकारों से करीब 132 करोड़ रुपये (15 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का नुकसान होता।
विवाद तब शुरू हुआ जब भारत के खिलाफ दुबई में हुए मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने से इनकार किया और ड्रेसिंग रूम का दरवाजा बंद कर दिया। PCB ने इसे अपमानजनक कदम मानते हुए मैच रेफरी एंडी पायकॉफ्ट को हटाने की मांग की। ICC ने PCB की मांग को खारिज कर दिया और पायकॉफ्ट का समर्थन किया। इसके बाद पाकिस्तान और यूएई के बीच ‘करो या मरो’ मैच से कुछ घंटे पहले नकवी, सेठी और पूर्व अध्यक्ष रमीज़ राजा की मौजूदगी में आपात बैठक बुलाई गई।
इस दौरान टीम को होटल में ही रुकने का आदेश दिया गया और मैच की शुरुआत एक घंटे देरी से हुई। PCB ने मीडिया को बताया कि पायकॉफ्ट ने माफी मांगी है, जिसके चलते मैच संभव हुआ। ICC ने स्पष्ट किया कि यह केवल संचार में हुई गड़बड़ी के लिए था, हैंडशेक विवाद के लिए नहीं। अब भारत और पाकिस्तान दोनों टीमें सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। दोनों के बीच 21 सितंबर यानी रविवार को एक बार फिर आमने-सामने मुकाबला होगा। No Handshake Controversy
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