
WI vs AUS : कभी क्रिकेट के मैदान पर रौब और रफ्तार की मिसाल रही वेस्टइंडीज टीम अब अपनी पहचान की तलाश में भटक रही है। वह दौर जब कैरेबियाई गेंदबाज हवा में कहर बरपाते थे और बल्लेबाज विरोधियों को रौंदते थे, अब बीते युग की बात लगती है। वह टीम, जिसने दशकों तक तेज गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधियों की कमर तोड़ी, आज इतिहास के पन्नों में अपनी सबसे शर्मनाक कहानी लिख गई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में पूरी टीम महज 27 रन पर ढेर हो गई, जो न केवल कैरेबियाई क्रिकेट का सबसे शर्मनाक स्कोर है, बल्कि टेस्ट इतिहास में दूसरा सबसे छोटा स्कोर भी बन गया।
अपने 100वें टेस्ट में मिचेल स्टार्क ने उस प्रदर्शन की मिसाल पेश की, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। पारी की पहली ही गेंद पर जॉन कैंपबेल को आउट कर उन्होंने जो सिलसिला शुरू किया, वह अगले 15 गेंदों में 5 विकेट लेकर इतिहास रचने तक नहीं रुका। स्टार्क ने सिर्फ 15 गेंदों में पांच विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज़ फाइव-विकेट हॉल का कीर्तिमान अपने नाम कर लिया, जो इससे पहले अर्नी टोशैक ने 79 वर्ष पूर्व स्थापित किया था।
अगर स्टार्क ने ऊपरी क्रम को नेस्तनाबूद किया, तो स्कॉट बोलैंड ने निचले क्रम पर कहर बरपाया। बोलैंड ने एक ही ओवर में लगातार तीन गेंदों पर जस्टिन ग्रीव्स, शामर जोसेफ और जोमेल वॉरिकन को पवेलियन भेजते हुए हैट्रिक पूरी की। वह टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले दसवें ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ बने।
ऑस्ट्रेलिया के सामने वेस्टइंडीज की पूरी टीम महज़ 14.3 ओवरों में ताश के पत्तों की तरह ढह गई और स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 27 रन जुड़ सके। इस करारी शिकस्त में सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि टीम के सात बल्लेबाज़ खाता भी नहीं खोल सके। शीर्ष छह बल्लेबाज़ों का कुल योगदान केवल 6 रन रहा, जबकि पूरी टीम में सिर्फ चार खिलाड़ी ही रन बनाने में सफल हो पाए।
टेस्ट क्रिकेट के 147 वर्षों में यह प्रदर्शन सबसे शर्मनाक में से एक बन गया है। टेस्ट में अब तक का सबसे कम स्कोर 1955 में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूज़ीलैंड के नाम रहा, जो 26 रन पर सिमटी थी। अब वेस्टइंडीज इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दक्षिण अफ्रीका भी इस सूची में तीन बार शामिल है—1896 और 1924 में 30-30 रन पर तथा 1899 में 35 रन पर ऑल आउट हुई थी। WI vs AUS