
बॉब सिम्पसन ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से 62 टेस्ट मैच खेले और 46.81 की औसत से 4869 रन बनाए। उनके नाम 10 शतक और 27 अर्धशतक दर्ज हैं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए उनका 1964 में मैनचेस्टर टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया 311 रनों का तिहरा शतक आज भी एशेज के इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में गिना जाता है। सिम्पसन ने दो वनडे भी खेले, जिसमें उन्होंने 36 रन बनाए। वे न केवल एक शानदार बल्लेबाज थे, बल्कि बेहतरीन स्लिप फील्डर और उपयोगी लेग स्पिनर भी थे। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में टेस्ट में 71 और वनडे में 2 विकेट भी शामिल हैं।
सिम्पसन ने 1968 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया, लेकिन कैरी पैकर वर्ल्ड सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम को संभालने के लिए दोबारा मैदान में लौटे और कप्तानी भी की। उनका टेस्ट डेब्यू दिसंबर 1957 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में हुआ था, जबकि अंतिम टेस्ट अप्रैल 1978 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्स्टन में खेला।
क्रिकेट से संन्यास के बाद सिम्पसन ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। 1986 में ऑस्ट्रेलियाई टीम के हेड कोच बनने के बाद उन्होंने युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा भर दी। कप्तान एलन बॉर्डर के साथ उनकी जोड़ी शानदार साबित हुई और 1987 में ऑस्ट्रेलिया ने वनडे वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा। इसके बाद 1989 में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज और 1995 में वेस्टइंडीज की धरती पर टेस्ट सीरीज जीत उनकी कोचिंग की सफलता के प्रमाण रहे। स्टीव वॉ, शेन वॉर्न और ग्लेन मैक्ग्रा जैसे क्रिकेट सितारे भी उनके मार्गदर्शन में निखरे। Bob Simpson