आईपीएल के इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स की पहचान अगर किसी एक नाम से सबसे गहराई से जुड़ी है, तो वह एमएस धोनी हैं। वह सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि CSK की सोच, संतुलन और आत्मविश्वास के सबसे बड़े स्तंभ रहे हैं।

IPL 2026 : आईपीएल के इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स की पहचान अगर किसी एक नाम से सबसे गहराई से जुड़ी है, तो वह एमएस धोनी हैं। वह सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि CSK की सोच, संतुलन और आत्मविश्वास के सबसे बड़े स्तंभ रहे हैं। IPL में अक्सर गूंजने वाला वाक्य “माही है तो मुमकिन है” यूं ही मशहूर नहीं हुआ, इसके पीछे वर्षों का प्रदर्शन और कई यादगार मुकाबलों की कहानी छिपी है। धोनी जब मैदान पर होते हैं तो चेन्नई आखिरी पल तक मुकाबले में बनी रहती है, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में वही टीम कई बार दिशा और धार दोनों खोती नजर आती है।
आईपीएल इतिहास में एमएस धोनी बहुत कम मैचों में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा नहीं रहे हैं। लेकिन जितनी बार भी वह मैदान से बाहर रहे, टीम का प्रदर्शन चिंताजनक रहा। अब तक CSK ने धोनी के बिना कुल 8 मुकाबले खेले हैं। इनमें से सिर्फ एक मैच में उसे जीत मिली, जबकि बाकी 7 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। यह रिकॉर्ड साफ दिखाता है कि धोनी की कमी सिर्फ कप्तानी में नहीं, बल्कि टीम के पूरे संतुलन में महसूस होती है।
साल 2010 वह पहला मौका था, जब धोनी कुछ मैचों में CSK के लिए नहीं खेल सके। उस दौरान दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ सुरेश रैना की कप्तानी में चेन्नई ने जीत हासिल की थी। यही वह एकमात्र मैच है, जिसमें टीम धोनी के बिना जीत दर्ज कर सकी। हालांकि इसके बाद उसी सीजन किंग्स इलेवन पंजाब और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ टीम को हार मिली। यानी शुरुआत में मिली राहत ज्यादा लंबी नहीं चल सकी।
धोनी की गैरमौजूदगी का असर 2019 में भी देखने को मिला। उस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स मैदान पर उतरी, लेकिन दोनों ही मुकाबलों में उसे हार झेलनी पड़ी। उन मैचों में भी टीम की कमान सुरेश रैना ने संभाली थी, लेकिन नतीजे चेन्नई के हक में नहीं गए। इससे यह साफ हो गया कि सिर्फ कप्तान बदल देने से धोनी की भरपाई नहीं हो सकती।
मौजूदा 2026 सीजन में भी चेन्नई सुपर किंग्स को वही परेशानी झेलनी पड़ रही है। चोट के कारण धोनी पिछले तीन मुकाबलों में नहीं खेले और इन तीनों मैचों में टीम को हार मिली। राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ CSK जीत हासिल नहीं कर सकी। लगातार मिली इन हारों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या चेन्नई अब भी धोनी पर जरूरत से ज्यादा निर्भर है। एमएस धोनी का असर केवल बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग तक सीमित नहीं है। वह मैदान पर फैसले लेने की कला, दबाव में शांत रहने की क्षमता और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने की अपनी खूबी के लिए अलग पहचान रखते हैं। यही वजह है कि उनकी गैरमौजूदगी में टीम का खेल बिखरा हुआ नजर आता है। IPL 2026