आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस के लिए एक बड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है। टीम के सबसे बड़े चेहरे और करोड़ों दिलों की धड़कन महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हो गए हैं, जिसके चलते वह शुरुआती मुकाबलों से बाहर रहेंगे।

IPL 2026 : आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस के लिए एक बड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है। टीम के सबसे बड़े चेहरे और करोड़ों दिलों की धड़कन महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हो गए हैं, जिसके चलते वह शुरुआती मुकाबलों से बाहर रहेंगे। धोनी की गैरमौजूदगी सिर्फ एक खिलाड़ी की कमी नहीं है, बल्कि इससे चेन्नई सुपर किंग्स के 16 साल पुराने इतिहास का एक ऐसा सिलसिला टूटने जा रहा है, जो अब तक कभी नहीं टूटा था। 2008 में आईपीएल के आगाज़ के बाद से चेन्नई सुपर किंग्स ने 16 सीजन खेले हैं और इस दौरान टीम 253 मैचों में मैदान पर उतरी है। इन सभी मुकाबलों में एक बात हमेशा कॉमन रही या तो महेंद्र सिंह धोनी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहे, या फिर सुरेश रैना टीम में मौजूद रहे। लेकिन IPL 2026 में पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब चेन्नई सुपर किंग्स की अंतिम एकादश में न धोनी होंगे और न ही रैना।
आईपीएल के पिछले कुछ सीजन से हर बार यही सवाल उठता रहा कि क्या धोनी अगला सीजन खेलेंगे? और हर बार उन्होंने मैदान पर उतरकर अपने प्रशंसकों को जवाब दिया। इस बार भी माना जा रहा था कि धोनी एक बार फिर पीली जर्सी में नजर आएंगे, लेकिन सीजन शुरू होने से पहले आई चोट की खबर ने पूरा माहौल बदल दिया। चेन्नई सुपर किंग्स ने जानकारी दी है कि पिंडली में चोट के कारण धोनी करीब दो हफ्ते तक टीम से बाहर रह सकते हैं। ऐसे में 28 मार्च से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में CSK के शुरुआती मैचों में उनका खेलना संभव नहीं दिख रहा। टीम का पहला मुकाबला 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होना है, लेकिन इस मैच में धोनी मैदान पर नहीं उतर पाएंगे। इतना ही नहीं, शुरुआती कम से कम तीन मैचों तक उनके बाहर रहने की संभावना जताई जा रही है।
धोनी की चोट का असर सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स की प्लेइंग-11 या टीम कॉम्बिनेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फ्रेंचाइजी के इतिहास के एक बेहद भावुक और गौरवशाली अध्याय को भी विराम देने जा रहा है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में जब CSK मैदान पर उतरेगी, तब पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिल सकता है, जब टीम की अंतिम एकादश में न महेंद्र सिंह धोनी होंगे और न ही सुरेश रैना। यह सिर्फ एक बदलाव नहीं, बल्कि उस सुनहरे दौर से दूरी का संकेत है, जिसने चेन्नई सुपर किंग्स की पहचान गढ़ी। 2021 तक रैना टीम की धड़कन बने रहे और जब-जब धोनी किसी वजह से उपलब्ध नहीं रहे, रैना ने नेतृत्व की जिम्मेदारी बखूबी संभाली। रैना के जाने के बाद भी पिछले चार सीजन तक धोनी ने अपनी मौजूदगी से उस परंपरा को जिंदा रखा। यही कारण है कि CSK के अब तक खेले गए 253 मुकाबलों में हर बार इन दो महान खिलाड़ियों में से कम से कम एक नाम जरूर शामिल रहा। अगर इस बार यह सिलसिला टूटता है, तो यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं टूटेगा, बल्कि CSK के स्वर्णिम इतिहास की एक भावनात्मक परंपरा भी बिखर जाएगी। IPL 2026