यह एथलीट डोपिंग उल्लंघन के चलते चार साल के लिए प्रतिबंधित
Doping Violation
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:17 AM
Doping Violation : भारतीय भाला फेंक एथलीट डीपी मनु को डोपिंग उल्लंघन के चलते चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) द्वारा अप्रैल 2024 में इंडियन ग्रां प्री-1 के दौरान लिए गए सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ मेंथाइलटेस्टोस्टेरोन पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।
डीपी मनु का करियर और उपलब्धियां
- उम्र : 25 वर्ष
- व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो : 84.35 मीटर (जून 2022, चेन्नई)
- 2023 एशियन चैंपियनशिप : रजत पदक विजेता
- 2023 वर्ल्ड चैंपियनशिप : छठा स्थान (84.14 मीटर थ्रो)
- 2024 इंडियन ग्रां प्री-1 : 81.91 मीटर थ्रो के साथ विजेता
मनु की वर्ल्ड रैंकिंग 15वीं थी, जिससे उन्हें पेरिस ओलंपिक 2024 में वर्ल्ड रैंकिंग कोटा के माध्यम से क्वालिफाई करने की संभावना थी। हालांकि, डोपिंग उल्लंघन के चलते उनका ओलंपिक में हिस्सा लेने का सपना टूट गया।
डोपिंग प्रतिबंध और प्रभाव
- प्रतिबंध की अवधि 4 साल (24 जून 2024 से प्रभाव)
- प्रभाव पेरिस ओलंपिक 2024 में भागीदारी की संभावना समाप्त
- अन्य प्रतिबंधित एथलीट्स :
सिमरजीत कौर (400 मीटर रिले) 4 साल का प्रतिबंध
नीतेश पूनिया (हथौड़ा फेंक) 2 साल का प्रतिबंध
नरिंदर चीमा (ग्रीको-रोमन कुश्ती) 22 मई 2024 से प्रतिबंधत
भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ा झटका
डीपी मनु का डोपिंग में फंसना भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ा झटका है। उनकी प्रतिभा और पिछले प्रदर्शन उन्हें ओलंपिक में पदक की दौड़ में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। यह घटना भारतीय खेलों में डोपिंग के प्रति सतर्कता और जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।