
गुवाहाटी के मैदान पर खेले गए इंग्लैंड और बांग्लादेश के बीच हुए महिला वर्ल्ड कप मुकाबले में ऐसा ‘ड्रामा’ देखने को मिला, जिसकी चर्चा अब हर क्रिकेट मंच पर हो रही है। यह मैच बल्ले-बॉल की जंग से ज़्यादा अंपायर के फैसलों की कहानी बन गया। मैदान पर एक ऐसा पल आया, जब अंपायर की एक के बाद एक “मेहरबानियों” ने खेल का पूरा रुख बदल दिया। जिस बल्लेबाज पर किस्मत इतनी मेहरबान हुई, उसने न सिर्फ टीम को हार के मुहाने से निकालकर जीत दिलाई, बल्कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों और दर्शकों के होश भी उड़ा दिए। ICC Women's World Cup 2025
7 अक्टूबर को हुए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में बांग्लादेश की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.4 ओवर में 178 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य छोटा जरूर था, लेकिन इंग्लैंड के लिए यह पीछा आसान नहीं रहा। शुरुआत में ही बांग्लादेशी गेंदबाजों ने इंग्लिश बल्लेबाजों को जकड़ लिया और रन बनाना मुश्किल कर दिया। स्थिति यह थी कि इंग्लैंड की रनगति रेंगती नजर आई और बांग्लादेश ने जीत की उम्मीद में अपने 11 में से 8 खिलाड़ियों को गेंदबाजी में झोंक दिया। 179 रन का मामूली-सा लक्ष्य अचानक पहाड़ बन गया और मुकाबला हर गेंद के साथ रोमांचक होता चला गया।
इंग्लैंड की कप्तान हेदर नाइट उस समय बल्लेबाजी कर रही थीं, जब मैच का रुख किसी भी ओर झुक सकता था। लेकिन फिर हुआ कुछ ऐसा, जिसने पूरे मुकाबले की दिशा ही बदल दी। तीन अलग-अलग मौकों पर बांग्लादेशी गेंदबाजों ने उन्हें साफ-साफ आउट कर दिया था — पहली बार बिना खाता खोले, दूसरी बार 8 रन पर और तीसरी बार 13 रन पर। तीनों बार अपील गूंजी, मैदान पर जश्न का माहौल बना, लेकिन हर बार टीवी अंपायर ने फैसला इंग्लैंड के पक्ष में सुना दिया।
हेदर नाइट मानो ‘भाग्य की बल्लेबाज’ बन चुकी थीं आउट होकर भी क्रीज पर डटी रहीं और अंत तक नाबाद रहीं। 111 गेंदों पर 79 रन की कप्तानी पारी खेलते हुए उन्होंने इंग्लैंड को 4 विकेट से जीत दिलाई। मैच के बाद खुद नाइट ने कहा - तीन बार आउट होकर भी बच जाना मेरे करियर का सबसे अजीब पल था। मुझे खुद यकीन नहीं हो रहा था कि मैं अब भी मैदान पर हूं।
इंग्लैंड ने यह मुकाबला तो 46.1 ओवर में जीत लिया, लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो कहानी कुछ और ही बयां करती है। पूरी पारी में इंग्लैंड ने 277 गेंदों का सामना किया, जिनमें से 175 गेंदों पर कोई रन नहीं बना यानी लगभग दो-तिहाई गेंदें डॉट रहीं। इतने मौके गंवाने के बाद भी इंग्लैंड का जीत जाना क्रिकेट जगत को चौंका गया। यह सिर्फ बल्लेबाजी या गेंदबाजी का खेल नहीं था, बल्कि अंपायरिंग के विवादित फैसलों ने मैच का पूरा संतुलन ही बिगाड़ दिया। बांग्लादेश ने आख़िरी दम तक संघर्ष किया, लेकिन किस्मत और अंपायर दोनों इस बार इंग्लैंड के साथ थे।
मैच के बाद सोशल मीडिया पर जश्न के बजाय बहस का माहौल रहा। फैंस ने अंपायरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और कई लोगों ने इसे “क्रिकेट नहीं, मजाक” तक कह डाला। इस मुकाबले ने महिला वर्ल्ड कप के इतिहास में एक ऐसा विवादित अध्याय जोड़ दिया, जो सिर्फ रन या विकेट से नहीं, बल्कि अंपायर की मेहरबानी से याद रखा जाएगा। मैदान पर खेली गई पारी भले ही रोमांचक रही हो, लेकिन चर्चाओं का केंद्र अब ‘मैदान के फैसलों’ पर टिक गया है। ICC Women's World Cup 2025