वहीं फाइनल मुकाबले का सबसे सस्ता टिकट 4,185 डॉलर बताया गया है, जो उच्च श्रेणी में 8,680 डॉलर तक पहुंच रहा है। यह आंकड़े फीफा के पहले के संकेतों से काफी अलग हैं, जहां ग्रुप स्टेज टिकट 60 डॉलर से शुरू होने की बात कही गई थी।

FIFA World Cup 2026 : विश्व कप 2026 के टिकटों की नई कीमतें सामने आते ही फीफा फिर आलोचनाओं के घेरे में आ गया है। फुटबॉल प्रशंसकों का आरोप है कि जिन मैचों को हर वर्ग के दर्शकों के लिए “सुलभ” बताया गया था, वही अब ऊंची कीमतों की वजह से आम समर्थकों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। राष्ट्रीय फुटबॉल संघों के जरिए जारी हुई मूल्य-सूचियों के मुताबिक ग्रुप स्टेज के टिकटों की कीमत 180 अमेरिकी डॉलर से शुरू होकर 700 डॉलर तक जाती है। वहीं फाइनल मुकाबले का सबसे सस्ता टिकट 4,185 डॉलर बताया गया है, जो उच्च श्रेणी में 8,680 डॉलर तक पहुंच रहा है। यह आंकड़े फीफा के पहले के संकेतों से काफी अलग हैं, जहां ग्रुप स्टेज टिकट 60 डॉलर से शुरू होने की बात कही गई थी।
फुटबॉल समर्थक संगठन Football Supporters Europe (FSE) ने इन दरों को “अत्यधिक” बताते हुए फीफा पर विश्व कप की समावेशी परंपरा से पीछे हटने का आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि टिकट नीति ऐसी बन रही है जिसमें प्रशंसकों के योगदान और सांस्कृतिक महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है।
FSE ने मांग की है कि जब तक कोई ऐसा समाधान नहीं निकलता जो विश्व कप की सार्वभौमिकता और परंपरा का सम्मान करे, तब तक राष्ट्रीय संघों के जरिए टिकट बिक्री को रोका जाए। नियम के तहत राष्ट्रीय फुटबॉल संघों को अपनी टीम के मैचों के लिए लगभग 8 प्रतिशत टिकट मिलते हैं, जिन्हें सबसे वफादार समर्थकों तक पहुंचाने का दावा किया जाता है। लेकिन जर्मन फुटबॉल संघ के जरिए सामने आई कीमतों ने बहस को और तेज कर दिया है। उदाहरण के तौर पर ह्यूस्टन में जर्मनी के ग्रुप मैच के लिए न्यूनतम टिकट 180 डॉलर दिखाया गया, जबकि सेमीफाइनल टिकटों की शुरुआती कीमत 920 डॉलर से 1,125 डॉलर तक बताई गई।
फीफा पहले ही साफ कर चुका है कि इस बार पहली बार “डायनामिक प्राइसिंग” लागू होगी यानी जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, टिकटों की कीमतें भी उसी रफ्तार से ऊपर-नीचे होंगी। इसी बीच आयोजकों ने टिकट बिक्री का तीसरा चरण खोल दिया है, जहां फैंस “रैंडम सिलेक्शन ड्रॉ” के जरिए चुनिंदा मुकाबलों के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 13 जनवरी 2026 रखी गई है। इस चरण में नियम भी सख्त हैं एक परिवार को प्रति मैच अधिकतम 4 टिकट, और पूरे टूर्नामेंट में कुल 40 टिकट तक की सीमा तय की गई है। जिन आवेदकों का चयन होगा, उन्हें फरवरी में ईमेल से सूचना मिलेगी और भुगतान प्रक्रिया में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि पेमेंट अपने-आप कट जाएगा। उधर, फाइनल टिकटों को लेकर चिंता और गहरी है। मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले 2026 फाइनल के टिकट सेकेंडरी प्लेटफॉर्म पर अभी से 11,000 डॉलर से ऊपर दिखाई दे रहे हैं। फीफा ने अपना रीसेल प्लेटफॉर्म भी शुरू कर दिया है, लेकिन यहां भी खरीद-फरोख्त पर रीसेल कीमत का 15% शुल्क तय किया गया है यानी टिकट सिर्फ महंगे नहीं, “फीस के साथ और महंगे” होते जा रहे हैं।
टिकट महंगाई का ट्रेंड पिछले टूर्नामेंटों में भी दिखा है। 1994 में अमेरिका में विश्व कप के टिकट 25 डॉलर से 475 डॉलर तक थे, जबकि कतर 2022 में शुरुआती कीमतें लगभग 70 डॉलर से 1,600 डॉलर तक गई थीं। अब 2026 की नई दरों ने बहस को और गर्म कर दिया है कि क्या विश्व कप धीरे-धीरे “जन-टूर्नामेंट” से “प्रीमियम इवेंट” बनता जा रहा है। FIFA World Cup 2026