
दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार जो रूट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मौके पर बड़ा खिलाड़ी ही खड़ा होता है। द हंड्रेड 2025 में लगातार पांच मैचों तक फ्लॉप रहने के बाद रूट ने बल्ले से ऐसा तूफान खड़ा किया, जिसने न सिर्फ आलोचकों को चुप कराया बल्कि अपनी टीम ट्रेंट रॉकेट्स को सीधे प्लेऑफ का टिकट भी दिला दिया। हिंदी का मशहूर मुहावरा है— “सौ सुनार की तो एक लोहार की”। वेल्स फायर के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में जो रूट की पारी बिल्कुल उसी लोहार की तरह साबित हुई। इस एक वार ने टीम के लिए वो कर दिखाया, जिसके लिए बाकी खिलाड़ियों की तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हो रही थीं। Joe Root
ट्रेंट रॉकेट्स को वेल्स फायर से 151 रन का लक्ष्य मिला था। जीत आसान नहीं थी, क्योंकि टीम पिछले मैच में हार के बाद संकट में थी। लेकिन इस बार रूट पूरी दृढ़ता के साथ मैदान पर उतरे। उन्होंने न केवल विकेट पर डटे रहकर पारी को संभाला, बल्कि 41 गेंदों पर नाबाद 64 रन ठोककर लक्ष्य को 99वीं गेंद पर हासिल भी करा दिया। उनकी पारी में 4 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। यह रूट का मौजूदा सीजन में दूसरा अर्धशतक है, लेकिन इसकी अहमियत किसी शतक से कम नहीं। क्योंकि यही पारी ट्रेंट रॉकेट्स को टूर्नामेंट की तीसरी टीम के तौर पर प्लेऑफ में ले गई।
21 अगस्त को ओवल इन्विंसिबल्स के खिलाफ जो रूट ने 71 रन की पारी जरूर खेली थी, लेकिन टीम जीत नहीं पाई और प्लेऑफ की राह मुश्किल हो गई थी। इसके बाद वेल्स फायर के खिलाफ मुकाबला ट्रेंट रॉकेट्स के लिए जीवन-मरण जैसा था। रूट ने मानो खुद से वादा कर रखा था कि इस बार वह आउट नहीं होंगे, और हुआ भी वही— क्रीज पर टिके रहे और विजयी पारी लिखकर लौटे। Joe Root