ये पूरा सिलसिला गंभीर की कोचिंग के दौरान हुआ है, ऐसे में उनके भविष्य को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सिर्फ गंभीर ही नहीं, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की चयन नीति भी अब कटघरे में है। इसके बावजूद संकेत यही हैं कि BCCI तुरंत किसी कड़े फैसले के मूड में नहीं है।

Gautam Gambhir : टीम इंडिया के लिए घरेलू टेस्ट रिकॉर्ड हमेशा से उसकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। 2012 से लेकर 2024 में न्यूजीलैंड सीरीज से ठीक पहले तक भारत ने अपनी सरजमीं पर कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारी थी। इस लंबे दौर में टीम ने घर पर कुल मिलाकर सिर्फ 5–6 टेस्ट मैच गंवाए। लेकिन मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में महज 12 महीनों के भीतर भारत 5 टेस्ट और 2 टेस्ट सीरीज हार चुका है। लगभग 12 साल तक घर में कोई टेस्ट सीरीज न हारने वाली टीम इंडिया को पिछले एक साल में दूसरी बार क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से लेकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ ताज़ा मुकाबलों के बीच भारत 7 में से 5 टेस्ट मैच हार गया। ये पूरा सिलसिला गंभीर की कोचिंग के दौरान हुआ है, ऐसे में उनके भविष्य को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सिर्फ गंभीर ही नहीं, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की चयन नीति भी अब कटघरे में है। इसके बावजूद संकेत यही हैं कि BCCI तुरंत किसी कड़े फैसले के मूड में नहीं है।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल में दो बार घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप झेलने के बावजूद बोर्ड अभी कोई तात्कालिक एक्शन लेने के पक्ष में नहीं है। BCCI से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम एक परिवर्तनशील दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में जल्दबाज़ी में लिए गए फैसले लंबी अवधि में नुकसानदेह हो सकते हैं। यही कारण है कि बोर्ड न तो कोचिंग स्टाफ में तुरंत बदलाव करना चाहता है और न ही खिलाड़ियों में किसी बड़े फेरबदल के निर्देश देने जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गौतम गंभीर की नौकरी सुरक्षित है? रिपोर्ट में दिए गए बोर्ड सूत्रों के हवाले से यही संकेत मिलते हैं कि फिलहाल उनकी कुर्सी पर कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सूत्र के मुताबिक, “हम गंभीर को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं करेंगे, क्योंकि वर्ल्ड कप नज़दीक है और उनका कॉन्ट्रैक्ट भी वर्ल्ड कप 2027 तक का है। गंभीर को जुलाई 2024 में टीम इंडिया का हेड कोच नियुक्त किया गया था। उन्हें तीन साल का कार्यकाल दिया गया है, जो 2027 वनडे वर्ल्ड कप के समापन तक चलेगा। हालांकि, यह भी साफ है कि ताज़ा हार के बाद BCCI अधिकारी सेलेक्शन कमेटी और टीम मैनेजमेंट के साथ बैठकर समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। Gautam Gambhir