कैच का ही उदाहरण ले लीजिए जैसे ही कोई फील्डर या विकेटकीपर गेंद लपकता है, वह अक्सर उसे तुरंत हवा में उछालकर फिर से पकड़ लेता है। पहली नजर में यह सेलिब्रेशन स्टाइल लगता है, मगर इसके पीछे एक पुरानी और अहम वजह छिपी है।

Cricket Rules: क्रिकेट का रोमांच जितना दिल को सुकून देता है, उसके नियम उतने ही बार फैंस को उलझा भी देते हैं। मैदान पर कई चीजें ऐसी होती हैं जो देखने में सिर्फ जश्न लगती हैं, लेकिन असल में उनकी जड़ें क्रिकेट के पुराने नियमों और परंपराओं में होती हैं। कैच का ही उदाहरण ले लीजिए जैसे ही कोई फील्डर या विकेटकीपर गेंद लपकता है, वह अक्सर उसे तुरंत हवा में उछालकर फिर से पकड़ लेता है। पहली नजर में यह सेलिब्रेशन स्टाइल लगता है, मगर इसके पीछे एक पुरानी और अहम वजह छिपी है। यह दिखाने के लिए कि कैच पूरी तरह कंट्रोल में लिया गया है और गेंद कहीं भी हाथ से फिसली नहीं। यही वजह है कि आज भी तकनीक के दौर में यह आदत मैदान पर लगातार देखने को मिलती है।
क्रिकेट के नियमों में कैच तभी पूरा माना जाता है, जब फील्डर गेंद पर पूरी तरह नियंत्रण बना ले और अपने शरीर के मूवमेंट को भी संभालकर कैच को स्थिर कर दे यही एक वैध (लीगल) कैच की सबसे बड़ी शर्त है। लेकिन पुराने दौर में, जब न कैमरे थे और न DRS जैसी तकनीक तब अंपायर के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही रहती थी कि कैच वाकई साफ-सुथरा है या गेंद हाथ से फिसलकर जमीन को छू गई थी। ऐसे में कई खिलाड़ी कैच के तुरंत बाद गेंद को हल्का-सा हवा में उछालकर यह दिखाते थे कि गेंद उनके कंट्रोल में है और वे उसे जानबूझकर छोड़ सकते हैं। यह उछाल दरअसल एक सिग्न था जो अंपायर को बताता था कि कैच कंप्लीट है और इसमें शक की गुंजाइश नहीं। समय बदला, थर्ड अंपायर और सुपर स्लो-मोशन आ गए, लेकिन यह पुरानी परंपरा आज भी खिलाड़ियों के सेलिब्रेशन स्टाइल का हिस्सा बनी हुई है।
कैच आउट की वैधता कुछ साफ शर्तों पर टिकी होती है। सबसे पहले गेंद नो-बॉल नहीं होनी चाहिए, क्योंकि नो-बॉल पर आमतौर पर कैच आउट नहीं दिया जाता। दूसरी अहम बात गेंद का बल्लेबाज के बल्ले (या ग्लव्स) से संपर्क होना जरूरी है बिना एज/हिट के कैच आउट नहीं माना जाएगा। इसके बाद फील्डर को गेंद को फेयर कैच के रूप में, यानी पूरी तरह नियंत्रण में लेते हुए पकड़ना होता है और सबसे जरूरी नियम गेंद जमीन को छूने से पहले ही पकड़ी जानी चाहिए अगर गेंद ने पहले धरती छू ली तो कैच चाहे जितना शानदार हो वह आउट नहीं माना जाएगा।
क्रिकेट में फेयर कैच वही माना जाता है, जिसमें फील्डर गेंद को अपने हाथ या दोनों हाथों में साफ-सुथरे तरीके से पकड़कर उस पर पूरा नियंत्रण बना ले। खास बात यह है कि अगर कैच लेते वक्त फील्डर का हाथ जमीन को छू भी रहा हो, तब भी कैच लीगल हो सकता है बस शर्त यह है कि उंगलियां गेंद के नीचे हों और गेंद ने खुद जमीन को स्पर्श न किया हो। इसके अलावा गेंद किसी भी पल जमीन, बाउंड्री लाइन या बाउंड्री के बाहर मौजूद किसी चीज से टच नहीं होनी चाहिए। और अंत में, कैच को कम्प्लीट करने के लिए फील्डर का बाउंड्री के अंदर रहते हुए कैच पूरा करना जरूरी है; बाहर निकलकर या बाहर की चीजों के सहारे कैच लेने पर वह वैध नहीं माना जाता। Cricket Rules