फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के ‘सुपर विनर्स’: सबसे सफल टीमों की पूरी लिस्ट

अब तक कुछ ही राष्ट्रीय टीमें ऐसी रही हैं, जिन्होंने बार-बार World Cup जीतकर खुद को फुटबॉल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया है। आइए जानते हैं सबसे ज्यादा फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों के बारे में विस्तार से।

वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल देश
वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल देश
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Jan 2026 12:29 PM
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FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल की दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है। हर चार साल में होने वाला यह महाकुंभ दुनिया के अलग-अलग देशों की सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय टीमों को एक मंच पर लाता है, जहां करोड़ों दर्शकों की निगाहें सिर्फ एक लक्ष्य पर टिकी होती हैं विश्व चैंपियन बनना। अब तक कुछ ही राष्ट्रीय टीमें ऐसी रही हैं, जिन्होंने बार-बार World Cup जीतकर खुद को फुटबॉल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया है। आइए जानते हैं सबसे ज्यादा फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों के बारे में विस्तार से।

ब्राजील– 5 बार विश्व विजेता (1958, 1962, 1970, 1994, 2002)

ब्राजील फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे सफल टीम है।“सांबा फुटबॉल” की पहचान बन चुके ब्राज़ील ने तकनीक, कल्पनाशीलता और तेज़ आक्रमण का ऐसा मिश्रण दिखाया कि दुनिया उसकी हर चाल पर तालियां बजाती रही। पेले के स्वर्णिम दौर में 1958 और 1970 की जीतें सिर्फ़ ट्रॉफियां नहीं थीं, बल्कि फुटबॉल को नई भाषा देने वाले अध्याय थे। फिर 2002 में रोनाल्डो की अगुवाई में ब्राज़ील ने साबित किया कि यह टीम हर पीढ़ी में खुद को नए अंदाज में गढ़ना जानती है।

जर्मनी – 4 बार विश्व विजेता (1954, 1974, 1990, 2014)

जर्मनी को अनुशासन, रणनीति और मानसिक मज़बूती का प्रतीक माना जाता है। जर्मन टीम ने हमेशा दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। 1954 का मिरेकल ऑफ बर्न हो या 2014 में ब्राजील में खेला गया ऐतिहासिक फाइनल जर्मनी ने हर युग में अपनी ताकत साबित की है। 2014 की जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि जर्मनी यूरोप के बाहर World Cup जीतने वाली पहली यूरोपीय टीम बनी। चार खिताबों के साथ जर्मनी विश्व फुटबॉल की सबसे स्थिर और भरोसेमंद टीमों में गिनी जाती है।

इटली – 4 बार विश्व विजेता (1934, 1938, 1982, 2006)

इटली की पहचान उसकी मजबूत डिफेंस रणनीति और सामरिक खेल से रही है। काटेनाच्चियो शैली ने इटली को कई बार सफलता दिलाई। 1930 के दशक में लगातार दो World Cup जीतने के बाद इटली ने खुद को शुरुआती दौर की सबसे ताकतवर टीम के रूप में स्थापित किया। 1982 में पाओलो रॉसी और 2006 में फेबियो कैनावारो जैसे खिलाड़ियों के नेतृत्व में इटली ने साबित किया कि टीम वर्क और अनुशासन से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

अर्जेंटीना – 3 बार विश्व विजेता (1978, 1986, 2022)

अर्जेंटीना का World Cup सफर भावनाओं, संघर्ष और जादुई प्रतिभाओं से भरा रहा है। 1986 में डिएगो माराडोना के नेतृत्व में मिली जीत आज भी फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार कहानियों में शामिल है। 2022 में लियोनेल मेसी के साथ अर्जेंटीना की तीसरी World Cup जीत ने करोड़ों प्रशंसकों का सपना पूरा किया। यह जीत न सिर्फ एक ट्रॉफी थी, बल्कि एक युग का समापन भी थी, जिसने मेसी को सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की सूची में और मज़बूती से स्थापित कर दिया।

फ्रांस – 2 बार विश्व विजेता (1998, 2018)

फ्रांस अपेक्षाकृत नई लेकिन बेहद प्रभावशाली World Cup विजेता टीम है। 1998 में अपने घरेलू मैदान पर फ्रांस ने ज़िनेदिन ज़िदान के शानदार प्रदर्शन से पहली बार खिताब जीता। 2018 में युवा खिलाड़ियों से सजी फ्रांसीसी टीम ने तेज़, आधुनिक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया। किलियन एम्बाप्पे जैसे सितारों ने दिखाया कि फ्रांस आने वाले वर्षों में भी World Cup की सबसे मज़बूत दावेदार टीमों में बना रहेगा।

अन्य World Cup विजेता टीमें

उरुग्वे – 2 बार (1930, 1950)

इंग्लैंड – 1 बार (1966)

स्पेन – 1 बार (2010) इन टीमों ने भले ही कम बार खिताब जीते हों, लेकिन उनकी जीतें भी फुटबॉल इतिहास में बेहद खास और यादगार रही हैं। FIFA World Cup 2026

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निर्णायक वनडे में गिल की अग्निपरीक्षा, क्या सीरीज बचा पाएगा भारत ?

उधर न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल का शतक मैच का टर्निंग पॉइंट बना, जबकि विल यंग ने भी अहम योगदान देकर लक्ष्य का पीछा आसान कर दिया। भारत को हार मिली और सीरीज की रफ्तार अचानक बराबरी पर आ गई।

शुभमन गिल
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Jan 2026 04:13 PM
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IND VS NZ : साल 2026 की शुरुआत टीम इंडिया के लिए आसान नहीं रही। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही वनडे सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। दो मुकाबलों के बाद सीरीज 1-1 से बराबर है और अब तीसरा वनडे सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि कप्तान शुभमन गिल की नेतृत्व-क्षमता, टीम की संयमित बल्लेबाजी और गेंदबाजों की धार तीनों की असली परीक्षा बन गया है। सवाल सीधा है: क्या गिल टीम को जीत की पटरी पर लौटा पाएंगे या फिर इतिहास के उलट कोई चौंकाने वाला नतीजा सामने आएगा?

शानदार शुरुआत के बाद दूसरे मैच में झटका

भारत ने पहला वनडे जीतकर मजबूत संदेश दिया था, लेकिन दूसरे मुकाबले में टीम को हार का सामना करना पड़ा। उस मैच में केएल राहुल ने शतक जड़कर संघर्ष जरूर किया, मगर दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। नतीजा यह रहा कि भारत बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका। उधर न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल का शतक मैच का टर्निंग पॉइंट बना, जबकि विल यंग ने भी अहम योगदान देकर लक्ष्य का पीछा आसान कर दिया। भारत को हार मिली और सीरीज की रफ्तार अचानक बराबरी पर आ गई।

भारत में वनडे सीरीज न जीत पाने वाला कीवी रिकॉर्ड

न्यूजीलैंड का इतिहास भारत में वनडे सीरीज के लिहाज से टीम इंडिया के पक्ष में रहा है। अब तक कीवी टीम भारत में आकर वनडे सीरीज नहीं जीत पाई है चाहे समय बदला हो, कप्तान बदले हों या टीम का संयोजन। लेकिन इस बार हालात अलग दिख रहे हैं, क्योंकि न्यूजीलैंड ने इस दौरे पर अपनी सबसे ताकतवर टीम नहीं भेजी है, इसके बावजूद उन्होंने सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। यही बात भारत के लिए चिंता बढ़ाती है क्योंकि यहां मुकाबला सिर्फ विपक्षी से नहीं, अपनी निरंतरता और दबाव संभालने की क्षमता से भी है।

होल्कर स्टेडियम का ‘अजेय’ रिकॉर्ड

तीसरा वनडे इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाना है, जहां भारत का वनडे रिकॉर्ड शानदार रहा है। टीम इंडिया यहां अब तक वनडे नहीं हारी है यह आंकड़ा निश्चित तौर पर ड्रेसिंग रूम में भरोसा बढ़ाएगा। हालांकि, रिकॉर्ड मैच नहीं जिताते। जीत के लिए टॉप ऑर्डर को जिम्मेदारी निभानी होगी, मिडिल ऑर्डर को दबाव में साझेदारी बनानी होगी और गेंदबाज़ों को शुरुआती विकेट निकालकर न्यूजीलैंड की रन-गति पर लगाम लगानी होगी।

निर्णायक मैच में गिल के सामने असली चुनौती

कप्तान के तौर पर शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला ‘करो या करो’ जैसा है। एक जीत भारत को सीरीज में बढ़त दिलाएगी, जबकि हार न सिर्फ दबाव बढ़ाएगी, बल्कि घरेलू मैदान पर कीवी टीम के खिलाफ बनी बढ़त को भी चुनौती में डाल सकती है। अब देखना यही है कि इंदौर में भारत अपनी लय वापस पाता है या फिर सीरीज का पलड़ा न्यूजीलैंड की तरफ झुक जाता है। IND VS NZ

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फील्डिंग सेट थी पर मैच नहीं बना! KKR विवाद पर मुस्तफिजुर का बड़ा फैसला

वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) भी कथित तौर पर खिलाड़ी के हित में समर्थन देने को तैयार थी। मगर तेज गेंदबाज ने किसी भी तरह की टकराव वाली रणनीति अपनाने के बजाय विवाद से दूरी बनाए रखने का फैसला किया।

बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान
बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Jan 2026 01:00 PM
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IPL 2026 : आईपीएल 2026 की तैयारियों के बीच कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अचानक रिलीज किए जाने का मामला थमता नहीं दिख रहा। अब इस प्रकरण पर क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CWAB) की ओर से बयान सामने आया है, जिसने विवाद को नया कोण दे दिया है। CWAB के अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन के मुताबिक, मुस्तफिजुर के पास KKR के फैसले के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराने या कानूनी/प्रशासनिक रास्ते पर जाने का विकल्प खुला था। वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) भी कथित तौर पर खिलाड़ी के हित में समर्थन देने को तैयार थी। मगर तेज गेंदबाज ने किसी भी तरह की टकराव वाली रणनीति अपनाने के बजाय विवाद से दूरी बनाए रखने का फैसला किया।

KKR की टीम-पॉलिसी पर बहस तेज

बताया जा रहा है कि KKR ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 के लिए 9.20 करोड़ रुपये में टीम से जोड़ा था। लेकिन कुछ समय बाद “हालिया घटनाक्रम” और भारत-बांग्लादेश के बीच बढ़े राजनीतिक तनाव के मद्देनजर उन्हें रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। CWAB के अनुसार, इस फैसले को चुनौती देने के लिए खिलाड़ी के पास पर्याप्त मंच और समर्थन मौजूद था लेकिन उन्होंने खुद आगे बढ़ने से परहेज किया।

हिंसा की खबरों के बाद बढ़ा दबाव

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे माहौल का असर भी बताया जा रहा है। भारत में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों के बाद विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव तेज हुए, जिसके चलते KKR की इस साइनिंग पर भी सवाल उठे। फ्रेंचाइजी की ओर से यह दावा किया गया कि चयन पूरी तरह क्रिकेटिंग मेरिट के आधार पर था, लेकिन कथित तौर पर “राष्ट्रीय हित” का हवाला देकर रिलीज कराने की बात सामने आई।

मुस्तफिजुर का फैसला बना चर्चा का केंद्र

रिपोर्ट्स के अनुसार इस फैसले के बाद बांग्लादेश में आईपीएल प्रसारण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया और सुरक्षा चिंताओं का मुद्दा उठाया गया। हालांकि, इतने बड़े विवाद के बावजूद मुस्तफिजुर ने सार्वजनिक रूप से किसी तरह की आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं दी। CWAB ने भी उनके फैसले का सम्मान करते हुए औपचारिक कार्रवाई से पीछे हटने की बात कही। दिलचस्प बात यह है कि CWAB के बयान में यह संकेत भी मिला कि खिलाड़ी को उकसाकर KKR के खिलाफ मोर्चा खोलने की कोशिशें हुईं, लेकिन मुस्तफिजुर ने इस दिशा में कदम नहीं बढ़ाया।  IPL 2026

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