आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है चार-चार टीमों का यह विभाजन इस बार मुकाबले को और ज्यादा तीखा बना रहा है। टीम इंडिया ने लीग स्टेज में लगातार चार जीत दर्ज कर शानदार लय के साथ सुपर-8 में कदम रखा है।

ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे हाई-वोल्टेज चरण में प्रवेश करने जा रहा है। 21 फरवरी से सुपर-8 राउंड शुरू होगा और टूर्नामेंट की असली परीक्षा भी यहीं से शुरू मानी जाती है। आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है चार-चार टीमों का यह विभाजन इस बार मुकाबले को और ज्यादा तीखा बना रहा है। टीम इंडिया ने लीग स्टेज में लगातार चार जीत दर्ज कर शानदार लय के साथ सुपर-8 में कदम रखा है। लेकिन अब उसे जिस ग्रुप में जगह मिली है, वही चर्चा का केंद्र बन गया है क्योंकि यह ग्रुप सिर्फ कठिन नहीं, बल्कि ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहलाने लगा है।
सुपर-8 के ग्रुप-1 को यूं ही ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ नहीं कहा जा रहा। भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे चारों टीमें लीग स्टेज में अजेय आत्मविश्वास के साथ यहां पहुंची हैं। भारत ने ग्रुप-A में पाकिस्तान, अमेरिका, नीदरलैंड्स और नामीबिया को पछाड़कर टॉप किया, साउथ अफ्रीका ने ग्रुप-D में क्लीन स्वीप कर ताकत दिखाई। वेस्टइंडीज ने ग्रुप-C में लगातार चार जीत से लय पकड़ी, जबकि जिम्बाब्वे ने ग्रुप-B में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ अपनी जिद साबित की। इसी वजह से ग्रुप-1 को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ का टैग मिल गया है। टीम इंडिया लीग स्टेज में चार लगातार जीत के साथ आत्मविश्वास लेकर आई है, लेकिन सुपर-8 में हर मैच नॉकआउट जैसा दबाव बनाएगा। क्योंकि यहां एक भी चूक अंक तालिका की तस्वीर बदल सकती है। अब तक टी20 वर्ल्ड कप में भारत और वेस्टइंडीज 4 बार आमने-सामने आए हैं, जिसमें भारत को सिर्फ 1 जीत मिली है और 3 बार हार झेलनी पड़ी है। यानी सुपर-8 की रेस में आगे रहने के लिए भारत को इस बार पुराना हिसाब बराबर करना होगा।