ओवल के मैदान पर अब तक की सबसे बड़ी सफल रनचेजिंग 1902 में दर्ज हुई थी जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथी पारी में 263 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। यह आंकड़ा बीते 123 वर्षों से अछूता है। तब से लेकर आज तक ओवल की चौथी पारी में किसी भी टीम ने यह स्कोर पार नहीं किया। सवाल यह है कि क्या इंडिया जीत पाएगी?

भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज़ का निर्णायक मुकाबला ऐतिहासिक ‘द ओवल’ मैदान पर खेला जा रहा है। मुकाबले की अहमियत केवल एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी तक सीमित नहीं, बल्कि यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दर्ज एक ऐसे पन्ने को पलटने की चुनौती भी है, जो पिछले 123 वर्षों से अछूता है। India Vs England
ओवल के मैदान पर अब तक की सबसे बड़ी सफल रनचेजिंग 1902 में दर्ज हुई थी, जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथी पारी में 263 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। यह आंकड़ा बीते 123 वर्षों से अछूता है। तब से लेकर आज तक ओवल की चौथी पारी में किसी भी टीम ने यह स्कोर पार नहीं किया। अब सवाल यह है क्या टीम इंडिया इस ‘कठिन किले’ को फतह कर सकती है?
यदि भारतीय टीम इंग्लैंड को 300 से ऊपर का लक्ष्य देती है, तो यह रणनीतिक तौर पर उन्हें जीत की ओर अग्रसर कर सकता है। टेस्ट क्रिकेट में चौथी पारी में बल्लेबाजी हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है, जहां पिच धीरे-धीरे टूटती है और स्पिनरों के लिए स्वर्ग बन जाती है। भारत को यह ध्यान में रखना होगा कि ओवल पर 1979 में उन्होंने खुद इंग्लैंड के खिलाफ 429/8 का स्कोर बनाया था हालांकि वह मैच ड्रॉ रहा था क्योंकि लक्ष्य 438 रन था और समय की कमी आड़े आई।
इंग्लैंड की पहली पारी में डकेट और क्राउली ने तेज शुरुआत की, लेकिन सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने रफ्तार और सटीकता से इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। सिर्फ 51.2 ओवर में पूरी टीम 247 रनों पर ढेर हो गई, जिसमें दोनों गेंदबाज़ों ने 4-4 विकेट झटके। इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर भारत 300+ का टारगेट सेट करता है, तो उसके पास इंग्लैंड को रोकने के लिए जरूरी हथियार मौजूद हैं।