Thursday, 18 April 2024

होम लोन नहीं चुकाया तो कोई टेंशन नहीं, करें यह उपाय

चेतना मंच |

Home Loan : शहर में होम लोन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। अपना खुद का घर बनाने का सपना होम लोन से ही तो पूरा होता है। कई बार होम लोन की किश्त यानि ईएमआई समय पर नहीं दे पाते हैं। होम लोन की ईएमआई ना दे पाने के कारण अक्सर लोग बड़े तनाव में आ जाते हैं। तनाव में आकर होम लोन के मामले में गलती कार बैठते हैं। होम लोन के मामले में कभी भी टेंशन नहीं लेनी चाहिए। बस कुछ जरूरी उपाय करने हैं।

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क्या हैं होम लाने के जरूरी उपाय

किसी भी कारण से होम लोन नहीं चुका पा रहे हैं  यानी EMI चुकाने में असफल रहते हैं तो इसके लिए भी कुछ उपाय हैं. ग्राहक ने जिस बैंक से होम लोन लिया है, वहां संपर्क करके अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं के आधार पर होम लोन पुनर्गठित करने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं. ग्राहक बैंक को अपनी परेशानी बता सकता है, साथ ही दस्तावेज सौंप सकते हैं. लोन का पुनर्गठन से कुछ महीनों तक EMI टालने या ईएमआई की राशि कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि ऐसे मामले में होम लोन की टेन्योर बढ़ जाएगा. इसके अलावा इसका सीधा हल ये है कि होम लोन की EMI को हरसंभव समय पर चुकाने की कोशिश करें. इसके लिए कोई फिक्स्ड डिपॉजिट है तो उसे तोड़ दें. कहीं भी निवेश है तो उसे निकाल EMI भर दें. इसके लिए परिवार या दोस्तों से उधार भी ले सकते हैं और बाद में अपनी सुविधा के अनुसार वापस कर सकते हैं।

रिकवरी एजेंट से ना डरें

लोन नहीं चुकाने पाने से वित्तीय संस्थाओं की ओर से रिकवरी एजेंट को भेजकर ग्राहक पर दबाव बनाया जाता है. उसे डराया-धमकाया भी जाता है. देशभर में रिकवरी एजेंट्स की मनमानी के कई मामले सामने आते रहते हैं. अगर आपको भी होम लोन चुकाने को लेकर रिकवरी एजेंट परेशान करे तो आप सीधे पुलिस से शिकायत कर सकते हैं. क्योंकि लोन की किस्त नहीं चुका पाना सिविल विवाद के दायरे में आता है, इसलिए डिफॉल्टर के साथ कोई मनमानी नहीं की जा सकती है. इसके अलावा आप को RBI को भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।

सिक्योर होता है होम लोन

आपको बता दें कि कुछ लोग होम लोन (Home Loan) की EMI समय पर नहीं चुका पाते हैं. खासकर नौकरी छूटने या फिर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में EMI भरने से चूक जाते हैं. क्या आपको पता है होम लोन की EMI नहीं चुकाने पर क्या होता है? कितनी EMI तक बैंक इंतजार करता है और फिर क्या एक्शन लेता है? दरअसल, होम लोन को सिक्‍योर लोन की कैटेगरी में रखा जाता है, इसलिए इसके बदले ग्राहक को गारंटी के तौर पर बैंक के पास किसी संपत्ति को गिरवी रखना होता है।

अब आइए जानते हैं, होम लोन नहीं चुकाने पर RBI की गाइडलाइंस क्या है. अगर कोई ग्राहक होम लोन की पहली किस्त नहीं चुकाता है तो बैंक या वित्तीय संस्थान उसे गंभीरता से नहीं लेता है. बैंक को लगता है कि किसी कारणवश एक EMI में देरी हो रही है. लेकिन जब ग्राहक लगातार दो EMI नहीं भरता है, तो बैंक सबसे पहले एक रिमाइंडर भेजता है. इसके बाद भी ग्राहक तीसरी EMI की किस्त भुगतान करने में असफल रहता है तो बैंक फिर लोन चुकाने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजता है।

एक तरह से तीसरी EMI नहीं चुकाने के साथ बैंक कार्रवाई के मू़ड में आ जाता है. अगर कानूनी नोटिस के बाद लोन नहीं चुकाता है तो फिर बैंक ग्राहक को डिफॉल्टर घोषित कर देता है. साथ ही बैंक लोन अकाउंट को NPA मान लेता है. अन्य वित्तीय संस्थाओं के मामले में यह सीमा 120 दिन की होती है. इस समय सीमा के बाद बैंक वसूली प्रक्रिया के बारे में सोचने लगता है।

सिक्‍योर्ड लोन में प्रॉपर्टी को गिरवी रखा जाता है, ताकि लोन न चुकाने पर बैंक उस प्रॉपर्टी को बेचकर लोन की भरपाई कर सके. हालांकि बैंक की तरफ से ये आखिरी विकल्प होता है. RBI की गाइंडलाइस के मुताबिक ग्राहक लोन को चुकाने के लिए काफी समय दिया जाता है. बैंक के पास अपने पैसे वापस लेने के लिए कानूनी तौर पर आखिरी विकल्प नीलामी होता है. नीलामी से मिली राशि को लोन की रकम की भरपाई की जाती है।

मौटे तौर पर बैंक तीन महीने की ईएमआई नहीं चुकाने के बाद ग्राहक को दो महीने का और वक्त देता है. अगर ग्राहक इसमें भी चूक जाते हैं, तो बैंक ग्राहक संपत्ति के अनुमानित मूल्य के साथ नीलामी नोटिस भेजता है. अगर ग्राहक नीलामी की तारीख से पहले यानी नीलामी नोटिस मिलने के एक महीने बाद भी किश्त नहीं भरता है तो बैंक नीलामी औपचारिकताओं के साथ आगे बढ़ता है।

हालांकि इन 6 महीने के भीतर ग्राहक किसी भी समय बैंक से संपर्क कर बकाया राशि का भुगतान कर मामले को सुलझा सकता है.  समय पर लोन नहीं चुकाने से सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि बैंक ग्राहक को डिफॉल्डर घोषित कर देता है. जिससे ग्राहक का सिबिल/क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है. सिबिल स्कोर खराब होने से भविष्य में किसी भी तरह के लोन मिलने में परेशानी होती है।

उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश का लाडला बेटा बन गया है आदित्य

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सामाजिक संगठन भी उतरे लोकसभा चुनाव में, चला रहे हैं जागरूकता अभियान

चेतना मंच |

Noida News : लोकसभा चुनाव के दौरान हर कोई सक्रिय है। इसी प्रकार की सक्रियता नोएडा शहर के सामाजिक संगठनों में नजर आ रही है। नोएडा क्षेत्र में सक्रिय अनेक प्रमुख सामाजिक संगठन चुनाव में सक्रिय हो गए हैं। नोएडा में काम करने वाले सामाजिक संगठन वोटर्स में जागरूकता फैलाने का अभियान चला रहे हैं। इस अभियान के तहत अधिक से अधिक मतदान करने के लिए नोएडा के नागरिकों को तैयार किया जा रहा है।

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नोएडा के सामाजिक संगठन हुए सक्रिय

अलग-अलग मुददों को लेकर समाज में काम करने वाले नोएडा के सामाजिक संगठन एकजुट हो गए हैं। इन संगठनों ने मतदाता जागरूकता अभियान शुरू किया है। नोएडा के सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी पूरे नोएडा शहर में घूम-घूमकर प्रचार कर रहे हैं कि चुनाव में वोट डालना हर भारतीय का नैतिक कत्र्तव्य है। मतदाताओं को जागरूक करने के लिए नोएडा में सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाया जा रहा है।

नोएडा के संगठनों ने किया कार्यक्रम

नोएडा के वोटर्स को जागरूक करने के मकसद से मंगलवार को नोएडा शहर के सेक्टर-31 में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नोएडा में स्थित IMA के भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में रोटरी क्लब नोएडा, आईएमए, भारत विकास परिषद तथा नोएडा की प्रसिद्ध संस्था फोनरवा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा नोएडा शहर के गणमान्य नागरिक एकत्रित हुए। नोएडा में हुए इस अनोखे कार्यक्रम में अधिक से अधिक मतदान करने तथा कराने की प्रतिज्ञा ली गई। इस कार्यक्रम में नोएडा क्षेत्र के सांसद  डा. महेश शर्मा, फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, नोएडा के समाजसेवी त्रिलोक शर्मा, इस आयोजन के आयोजक डा. वी.पी. सिंह, डा. एस.पी. शर्मा, डा. सुनील अवाना, अनिल अग्रवाल, नोएडा प्राधिकरण के पूर्व CEO देवदत्त शर्मा, आशुतोष सिंघल, डा. एन.के. शर्मा, सुधीर मिडढा, हरीश वर्मा, रविकांत मिश्रा, संजय गुप्ता, नरेन्द्र चौपड़ा, नोएडा पंजाबी एकता समिति के पदाधिकारीगण तथा संजय चौहान आदि नोएडा के सामाजिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए।

हर गांव, गली तथा मोहल्ले में वोट मांग रहे हैं राजेंद्र सिंह सोलंकी

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बड़ी खबर : 35 साल से शादीशुदा है रवि किशन पर आरोप लगाने वाली महिला, FIR दर्ज

चेतना मंच |

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी और सांसद रवि किशन पर आरोप लगाने महिला के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद और प्रत्याशी रवि किशन की पत्नी ने पुलिस से ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी। प्रीति शुक्ला ने अपनी शिकायत में कहा कि एक साल पहले भी इस महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की शिकायत मुंबई पुलिस से की थी।

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पत्नी प्रीति शुक्ला ने कराया मामला दर्ज

भारतीय जनता पार्टी के सांसद और प्रत्याशी रवि किशन की पत्नी प्रीति शुक्ला ने इस साजिश में समाजवादी पार्टी के एक नेता का हाथ होने का आरोप लगाया है। सपा पदाधिकारी विवेक और एक यूट्यूबर खुर्शीद खान साजिश के मुख्य कर्ताधर्ता बताए जा रहे हैं। महिला अपर्णा सोनी के पति, बेटी और बेटा भी इस मामले में आरोपी बनाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी महिला अपर्णा 35 साल से शादीशुदा है। लोकसभा चुनाव के समय आरोप लगवाकर चुनाव लड़ रहे रवि किशन की छवि खराब करने की साजिश थी। आरोप लगाने वाली महिला अपर्णा सोनी के पति, बेटी और बेटा भी इस मामले में आरोपी हैं। अपर्णा 35 साल से शादीशुदा हैं।

महिला ने लगाया था आरोप

आपको बता दें कि महाराष्ट्र निवासी अपर्णा सोनी नाम की महिला ने भाजपा लोकसभा प्रत्याशी रवि किशन पर आरोप लगाते हुए उन्हें अपना पति बताया था। महिला ने कहा था कि उसकी और रवि किशन की शादी हुई थी और एक बच्ची भी है। बीते एक साल से रवि उसके संपर्क में नहीं हैं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। महिला ने कहा था कि वो चाहती है कि रवि उसको अपनाएं और बेटी को पिता के रूप में अपना नाम दें।

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उत्तर प्रदेश के इस बेटे पर सबको नाज़, गरीबी में संघर्ष कर UPSC किया क्रैक

चेतना मंच |

UP News : देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC में सफलता हासिल करने वाले लोगों की कहानियां देश के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बन रही है। उत्तर प्रदेश के ऐसे ही एक बेटे पर आज पूरा देश नाज कर रहा है। इस बेटे ने गरीबी में कड़ा संघर्ष कर UPSC-2023 की परीक्षा उत्तीर्ण कर 239 ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मजदूर के बेटे पवन कुमार के संघर्ष की कहानी आज सबकी जुबान पर है।

परीक्षा कठिन पर पास करना असंभव नहीं

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के गांव रघुनाथपुर निवासी पवन कुमार ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा-2023 के घोषित परिणाम में 239वीं रैंक प्राप्त कर उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। पवन की इस सफलता पर परिजनों में खुशी की लहर है। साथ ही उसे बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अपनी इस उपलब्धि पर पवन कुमार कहते हैं कि ये मेरा तीसरा प्रयास था, मेरी यात्रा में मेरे परिवार की बहुत बड़ी भूमिका है। खासकर मेरे माता-पिता व मेरी बहनों की। परीक्षा कठिन है और सिलेबस बहुत बड़ा है, लेकिन इसे पास करना असंभव नहीं है। पवन कुमार का मानना है कि कोचिंग लेना जरूरी नहीं, सेल्फ स्टडी से इस कठिन परीक्षा को पास किया जा सकता है। पवन ने बताया कि उनके परिवार की हालत ऐसी नहीं थी कि इतनी महंगी कोचिंग क्लास ले सकें। इसलिए वह ज्यादातर सेल्फ स्टडी करते थे और इंटरनेट की मदद लेते थे। उनका कहना है कि ईमानदारी के साथ आगे बढ़े और दृढ़ता के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।  पवन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बहनों को दिया है।

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पिता बोले सपना पूरा हुआ

UPSC-2023 में सफलता हासिल करने वाले पवन कुमार के पिता किसान है और माता सुमन देवी गृहणी है। उनकी चार बहने हैं। सबसे बड़ी बहन गोल्डी बीए की परीक्षा के बाद एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं। दूसरी बहन सृष्टि वर्तमान में बीए की परीक्षा दे रही है। सबसे छोटी बहन सोनिया कक्षा 12 की पढ़ाई कर रही है। पिता मुकेश कुमार ने अपने पुत्र की कामयाबी पर खुशी जताते हुए कहा कि मेरा सपना पूरा हो गया। पवन ने 2017 में नवोदय स्कूल से इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद इलाहाबाद से बीए की परीक्षा पास की थी।

फूस की छत है जो बारिश में टपकती थी

UPSC-2023 परीक्षा पास करने वाले पवन कुमार की माता सुमन देवी बेटे की इस सफलता पर बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि हमें अच्छा लग रहा है कि हमें यह दिन देखने को मिला। हमारे पास फूस की छत है जो बारिश में टपकती थी इससे हमे बहुत परेशानी हुई। हमारे पास पैसे नहीं है, हम गैस सिलेडर खरीदने में सक्षम नहीं है इसलिए अभी भी स्टोव का प्रयोग करते हैं । मैंने एक मजदूर के रूप में कड़ी मेहनत की है। सुमन देवी ने बताया कि उनका बेटा पवन कुमार मोबाइल का उपयोग करके घर में चुप-चाप पढ़ाई करता था।

खास जानकारी : उत्तर प्रदेश की एक बेटी ने रच दिया नया इतिहास

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इस फेमस साउथ एक्टर के पास है करोड़ो की घड़ी, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

चेतना मंच |

South Star Most Expensive wristwatch: RRR के स्टार अभिनेता जूनियर एनटीआर के बारें में आज कौन नहीं जानता। उन्होंने अपने काम से लोगों के दिलों पर राज किया। साउथ सिनेमा हो या बॉलीवुड हर कोई उन्हें नाटो-नाटो गाने से पहचानने लगा है। लेकिन आज हम आपको उनके बारें ऐसी बात बताने जा रहे है, जिसके बारें उनके फैंस कम जानते है।

South Star Most Expensive wristwatch

दऱअसल साउथ फिल्म स्टार जूनियर एनटीआर जिस तरह अपनी फिल्मों में धमाल मचाते है, असल लाइफ में भी वो उतनी लग्जरी लाइफ जिना पंसद करते है। उन्हें मंहगी घड़ी रखने का भी शौक है। हाल ही में जूनियर एनटीआर को ऋतिक रोशन की ‘वॉर 2’ की शूटिंग के लिए मुंबई जाते देखा गया था। उन्होंने मुंबई के कलिना हवाई अड्डे पर अपनी उपस्थिति के दौरान अपनी कीमती घड़ी रिचर्ड मिल को प्लॉन्ट किया था।

साउथ सुपर स्टार का वीडियो वायरल

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पैपराजी अकाउंट द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में, ‘आरआरआर’ अभिनेता एक ग्रे डोल्से और गब्बाना शर्ट, काली टोपी, धूप का चश्मा और एक आकर्षक रिचर्ड मिल्ली कलाई घड़ी में दिखाई दे रहे हैं। खबरों के मुताबिक जूनियर एनटीआर को इससे पहले 1.37 करोड़ रुपये की एक और प्रीमियम घड़ी पहने देखा गया था जो कि पटेक फिलिप ब्रांड की थी। लेकिन हाल ही में वे 8.7 यानी लगभग 9 करोड़ रुपए की घड़ी पहने देखे गए थे।

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महंगी गाड़ियों का रखते है शौक

इसके अलावा ‘आरआरआर’ स्टार के पास लेम्बोर्गिनी उरुस से लेकर पोर्शे तक का एक शानदार कार कलेक्शन भी है। वो मर्सिडीज-बेंज जीएलएस, रेंज रोवर वोग और बीएमडब्ल्यू 7-सीरीज के भी मालिक है।

नेटवर्थ जानकार उड़ जाएंगे होश

मिली जानकारी के अनुसार जूनियर एनटीआर की नेटवर्थ 571 रुपए से ज्यादा है। अभिनेता पहले एक फिल्म से 40 करोड़ लेते थे और उन्होंने आरआरआर के लिए 45 करोड़ मांगे थे, लेकिन अब उनका फीस चार्ज बढ़ गया है। जूनियर एनटीआर अब एक फिल्म से 50 से 100 करोड़ रुपए कमा लेते है। फिल्म का बजट कम है तो 50 और ज्यादा है वो 100 करोड़ रुपए ले रहे हैं। South Star Most Expensive wristwatch

इस जगह रोज हवा में उड़ रहा 5 लाख का सोना, लेकिन इसे ले पाना मुश्किल, जाने क्यों?

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अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा, 10 लोगों की मौत

चेतना मंच |

Gujarat News : गुजरात से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां अहमदाबाद वडोदरा एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक कार पीछे से एक ट्रेलर में घुस गई। इस हादसे में कार सवार 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बाताया जा रहा है कि कार लोग वडोदरा से अहमदाबाद जा रहे थे।

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नडियाद के पास हुई घटना

ये बड़ा सड़क हादसा अहमदाबाद वडोदरा एक्सप्रेसवे पर नडियाद के पास हुआ है। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार 10 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दौरान एक अन्‍य शख्स की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के कारण हाइवे पर जाम लग गया। हादसा होते ही लोगों की सूचना के बाद मौके पर 108 की दो एंबुलेंस पहुंचीं और साथ ही एक्सप्रेस हाईवे गश्ती दल भी राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गया था। हादसे के चलते एक्सप्रेसवे पर जाम लग गया था। फिलहाल राहत और बचाव का कार्य किया जा रहा है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

यह हादसा क्‍यों हुआ, इसकी वजह क्‍या है, यह अबतक साफ नहीं हो सका है। क्‍या कार के ब्रेक फेल हो गए थे या फिर ड्राइवर को झपकी आ गई थी। यह वो सवाल हैं जिनका पता लगाने का प्रयास पुलिस कर रही है। शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। लापरवाही ही धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। आपको बता दें कि फिहाल पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्‍या यह ट्रेलर सड़क पर खड़ा हुआ था या‍ फिर चलते ट्रेलर को कार ने पीछे से टक्‍कर मारी है। कार में सवार सभी लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में अब कार की जांच कर ब्रेक फेल होने के पहलू का पता लगाया जाएगा।

सबसे अधिक बार सांसद बनने वाले नेता का नाम बताएं? बताने वाला माना जाएगा इंटेलिजेंट

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हर गांव, गली तथा मोहल्ले में वोट मांग रहे हैं राजेंद्र सिंह सोलंकी

चेतना मंच |

Noida News : नोएडा (गौतमबुद्धनगर) लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। श्री सोलंकी अपनी पार्टी के नेताओं को साथ लेकर नोएडा से खुर्जा तक हर गांव, गली तथा मोहल्ले में जाकर वोट मांग रहे हैं। इस दौरान बसपा प्रत्याशी क्षेत्र के संपूर्ण विकास का वायदा करके वोट मांगते हुए नजर आ रहे हैं।

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खुर्जा क्षेत्र में मांगे वोट

नोएडा सीट से बसपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी ने बुधवार को खुर्जा क्षेत्र के विभिन्न गांव का भ्रमण करके वोट मांगे। इस दौरान श्री सोलंकी खुर्जा विधानसभा क्षेत्र के गांव चाचरी, सिरियाल, नार मोहम्मदपुर, भुनंना, जाटान, नेकपुर, जवां, माचड, कलाखुरी, उदयपुर, छपना, डासौली, इब्राहिमपुर तथा गोठनी आदि गांव में वोट मांगते हुए नजर आए। उनके साथ बसपा के नेता तथा बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी थे।

दादरी में मांगे वोट

इससे पहले मंगलवार को बसपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी ने दादरी विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया था। इस दौरान श्री सोलंकी ने दादरी क्षेत्र के धूम मानिकपुर, आमका, दादरी नगर, बिसाहडा, राजतपुर, ढोकलपुरा, पियावली, रसूलपुर, ततारपुर, सिदीपुर, ऊंचा गांव तथा खंडेड़ा गांव में वोट मांगे थे। बसपा के प्रवक्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को बसपा प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी नोएडा विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण करके अपने लिए वोट देने की अपील करेंगे।

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बसपा द्वारा जारी किए गए प्रोग्राम के अनुसार बृहस्पतिवार को राजेंद्र सिंह सोलंकी नोएडा क्षेत्र के गांव गढ़ी (कोंडलीवाली) कोंडली, बादोली, झट्टा, मोहियापुर, गुलावली, मंगरोली, छपरौली, वाजिदपुर, नंगली, रोहिल्लापुर, शहापुर, सुल्तानपुर, गढ़ी शहापुर, असगरपुर, रायपुर, बरोला, छलेरा, सदरपुर, गिझोड, चौड़ा रघुनाथपुर तथा ममुरा गांव में जनसंपर्क करके वोट मांगेंगे।

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यूपी बोर्ड का रिजल्ट इस डेट को हो सकता है जारी, जानें क्या है नई अपडेट्स

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इस जगह रोज हवा में उड़ रहा 5 लाख का सोना, लेकिन इसे ले पाना मुश्किल, जाने क्यों?

चेतना मंच |

Gold News :  सोने (Gold) को दुनिया की सबसे कीमती धातु माना जाता है। क्योंकि इसके आभूषण बनाने में काफी मेहनत लगती है। वैसे तो सोना खदानों से निकाला जाता है, लेकिन आज हम बताएंगे दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जहां रोज 5 लाख सोना हवा में उड़ रहा है। इस जगह पहुंच पाना इतना आसान नहीं है, जितना आप सोच रहे है।

Gold News

दरअसल न्‍यूयॉर्क पोस्‍ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अंटार्कटिका में माउंट एरेबस नाम का एक ज्‍वालामुखी है, जो रोजाना लगभग 80 ग्राम क्रिस्टलीकृत सोने से युक्त गैस को एटमॉस्फेयर में छोड़ जा रहा है। इसकी कीमत अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में 6000 डॉलर यानी लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है, लेकिन आपको यह भी बता दें कि  आपको वहां पहुंचना इतना आसान नहीं है, क्योंकि यह इलाका धरती के सबसे दक्ष‍िण में मौजूद ज्‍वालामुखी स्पिवर से 621 मील दूर है। यह पूरी तरह बर्फ से ढंका हुआ है और12,448 फीट की ऊंचाई पर है।

ज्‍वालामुखी से लगातार गैस निकल रही है

आपको बता दें कि नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन अर्थ ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, यहां बर्फीले ज्‍वालामुखी से लगातार गैस निकल रही है, जिसमें सोने के अलावा और भी कई कीमती धातुएं मिली हुई है। बीच-बीच में तो कभी, कभी यह चट्टान भी छोड़ता है। इस बारें में न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर कॉनर बेकन ने लाइव साइंस को बताया , एरेबस ज्‍वालामुखी 1972 से लगातार विस्फोट हो रहा है। इसके शिखर में लावा भरा हुआ है, जो इसकी सतह पर पिघले पदार्थों को मिक्स करके बनाया है। यह वास्तव में काफी दुर्लभ है। बर्फ से ढंके होने के बावजूद यह सतह कभी नहीं जमती है।

यहां पल-पल आते हैं भूकंप

दऱअसल बेकन के मुताबिक, एरेबस और डिसेप्‍शन द्वीप के बारे में पता लगाना बहुत दिक्कत की बात है। क्योंकि   यहां पहुंचते ही तमाम उपकरण काम नहीं करते। यहां पल-पल भूकंप आते रहते है। कुछ महीनों पहले वैज्ञानिकों को यहां बर्फ के नीचे खारे पानी की नदी मिली थी, जो तकरीबन एक किलोमीटर फैली हुई है। नदी बनने के पीछे मान्‍यता है कि करीब 7000 से 5000 साल पहले जब समुद्र यहां हुआ करता था, तो उसका पानी तेजी से तलछटों में समा गया। बाद में यह बर्फ से घुल कर मिल गया। साइंटिस्‍ट सालों से इस जगह की खोज करने में लगे है,  जिसमें कई चौंकने वाले खुलासे सामने आये हैं। Gold News

शख्स ने जिस कंपनी में बिताए 33 साल, एक ही झटके में निकाल दिया, जानें क्यों?

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खास जानकारी : उत्तर प्रदेश की एक बेटी ने रच दिया नया इतिहास

चेतना मंच |

UP News : उत्तर प्रदेश की एक लाड़ली बेटी ने नया इतिहास रच दिया है। इतिहास भी ऐसा जिसे शायद ही कभी बदला जा सके। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की रहने वाली एक बेटी ने अनोखा रिकार्ड बनाकर पूरे देश में नया इतिहास बनाया है। उत्तर प्रदेश की इस लाडली बेटी के ऊपर अब हर कोई गर्व कर रहा है। हम आपको बता रहे हैं उत्तर प्रदेश की एक बेटी के द्वारा नया इतिहास बनाने का पूरा ब्यौरा।

उत्तर प्रदेश की बेटी इशिता ने रचा इतिहास

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की रहने वाली इशिता ने नया इतिहास बनाया है। दरअसल उत्तर प्रदेश की इस लाडली बेटी ने महज 22 वर्ष की उम्र में वह कारनामा कर दिया है जो बड़े-बड़े नहीं कर पाते हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की मूल निवासी इशिता गुप्ता ने महज 22 वर्ष की उम्र में UPSC की परीक्षा पास करके IAS अफसर बनने का रिकार्ड कामय किया है। इतनी कम उम्र में IAS अफसर बनने वाली इशिता गुप्ता UPSC की परीक्षा के इतिहास में दूसरी सबसे कम उम्र की अभ्यार्थी हैं। इससे पहले UPSC की परीक्षा में वर्ष-2016 में महाराष्ट्र प्रदेश के मराठवाडा क्षेत्र में रहने वाले अंसार शेख ने इतिहास बनाया था। अंसार शेख यूपीएससी.-2016 की परीक्षा पास करके मात्र 21 साल की उम्र में IAS अफसर बन गए थे। अब 22 साल की उम्र में UPSC की परीक्षा पास करने का इतिहास उत्तर प्रदेश की बेटी इशिता गुप्ता ने बना दिया है।

कौन है उत्तर प्रदेश की बेटी इशिता गुप्ता

आपको बता देेते हैं कि यूपीएससी-2023 के मंगलवार को घोषित परीक्षा परिणाम में उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की इशिता गुप्ता ने महज 22 साल की उम्र में दूसरे प्रयास में ही सफलता हासिल कर ली है। उन्हें 154वीं रैंक मिली है।

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उत्तर प्रदेश के हरदोई शहर के चिकित्सक दंपती डॉ. आरपी गुप्ता और डॉ. अंजू गुप्ता की पुत्री इशिता गुप्ता ने हाईस्कूल की पढ़ाई शहर के ही सेंट जेवियर्स स्कूल से की है। 10वीं में उन्हें 10सीजीपीए मिला था, जबकि 12वीं की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली के बसंतकुंज में स्थित डीपीएस से पूरी की। तब उन्हें 96 फीसदी अंक मिले थे। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ गर्ल्स कॉलेज से अर्थशास्त्र विषय से पूरी की है।

उत्तर प्रदेश की बेटी इशिता गुप्ता ने परास्नातक नहीं किया है बल्कि स्नातक की पढ़ाई के बाद ही वह यूपीएससी की तैयारी में लग गई थीं। पहले प्रयास में वह प्री में तो पास हो गई थीं, लेकिन आगे सफलता नहीं मिली थी। दूसरे प्रयास में ही उन्हें सफलता मिल गई है। इशिता ने बताया कि उन्होंने हरदोई में नघेटा रोड स्थित घर पर ही रहकर ऑनलाइन कोचिंग की और लगभग 10 घंटे रोज पढ़ाई करके यह मुकाम हासिल किया है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश की बेटी इशिता गुप्ता का कहना है कि लक्ष्य के प्रति खुद से ईमानदारी होना जरूरी है। अपनी मेहनत अपने लक्ष्य के हिसाब से करें। मेहनत के साथ साथ खुद के प्रति हर हाल में ईमानदार रहें। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि जो लोग शुरूआत की पढ़ाई में मेधावी नहीं रहते वह आगे प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल न हों। लगन मेहनत और ईमानदारी से परिणाम हमेशा पक्ष में ही आता है। अब आप समझ गए होंगे कि उत्तर प्रदेश की इस बेटी ने कैसे रचा है नया इतिहास ।

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जल्द 1 लाख के पार होगा सोना का दाम! बताई जा रही ये वजह

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सबसे अधिक बार सांसद बनने वाले नेता का नाम बताएं? बताने वाला माना जाएगा इंटेलिजेंट

चेतना मंच |

Lok Sabha : भारत में लोकसभा (Lok Sabha) का आम चुनाव चल रहा है। लोकसभा (Lok Sabha) के चुनाव के बीच भारत की लोकसभा का इतिहास भी खूब प्रकाश में आ रहा है। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि भारत में लोकसभा (Lok Sabha) के चुनाव को जीतकर सबसे अधिक बार कौन सा नेता सांसद बना है? इस सवाल का ठीक उत्तर देने वाला ना केवल इंटेलिजेंट माना जाएगा बल्कि उत्तर देने वाला का सामान्य ज्ञान भी सर्वश्रेष्ठ माना जाएगा।

Lok Sabha

क्या है आपका उत्तर ?

भारत में सबसे अधिक बार लोकसभा (Lok Sabha) का चुनाव जीतकर सांसद बनने वाले नेता का क्या नाम है? इस प्रश्न के उत्तर में यदि आपका जवाब इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी अथवा चौधरी चरण सिंह है तो आपका उत्तर सरासर गलत है। हम आपको बताते हैं कि भारत में सबसे अधिक बार लोकसभा (Lok Sabha) का चुनाव जीतने वाले नेता का क्या नाम है? इस नेता के नाम पर हैं सबसे अधिक बार चुनाव जीतने का रिकार्ड।

आपको बता दें कि भारत में सबसे अधिक बार लोकसभा (Lok Sabha) का चुनाव जीतकर सबसे अधिक बार सांसद बनने वाले नेता का नाम इंद्रजीत गुप्ता है। भारत में सबसे ज्यादा लोकसभा चु्नाव जीतकर सांसद बनने का रिकॉर्ड आज तक इंद्रजीत गुप्ता के नाम पर है। इंद्रजीत गुप्ता ने 11 बार लोकसभा चुनाव जीता और सांसद बने। यह रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है। अपने जीवन के 60 साल उन्होंने सांसद के रूप में गुजारे। इंद्रजीत गुप्ता पश्चिम बंगाल से सीपीआई पार्टी के नेता थे। इंद्रजीत गुप्ता ने अपने जीवन में 12 बार लोकसभा चुनाव लड़ा। इसमें से सिर्फ एक बार उनकी हार हुई।  उन्होंने पहली बार 1962 में चुनाव जीता था।  उसके बाद वह अपने निधन तक सांसद बने रहे।  सिर्फ 1977 के चुनाव में उन्हें हार मिली।  इंद्रजीत गुप्ता ने बशीरहाट, कोलकाता, मिदनापुर और अलीपुर लोकसभा सीट से अलग-अलग बार चुनाव लड़ा और विजयी भी हुए।  वह पहले ऐसे सीपीआई नेता थे जो देश के गृहमंत्री भी बने।

दूसर नंबर है अटल बिहारी वाजपेयी का

भारत में सबसे अधिक बार लोकसभा का चुनाव जीतने वाली सूची में दूसरा नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का है। अटल बिहारी वाजपेयी ने 10 बार लोकसभा चुनाव जीते हैं. लेकिन उनके नाम 12 बार सांसद बनने का रिकॉर्ड है. क्योंकि वह दो बार राज्यसभा सदस्य भी रहे हैं। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव जीतने वाले नेताओं की सूची में अटल जी दूसरे नंबर पर हैं. अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने जीवन काल में छह लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बलरामपुर, गुजरात के गांधीनगर, एमपी के ग्वालियर और विदिशा और दिल्ली की नई दिल्ली संसदीय सीट से चुनाव लडक़र लोकसभा पहुंचे थे। अलग-अलग राज्यों की इतनी सीटों से चुनाव लडक़र जीतने वाले वे अकेले शख्स हैं। यह रिकॉर्ड भी अबतक नहीं टूट सका है।

तीसरा नाम है सोमनाथ चटर्जी का

अटल बिहारी वाजपेई के बाद सोमनाथ चटर्जी दूसरे ऐसे नेता हैं, जिन्होंने 10 बार लोकसभा चुनाव जीता और सांसद बने। उन्होंने पश्चिम बंगाल की बर्दमान लोकसभा सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था। इसके बाद वह बोलपुर से छह बार सांसद चुने गए. सोमनाथ चटर्जी ने पूरी जिंदगी 11 बार चुनावी मैदान में उतरे और सिर्फ एक बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सोमनाथ चटर्जी ने जाधवपुर से भी चुनाव लड़ा और तीन बार वहां के एमपी रहे। 1984 में ममता बनर्जी ने उन्हें यहां एक बार चुनाव में हराया था. इसके अलावा हर बार सोमनाथ चटर्जी को लोकसभा चुनाव में जीत हासिल हुई. सोमनाथ चटर्जी शुरुआती दिनों में पेशे से वकील थे। बाद में वह सीपीआईएम के साथ जुडक़र राजनीति में सक्रिय हुए।

पीएम सईद 10 बार जीते

भारत के लक्षद्वीप से कांग्रेस से सांसद रहे पीएम सईद भी दस बार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचने वालों में से एक हैं। उन्होंने पहली बार 1967 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीता था। इसके बाद वह लगातार कांग्रेस की टिकट पर यहां से चुनाव लड़े और जीतते भी रहे। आखिरी बार पीएम सईद ने लक्षद्वीप से 1999 में जीत हासिल की थी।

दहाई अंक में जीत दर्ज करने वाले चार नेताओं के बाद सिंगल डिजिट में अधिकतम यानी 9 बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले नेता भी गिने चुने ही हैं। इसमें पहला नाम बिहार के रामविलास पासवान का आता है। रामविलास पासवान आठ बार हाजीपुर सीट से ही चुनाव जीते। सिर्फ एक बार रोसड़ा से उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. रामविलास पासवान पहली बार 1977 में सांसद बने थे। इनके अलावा बंगाल के नेता माकपा के वासुदेव आचार्य, महाराष्ट्र के माणिक राव होदिथा, ओडिशा के गिरधर गोमांग, मध्य प्रदेश के माधव राव सिंधिया और ओडिशा से ही खगपती प्रधानी के नाम भी नौ बार लोकसभा चुनाव जीतने वालों में से हैं। Lok Sabha

स्वामी रामदेव बोल रहे हैं कि माफी दे दो, नहीं मिल रही है माफी

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जल्द 1 लाख के पार होगा सोना का दाम! बताई जा रही ये वजह

चेतना मंच |

Gold Price Rise : शादियों के सीजन की शुरुआत से पहले वैश्विक घटनाक्रमों के बीच सोने की कीमतें नए मुकाम पर पहुंचती जा रही हैं। सोने के दाम तूफान की तेजी से बढ़ रहे हैं, जो अब 74 हजार के करीब पहुंच गए हैं। फिलहाल इनके कम होने की भी कोई उम्मीद नहीं लगाई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार अभी सोने के दाम और बढेंगे जिनमें 25 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।

6 से 18 महीने में और बढेंगे दाम

हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों को लेकर अनुमान जारी किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव लगभग 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है और पीली धातु की तेज रफ्तार को देखते हुए ऐसा सिर्फ 6 से 18 महीने में देखने को मिल सकता है। साफ शब्दों में कहें तो सोने की बढ़ती कीमतों से लोगों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली है।

3,000 डॉलर तक पहुंच सकता है आउंस

जानकारी के अनुसार मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने का वायदा भाव सुबह तेजी से बढ़ता नजर आ रहा था और 2 हजार 371.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। रिपोर्ट की मानें तो पिछले 19 दिनों में से 16 दिन लगातार सोने की कीमत बढ़ी है और इसमें 15 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। वहीं आने वाले 6-18 महीने में Gold Price में 25 फीसदी तक का उछाल देखने को मिल सकता है। साल 2024 की दूसरी छमाही में यह 2,500 डॉलर प्रति औंस के पार निकल जाएगा। बताया जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रेट कट और ट्रेजरी रैली से सोना 3,000 डॉलर प्रति आउंस तक पहुंच सकता है।

इतने पहुंच सकते हैं सोने के दाम

गौरतलब है कि 1 औंस में करीब 28 ग्राम होता है और इस हिसाब से देखें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब 1 औंस सोने की कीमत 2,300 डॉलर के आस-पास है, तब भारत में फिलहाल 10 ग्राम सोने का भाव करीब 73,300 के करीब है। इस हिसाब से एक तोला Gold लगभग 87,000 रुपये का होता है। ऐसे में 1 औंस या 28 ग्राम सोने की कीमत 1.8 लाख रुपये के आसपास होती है। वहीं रिपोर्ट में जो अनुमान जताया जा रहा है, उसके मुताबिक अगर सोने का भाव 3000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचता है, तो भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1,00,000 रुपये के पार पहुंच जाएगी।

ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते बढ़े दाम

जारी हुई बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोने पर महंगाई छाई है और पिछले 3 महीने में 16 फीसदी की जो तेजी आई है, उसमें बीते डेढ़ महीने के दौरान इसकी कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ी है। जानकारी के अनुसार मुख्य रूप से हाल ही में ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते भू-राजनैतिक हालात जिस तरह बदले हैं, पीली धातु नई ऊंचाई को छू रही है। कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह ने कहा कि संघर्ष में शामिल देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सोने की कीमत की गतिशीलता अत्यधिक अप्रत्याशित बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि इन सभी वजहों के चलते विश्लेषकों को उम्मीद है कि अभी सोने के दाम में और तेजी आएगी, क्योंकि लोन सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड में निवेश को अहमियत दे रहे हैं। वहीं अब उम्मीद लगाई जा रही है कि आने वाले महीनों में सोना के दाम और बढ़ सकते हैं।

स्वामी रामदेव बोल रहे हैं कि माफी दे दो, नहीं मिल रही है माफी

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शख्स ने जिस कंपनी में बिताए 33 साल, एक ही झटके में निकाल दिया, जानें क्यों?

चेतना मंच |

Microsoft employee :  अक्सर ऐसा होता है कि कुछ साल कपंनी में काम करने के बाद उसे छोड़ना थोड़ा मुश्किल होता है। क्योंकि इसकी सबसे बड़ी वजह होता है कंफर्ट जोन, कलीग्स से अच्छा कॉर्डिनेशन, हमेशा अच्छा इंक्रीमेंट और काम की तारीफ। जिसके बाद आपको उस जगह को छोड़ने में दुखद होता है। कुछ ऐसा ही एक शख्स के साथ हुआ जिसके बारें में उसने लिंक्डइन पर अपनी दुखभरी कहानी शेयर की है।

Microsoft employee

दऱअसल एक वर्कर को अपनी कंपनी में काम करते-करते पूरे 33 साल हो गए थे। लेकिन कंपनी ने उसे एक झटके में निकाल दिया। शख्स ने बिना किसी खास शिकायत के लिंक्डइन पर एक दुखद पोस्ट लिखा।

 क्या है पूरी कहानी?

आपकी जानकारी के लिए बता दें Jeff Bogdan नाम के एक शख्स ने अपने बारें कुछ बातें लिखी और अपने काम का एक्सपीरियंस शेयर किया। बता दें कि Jeff Bogdan ने लिखा- माइक्रोसॉफ्ट के साथ मेरा 33 साल का अद्भुत सफर फरवरी में खत्म हो गया जब मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। मैंने यहां अपने आखिरी दो हफ्ते ठीक से अलविदा कहने की कोशिश में बिताए । इसके बाद आधा समय परिवार के साथ और आधा समय अकेले चिंतन में बिताया।

उन्होंने आगे कहा, मेरा पूरा माइक्रोसॉफ्ट करियर एक अविश्वसनीय सफर रहा है। जिन तीन प्रोडक्ट्स पर मुझे गर्व है, वे हैं विंडोज फोन, ज़्यून और विंडोज 95। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ा भुगतान इन पिछले दो सालों में मिला जब मैंने लर्निंग एंड डेव्लप्मेंट रोल के लिए कोशिश की और उसे हासिल किया।” मेरा आधार यह था कि पूरे संगठन में ‘सब कुछ सीखो’ मानसिकता को सफलतापूर्वक फैलाने के बाद,’सब कुछ सिखाओ’ मानसिकता फैलाने का समय आ गया है।

Jeff Bogdan ने इस बारें में आगे बताया- इसके बाद हुआ ऐसा कि मुझे एचआर द्वारा एलएंडडी के लिए हब और स्पोक मॉडल को अपनाए जाने के चलते नौकरी से निकाल दिया गया। अपनी नौकरी खोने के बाद, बोगदान ने माइक्रोसॉफ्ट में अपना अनुभव शेयर करने के लिए लिंक्डइन का साहरा लिया। इस पोस्ट को 15 अप्रैल को शेयर किया गया था। पोस्ट किए जाने के बाद से इसे करीब 3,000 लाइक्स और कई कमेंट्स मिल चुके हैं।

Microsoft employee

उत्तर प्रदेश सरकार का अनोखा प्रयोग, रोके जांएगे हादसे

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स्वामी रामदेव बोल रहे हैं कि माफी दे दो, नहीं मिल रही है माफी

चेतना मंच |

Swami Ramdev : योग गुरू से उद्योगपति बने स्वामी रामदेव चिल्ला-चिल्लाकर माफी मांग रहे हैं। स्वामी रामदेव बार-बार बोल रहे हैं कि माफी दे दो- माफी दे दो किन्तु बार-बार बोलने पर भी स्वामी रामदेव को माफी नहीं मिल रही है। हो सकता है कि आपको पता ही ना हो कि स्वामी रामदेव का माफी मांगने वाला यह मामला क्या है? हम यहां विस्तार से बता रहे हैं कि स्वामी रामदेव का यह माफी वाला मामला दरअसल है क्या ?

Swami Ramdev

योग गुरू से उद्योगपति बने स्वामी रामदेव का

स्वामी रामदेव को सब जानते हैं। स्वामी रामदेव एक योग गुरू हैं। योग से प्रसिद्ध हासिल करने के बाद उन्होंने पतंजलि क नाम से कंपनी खोली थी। स्वामी रामदेव की पतंजलि कंपनी भारत में आयुर्वेद की सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है। स्वामी रामदेव का दावा है कि वें पतंजलि को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनाएंगे। इसी पतंजलि कंपनी से जुड़ा हआ है स्वामी रामदेव का ताजा विवाद। पतंजलि कंपनी में स्वामी रामदेव के पार्टनर हैं बालकृष्ण शास्त्री। बाल कृष्ण शास्त्री भी स्वामी रामदेव के साथ माफीनामे के विवाद में घिरे हुए हैं। योग गुरू से उद्योगपति बने स्वामी रामदेव का माफी वाला मामला दिलचस्प मामला है।

IMA से जुड़ा हुआ है यह मामला

दरअसल भारत की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है. ये याचिका 17 अगस्त 2022 को सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी. इसमें कहा गया था कि पतंजलि ने कोविड वैक्सीनेशन और एलोपैथी के खिलाफ नकारात्मक प्रचार किया और खुद की आयुर्वेदिक दवाओं से कुछ बीमारियों के इलाज का झूठा दावा किया है. आरोप लगाया कि विज्ञापन में यह दिखाया गया कि पतंजलि प्रोडक्ट कोविड वायरस समेत कुछ बीमारियों और बीमारियों को पूरी तरह और स्थायी तौर पर ठीक कर सकते हैं. इतना ही नहीं, आधुनिक चिकित्सा और कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम के खिलाफ पतंजलि आयुर्वेद ने अपमानजनक अभियान चलाया। आईएमए ने अपनी याचिका में पतंजलि पर दो कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया गया है। इसमें ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट 1954 और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 का जिक्र है। ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट में प्रावधान है कि किसी भी बीमारी को बिना साइंटिफिक प्रूफ के पूरी तरह ठीक करने का दावा करना गलत और भ्रामक है और यह कानून का उल्लंघन है. कंज्यूमर प्रोटेशन एक्ट में प्रावधान है कि कोई कंपनी झूठा या भ्रामक प्रचार नहीं कर सकती है। अगर वो ऐसा करती है और वो उपभोक्ता के हित के खिलाफ है तो यह कानून के उल्लंघन के दायरे में आता है। दरअसल, पतंजलि ने प्रिंट मीडिया में कुछ विज्ञापन जारी किए थे। इन विज्ञापनों में डायबिटीज और अस्थमा को ‘पूरी तरह से ठीक’ करने का दावा किया था। इसी मामले से माफी का यह प्रकरण जुड़ा हुआ है।

नाराज हो गया था सुप्रीम कोर्ट

दरससल सुप्रीम कोर्ट में अदालत में दो अलग-अलग हलफनामे दायर किए गए हैं। एक हफलनामे में रामदेव और बालकृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल 21 नवंबर के आदेश के बाद बयानबाजी करने पर माफी मांगी है. अदालत को दिए गए आश्वासनों के बावजूद पालन ना करने और उसके बाद दोनों द्वारा मीडिया में दिए गए बयानों से पीठ नाराज हो गई थी. बाद में कोर्ट ने नोटिस जारी कर यह बताने के लिए कहा था कि क्यों ना उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए? इससे पहले 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की थी और बिना शर्त माफी मांगने वाले हलफनामे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापनों के मुद्दे पर ढिलाई बरतने के लिए उत्तराखंड के लाइसेंसिंग अथॉरिटी को कड़ी फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अमानुल्लाह ने 21 नवंबर 2023 को सुनवाई के दौरान कहा था, पतंजलि को सभी भ्रामक दावा करने वाले विज्ञापनों को तुरंत बंद करना होगा. कोर्ट का कहना था कि ऐसे किसी भी उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा और हर एक प्रोडक्ट के झूठे दावे पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। जस्टिस कोहली ने पिछले साल 21 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर रामदेव से सवाल पूछा. सुनवाई के दौरान रामदेव ने कहा कि उनका इरादा कभी भी किसी भी तरह से कोर्ट का अनादर करने का नहीं था. उस वक्त हमने जो किया, वो नहीं करना चाहिए था। भविष्य में भी इस बात को ध्यान में रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह काम के प्रति उत्साह में हो गया है। किसी को भी गलत बताने का हमारा कोई इरादा नहीं था. आगे से इसके प्रति जागरूक रहूंगा। आगे से नहीं होगा।

23 अप्रैल को फिर होगी सुनवाई

इस पर कोर्ट ने कहा, आप इतने मासूम नहीं हैं. ऐसा लग नहीं रहा है कि कोई हृदय परिवर्तन हुआ हो. अभी भी आप अपनी बात पर अड़े हैं। हम इस मामले को 23 अप्रैल को देखेंगे और आप दोनों (रामदेव-बालकृष्ण) उस दिन भी कोर्ट में मौजूद रहें. बालकृष्ण ने भी गलती के लिए माफी मांगी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कोहली ने रामदेव से कहा, हम समझना चाहते हैं. बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण दोनों यहां हैं। आपकी बहुत प्रतिष्ठा है। लोग आपको देखते हैं. आपके कार्यों की सराहना करते हैं। आपने योग के लिए बहुत सारे काम किए हैं। रामदेव ने हाथ जोडक़र कहा, मैं कहना चाहता हूं कि मैंने जो भी गलती की है उसके लिए मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं। जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा, आप एलोपैथी को नीचा नहीं दिखा सकते। आप अपना काम करें। आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। बेंच ने कहा, उसने पतंजलि के वकील के हलफनामा देने के बाद पिछले साल नवंबर में आदेश पारित किया था. बेंच ने कहा, आपने यह सब तब किया जब अदालत का आदेश था। आप इतने भोले नहीं थे कि आपको पता ना चले कि अदालत में क्या हुआ है। बेंच ने कहा, इतनी मासूमियत अदालत में काम नहीं आती है। अगर आप सोच रहे हैं कि आपके वकील ने माफी मांग ली है तो हमने अभी तक यह तय नहीं किया है कि आपकी माफी स्वीकार की जाए या नहीं।

बहुत नाराज हो गई अदालत

  • सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कर रही बेंच तब नाराज हो गई जब पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बालकृष्ण ने कहा कि रामदेव का कंपनी के रोजमर्रा के मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। जस्टिस अमानुल्लाह ने बालकृष्ण से कहा, आप फिर से अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि माफी दिल से नहीं आती है।
  • रोहतगी ने शुरुआत में ही अदालत से कहा कि वे सार्वजनिक माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने कहा, मैंने एक सुझाव दिया था कि मैं खेद जताने के लिए और जनता को यह बताने के लिए सार्वजनिक माफी मांगने को तैयार हूं। ऐसा नहीं है कि मैं अदालत के प्रति कुछ दिखावा कर रहा हूं. बेंच ने उनसे कहा कि भारत में आयुर्वेद, योग, एलोपैथी और यूनानी जैसी कई चिकित्सा पद्धति हैं. जनता उन सभी में विश्वास करती है। किसी एक पद्धति को खराब कहना और उसे खत्म करने की सोच रखना, यह सही नहीं है।
  • रामदेव ने बेंच से कहा कि चिकित्सा की दो पद्धति के बीच इस तरह के टकराव काफी समय से हैं और उनका इरादा एलोपैथी का अनादर करना नहीं था। इससे पहले रामदेव और बालकृष्ण ने फर्म द्वारा जारी विज्ञापनों पर अपने उत्पादों की औषधीय प्रभावकारिता के बारे में बड़े दावे करने पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी थी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 2 अप्रैल की सुनवाई में पतंजलि और बालकृष्ण को कोर्ट के नोटिस का जवाब नहीं देने पर फटकार लगाई थी और कहा था कि यह पूरी तरह कोर्ट की अवहेलना है. कोर्ट ने केंद्र पर भी सवाल उठाए थे और कहा था, आश्चर्य की बात यह है कि जब पतंजलि यह कह रही थी कि एलोपैथी में कोविड का कोई इलाज नहीं है तो केंद्र ने अपनी आंखें बंद रखने का फैसला क्यों किया? कोर्ट ने यह भी कहा था कि उसे रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ झूठी गवाही का मामला भी शुरू करना चाहिए. क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि हलफनामे के साथ जो दस्तावेज जोड़े गए, वो बाद में तैयार किए गए हैं. यह झूठी गवाही का स्पष्ट मामला है. हम आपके लिए दरवाजे बंद नहीं कर रहे, लेकिन वही सब बता रहे हैं जो हमने अब तक देखा है।

IMA के साफ आरोप

दरअसल, कोविड-19 महामारी के दौरान साल 2021 में योग गुरु रामदेव ने एलोपैथिक फार्मास्यूटिकल्स पर कुछ विवादास्पद टिप्पणियां भी की थीं। इसे लेकर कई राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थीं। रामदेव ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक एफआईआर से सुरक्षा की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। रामदेव का कहना था कि उनकी टिप्पणियां किसी अपराध के दायरे में नहीं आतीं हैं. उनके खिलाफ सभी एफआईआर को एक साथ जोडऩे और उन्हें दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की थी। इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ( IMA ) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और कहा, पतंजलि ने कोविड-19 वैक्सीनेशन के खिलाफ एक बदनाम करने वाला अभियान चलाया. पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन से एलोपैथिक दवाओं की उपेक्षा हो रही है।

पीएम मोदी ने जूते उताकर देखी रामलला के ‘सूर्य तिलक’ की तस्वीरें

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रामनवमी को लेकर बोले रामगोपाल, कहा- अधूरी प्राण प्रतिष्ठा पर भगवान राम उनको दंड देंगे

चेतना मंच |

UP News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला के मंदिर निर्माण के बाद पहली रामनवमी पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव का एक बयान चर्चा में आ गया है। सपा नेता रामगोपाल यादव भाजपा पर हमला बोलते हुए कहते हैं कि रामनवमी हमेशा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती रही है। रामनवमी को कुछ लोगों ने पेटेंट करा लिया है। उन्होंने कहा कि यह उनकी ‘बापौती’ नहीं है। सपा सांसद ने आगे कहा कि करोड़ों लोग हजारों वर्षों से रामनवमी मनाते आ रहे हैं और इस देश में सिर्फ एक राम मंदिर नहीं है। उन्होंने (बीजेपी वालों ने) अधूरी ‘प्राण प्रतिष्ठा’ की है और शंकराचार्य भी इसके खिलाफ थे। उन्होने कहा कि उन्हें (बीजेपी को) सजा देंगे।

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‘रामनवमी किसी की बपौती नहीं है’

बता दें कि रामगोपाल यादव यहीं नहीं रुके। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- “रामनवमी किसी की बपौती नहीं है। देश में एक राम मंदिर नहीं है। हजारों राम मंदिर हैं और इस मंदिर के विरोध में तो शंकराचार्य भी थे। इस मंदिर में अधूरी प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। सपा नेता ने कहा कि मैंने कभी किसी की पूजा नहीं की। मैं दिखावा नहीं करता हूं। मैं भगवान का नाम लेता हूं लेकिन पाखंडी नहीं हूं। पाखंडी लोग ये सब करते हैं। भगवान राम इन लोगों को दंड देंगे।”

‘80 में 80 सीट जीतेगी सपा’

लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा- “हम कांग्रेस के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश की 80 में से 80 सीटें जीतेंगे। वे (बीजेपी) हार रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे झूठ बोल रहे हैं और लोगों को भी झूठ बोलना सिखा रहे हैं। राम गोपाल यादव ने कहा कि मैनपुरी लोकसभा सीट से डिंपल यादव भारी अंतर से जीतेंगी।

केशव प्रसाद पर साधा निशाना

आपको बता दें कि इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर करारा हमला बोला था। मैनपुरी में डिंपल यादव का चुनाव प्रचार करने आए रामगोपाल ने केशव मौर्य के साइकिल पंचर करने वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आने वाले समय में हम उनको ऐसा कर देंगे कि वह साइि‍कल में पंचर जोड़ने का काम करेंगे। रामगोपाल ने कहा था कि उनको (केशव मौर्य) कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। सीएम अपने पास उनको बैठने नहीं देते, इसलिए चर्चा में बने रहने के लिए वह ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं।

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नोएडा शहर के 49वें बर्थडे पर जानने लायक है नोएडा का परिचय

चेतना मंच |

Noida News : यह बात वर्ष-1976 की है। जब 17 अप्रैल 1976 को नोएडा शहर की स्थापना की गयी थी। अब उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर नोएडा पूरे 48 साल का हो गया है। आज नोएडा शहर का 49वां बर्थडे है। ऐसे में आप नोएडा शहर को जरूर जानना चाहते होंगे। तो हम आपका पूरा परिचय करा देते हैं। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी नोएडा से।

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वर्ष-1976 में हुई थी नोएडा की स्थापना

आपको बता देते हैं कि राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के किनारे औखला औद्योगिक क्षेत्र बसा हुआ है। वर्ष-1976 में औखला को आगे बढ़ाते हुए यमुना नदी के उत्तर प्रदेश की तरफ पडऩे वाले क्षेत्र में न्यू औखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (New Okhla Industrial Development Authority) की स्थापना की गई। न्यू औखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण को ही संक्षिप्त में short form में Noida (नोएडा) के नाम से जाना जाता है। आज यह शहर किसी परिचय का मोहताज नहीं है। भारत देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटा हुआ नोएडा भारत के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार भी है। नोएडा शहर को उप्र की औद्योगिक राजधानी भी कहा जाता है।

कुल 168 सेक्टर हैं नोएडा में

उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम-1976 के तहत 17 अप्रैल 1976 को Noida की स्थापना हुई थी। नोएडा के मास्टर प्लान के मुताबिक नोएडा शहर में कुल 168 अलग-अलग सेक्टर हैं। नोएडा के सेक्टरों को अलग से कोई नाम नहीं दिया गया है। यहां के सभी सेक्टरों को गणित के अंकों (यानि सेक्टर 1, 2, 3) के नाम से जाना जाता है। नोएडा शहर में सबसे पहले सेक्टर-1 से लेकर सेक्टर-10 तक बसाए गए थे। इसके बाद बसाए गए सेक्टर-11 का आधा भाग आवासीय सेक्टर (residential) है तो आधा भाग औद्योगिक सेक्टर (industrial) है। सेक्टर-11 के आगे सेक्टर-12 व सेक्टर-22 नोएडा के सबसे बड़े व सबसे पुराने आवासीय सेक्टर (residential) हैं। आपकी सुविधा के लिए हम नीचे नोएडा के आवासीय सेक्टरों (residential) व औद्योगिक सेक्टरों (industrial) की पूरी सूची प्रकाशित कर रहे हैं।

नोएडा के सभी आवासीय सेक्टरों (Residential Sectors) की सूची

सेक्टर 11 सेक्टर 33 सेक्टर 52 सेक्टर 92 सेक्टर 122

सेक्टर 12 सेक्टर 34 सेक्टर 53 सेक्टर 93 सेक्टर 128

सेक्टर 14 सेक्टर 35 सेक्टर 55 सेक्टर 99 सेक्टर 130

सेक्टर 15 सेक्टर 36 सेक्टर 56 सेक्टर 100 सेक्टर 131

सेक्टर 15a सेक्टर 37 सेक्टर 61 सेक्टर 104 सेक्टर 133

सेक्टर 17 सेक्टर 39 सेक्टर 62 सेक्टर 105 सेक्टर 134

सेक्टर 19 सेक्टर 40 सेक्टर 66 सेक्टर 107 सेक्टर 135

सेक्टर 20 सेक्टर 41 सेक्टर 70 सेक्टर 108 सेक्टर 137

सेक्टर 21 सेक्टर 42 सेक्टर 71 सेक्टर 110 सेक्टर 141

सेक्टर 22 सेक्टर 43 सेक्टर 72 सेक्टर 112 सेक्टर 142

सेक्टर 23 सेक्टर 44 सेक्टर 73 सेक्टर 113 सेक्टर 143

सेक्टर 25 सेक्टर 45 सेक्टर 74 सेक्टर 115 सेक्टर 150

सेक्टर 26 सेक्टर 46 सेक्टर 75 सेक्टर 116 सेक्टर 151

सेक्टर 27 सेक्टर 47 सेक्टर 76 सेक्टर 117 सेक्टर 158

सेक्टर 28 सेक्टर 48 सेक्टर 77 सेक्टर 118 सेक्टर 162

सेक्टर 29 सेक्टर 49 सेक्टर 78 सेक्टर 119 सेक्टर 168

सेक्टर 30 सेक्टर 50 सेक्टर 79 सेक्टर 120 Villages

सेक्टर 31 सेक्टर 51 सेक्टर 82 सेक्टर 121

नोएडा के सभी औद्योगिक सेक्टरों (Industrial Sectors) की सूची

सेक्टर 1 सेक्टर 8 सेक्टर 60 सेक्टर 81 सेक्टर 90

सेक्टर 2 सेक्टर 9 सेक्टर 63 सेक्टर 83 सेक्टर 138

सेक्टर 3 सेक्टर 10 सेक्टर 64 सेक्टर 84 सेक्टर 139

सेक्टर 4 Sec 11 (ind) सेक्टर 65 सेक्टर 85 सेक्टर 140

सेक्टर 5 सेक्टर 57 सेक्टर 67 सेक्टर 87

सेक्टर 6 सेक्टर 58 सेक्टर 68 सेक्टर 88

सेक्टर 7 सेक्टर 59 सेक्टर 80 सेक्टर 89

नोएडा में SEZ क्षेत्रों की सूची

सेक्टर 145 सेक्टर 157

सेक्टर 146 सेक्टर 164

सेक्टर 147 सेक्टर 165

सेक्टर 155 सेक्टर 166

सेक्टर 156

तीन फेज में फैला है नोएडा शहर

नोएडा को तीन प्रमुख हिस्सों (फेज) में बांटा गया है। इन हिस्सों का नाम नोएडा फेज-1, नोएडा फेज-2, तथा नोएडा फेज-3 रखा गया है। नोएडा शहर में आपको वह सब कुछ मिल जाएगा जो किसी भी आधुनिक शहर में जरूरी साधन व सुविधा मानी जाती हैं। नोएडा शहर में दुनिया भर के प्रसिद्ध स्कूलों की शाखाएं (branch) हैं। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), एमिटी इंटरनेशनल स्कूल Amity International School, Apj School, विश्व भारतीय पब्लिक स्कूल Vishwa Bharatiya Public School, आर्मी पब्लिक स्कूल Army Public School जैसे नाम भी शामिल हैं।

सभी स्कूलों का विवरण हम अलग से प्रकाशित कर रहे हैं।

नोएडा शहर में अत्याधुनिक तकनीक व सुख-सुविधाओं से युक्त बड़े-बड़े अस्पताल, मॉल, सिनेमाघर, बार, रेस्टोरेंट व होटल भी मौजूद हैं। नोएडा में शत-प्रतिशत निर्यात करने वाले उद्योगों का एक बड़ा हब भी स्थापित है। इस हब का नाम एनएसईजेड NSEZ यानि Noida Special Economy Zone है। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश का औद्योगिक नगरी नोएडा एक संपूर्ण शहर है।

नोएडा की लाइफ लाइन है मेट्रो रेल

नोएडा शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए इस शहर की लाइफ लाइन मेट्रो रेल है। यहां पर यह बताना जरूरी है कि नोएडा में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की ब्लू लाइन व मजेंटा लाइन तथा नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) की एक्वा रेल लाइन बनाई गई है। DMRC की ब्लू मेट्रो ट्रेन नोएडा के सेक्टर-15 से लेकर सेक्टर-62 इलेक्ट्रोनिक सिटी तक जाती है। वहीं मजेंटा लाइन बॉटेनिकल गार्डन से जनकपुरी वेस्ट तक जाती है। जबकि NMRC की एक्वा मेट्रो ट्रेन सेक्टर-51 से लेकर ग्रेटर नोएडा के डिपो मेट्रो स्टेशन तक चलाई गई है। दोनों ही मेट्रो ट्रेन लाइनों को नोएडा शहर की लाइफ लाइन माना जाता है।

किसानों का सबसे बड़ा योगदान Noida News

नोएडा शहर को बसाने में इस क्षेत्र के गांवों में रहने वाले किसानों का सबसे बड़ा योगदान है। उत्तर प्रदेश के 86 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहण (acquire) करके नोएडा शहर को बसाया गया है। नोएडा के अधिकतर गांव नोएडा के सेक्टरों की अगल-बगल में बसे हुए हैं। यहां के सभी किसानों को इस बात पर गर्व है कि नोएडा जैसा शानदार शहर उनकी जमीन पर बसा हुआ है। यह बात अलग है कि यहां के किसानों को नोएडा प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश सरकार से यह शिकायत है कि उनकी जमीन पर बसे हुए शहर में तो सारी सुविधाएं मौजूद हैं किन्तु गांवों में सुविधाओं की कमी है। Noida News

पूरे 48 साल का हो गया है नोएडा शहर, फीका रहा 49वां स्थापना दिवस

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पूरे 48 साल का हो गया है नोएडा शहर, फीका रहा 49वां स्थापना दिवस

चेतना मंच |

Noida News : उत्तर प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध शहर 17 अप्रैल 2023 को पूरे 48 साल का हो गया है। बुधवार यानि 17 अप्रैल 2024 को नोएडा का 49वां स्थापना दिवस है। नोएडा शहर के नागरिक तथा नोएडा प्राधिकरण हर साल नोएडा शहर का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाते रहे हैं। इस साल लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। इस कारण नोएडा का स्थापना दिवस भी नहीं मनाया गया है।

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उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी है नोएडा

नोएडा शहर को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहा जाता है। इतना ही नहीं नोएडा शहर को उत्तर प्रदेश का प्रमुख प्रवेश द्वार भी माना जाता है। नोएडा शहर की स्थापना 17 अप्रैल 1976 को हुई थी। इस हिसाब से नोएडा शहर 17 अप्रैल 2024 को पूरे 48 साल का हो गया है। इस साल चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू रहने के कारण नोएडा का स्थापना दिवस नहीं मनाया जा रहा है। पिछले वर्ष यानि वर्ष 2023 में नोएडा शहर का स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया था।

धूमधाम से मना था स्थपना दिवस

वर्ष-2023 में 17 अप्रैल को नोएडा स्टेडियम में नोएडा का 48वां स्थापना दिवस मनाया गया था। गौतमबुद्धनगर के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, नोएडा के विधायक पंकज सिंह तथा दादरी के विधायक तेजपाल नागर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करने के बाद विधिवत केक काटकर स्थापना दिवस की शुरूआत की थी।

इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी नोएडा महानगर के अध्यक्ष मनोज गुप्ता तथा नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी भी मौजूद थी। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के विकास से संबंधित आर्ट गैलरी का भी सभी अतिथियों ने निरीक्षण किया तथा तथा अपने संबोधन में नोएडा के अब तक के इतिहास पर सारगर्भित प्रकाश भी डाला था।

इस मौके पर नोएडा प्राधिकरण के स्थापना दिवस पर क्रिकेट टूर्नामेंट, फुटबॉल टूर्नामेंट तथा अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया था तथा उन्हें ट्रॉफी प्रदान की गई थी। कार्यक्रम के दौरान नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभास कुमार, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मानवेंद्र सिंह, ओएसडी अविनाश त्रिपाठी, ओएसडी इन्दु प्रकाश सिंह, उप महाप्रबंधक एसपी सिंह, NEA के पूर्व अध्यक्ष चौधरी राजकुमार, जन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक विजय रावल, वरिष्ठ प्रबंधक आरके शर्मा, गौरव बंसल समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

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ये हैं देश के प्रसिद्ध राम मदिंर, एक बार जरूर करें दर्शन

चेतना मंच |

Ram Navami 2024 : देशभर में आज राम नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। जो कि काफी महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार में से एक माना जाता है। लेकिन इस साल की रामनवमी बाकी सालों से काफी अलग है, क्योंकि इस साल उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जिसे देश के सबसे बड़े राम मंदिर के रूप में जाना जाता है, वहां 500 साल बाद रामलला अपने गर्भगृह में विराजमान हुए हैं। लेकिन क्या आपको बता दें अयोध्या से पहले भी देश में कई बड़े और भव्य राम मंदिर मौजूद है, जहां एक बार सभी दर्शन करने जरूर जाना चाहिए। तो आइए आज राम नवमी के मौके पर कौन-कौन से मंदिर घूमने जा सकते हैं, इस बारे में जानते हैं।

1. राम राजा मंदिर, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के ओरछा भारत के ऐतिहासिक शहरों में से एक है, जहां एक विशाल और भव्य राम मंदिर स्थित है। यह एक ऐसा आनोखा मंदिर है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर की खासित यह है कि यह भगवान राम को पुलिस की ओर से रोजाना गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है।

2. राम मंदिर, भुवनेश्वर

ओडिशा के भुवनेश्वर के खारवेला नगर में स्थित राम मंदिर की स्थापना साल 1979 में की गई थी। ओडिशा पर्यटन की वेबसाइट में कुल सात मंदिरों की सूची में यह मंदिर एक है है। विशेष अवसरों और त्योहारों पर, इस मंदिर में भारी भीड़ देखी जाती है।

3. रामास्वामी मंदिर, तमिलनाडु

तमिलनाडु के कुंभकोणम में रामास्वामी मंदिर का निर्माण तंजावुर नायक राजा अचुथप्पा नायक के तहत किया गया था। जिसे रघुनाथ नायक के तहत पूरा किया गया था। केरल पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मंदिर को दक्षिणा (दक्षिण) अयोध्या के नाम से जाना जाता है।

4. सीता रामचन्द्र स्वामी मंदिर, तेलंगाना

तेलंगाना के भद्राद्रि कोठागुडेम जिला में सीता रामचन्द्र स्वामी मंदिर भद्राचलम स्थित है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम, देवी सीता और भगवान लक्ष्मण भद्राचलम से 35 किलोमीटर दूर पर्णशाला में रुके थे।

5. राम मंदिर, अयोध्या

अयोध्या का राम मंदिर दुनिया भर में अपनी भव्यता के लिए मशहूर हो चुका है। बनने से पहले से ही इस मंदिर की ख्याति केवल देश ही नहीं दुनियाभर में चारों ओर फैली हुई थी। 22 जनवरी 2024 में उद्घाटन के बाद से आम लोग भी मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं साल 2024 की रामनवमी राम भक्तों के लिए बेहद खास है क्योंकि इस साल सभी के रामलला अपने घर में विराजमान है।

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पीएम मोदी ने जूते उताकर देखी रामलला के ‘सूर्य तिलक’ की तस्वीरें

चेतना मंच |

PM Modi : रामनवमी के अवसर पर बुधवार (आज) को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला का सूर्य तिलक किया गया। यह अद्भुत अवसर था। दर्पण और लेंस से युक्त एक विस्तृत सिस्टम के द्वारा सूर्य तिलक की यह प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस सिस्टम के द्वारा सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक तक पहुंची। राम नवमी के मौके पर श्रद्धालुओं को यह अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस क्षण के वीडियो को टैब के माध्यम से देखा। यह वीडियो देखकर वे श्रद्धा से भाव विभोर नजर आए।

PM Modi

पीएम मोदी ने लोगों से की थी अपील

दरअसल बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के सिलसिले में असम के नलबारी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में लोगों से इस अद्भुत क्षण का गवाह बनने की अपील भी की। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान मोबाइल की फ्लैश लाइट जलवाई और जय श्रीराम के नारे लगवाए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोग इस अद्भुत क्षण के साक्षी बनें। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हेलिकॉप्टर में बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ ‘सूर्य तिलक’ समारोह के वीडियो को टैब पर देखा।

जूते उतारकर देखी वीडियो

इस वीडियो को देखने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जूते उतार दिए और पूरी श्रद्धा के साथ सूर्य तिलक के अद्भुत पल के साक्षी बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान हृदय पर हाथ रखकर और शीश झुकाकर भगवान श्री राम को नमन करते भी नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इससे जुड़ा एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा- “नलबाड़ी की सभा के बाद मुझे अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के अद्भुत और अप्रतिम क्षण को देखने का सौभाग्य मिला। श्री राम जन्मभूमि का ये बहुप्रतीक्षित क्षण हर किसी के लिए परमानंद का क्षण है। ये सूर्य तिलक, विकसित भारत के हर संकल्प को अपनी दिव्य ऊर्जा से इसी तरह प्रकाशित करेगा।”

हर साल होगा सूर्य तिलक

आपको बता दें कि सूर्य तिलक लगभग चार-पांच मिनट के लिए किया गया। यह वह घड़ी थी जब सूर्य की किरणें सीधे राम लला की मूर्ति के माथे पर केंद्रित थीं। मंदिर प्रशासन ने भीड़ भाड़ से बचने के लिए सूर्य तिलक के समय भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश करने से रोक दिया था। सूर्य तिलक परियोजना का मूल उद्देश्य रामनवमी के दिन श्री राम की मूर्ति के मस्तक पर एक तिलक लगाना है। हर साल चैत्र माह में श्री राम नवमी पर दोपहर 12 बजे से भगवान राम के मस्तक पर सूर्य की रोशनी से तिलक किया जाएगा । हर साल इस दिन आकाश पर सूर्य की स्थिति बदलती है।

रामनवमी के मौके पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक, दिखा अद्भुत नजारा

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उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश का लाडला बेटा बन गया है आदित्य

चेतना मंच |

UP News : उत्तर प्रदेश के रहने वाले आदित्य श्रीवास्तव ने UPSC-2023 की परीक्षा को टॉप करके बड़ा इतिहास रच दिया है। यह इतिहास रच कर उत्तर प्रदेश का यह बेटा आदित्य आज पूरे देश का लाडला बेटा बन गया है। हर कोई कह रहा है कि वाह आदित्य बेटे ने तो कमाल ही कर दिया। उत्तर प्रदेश समेत देश का लाडला बेटा बन गए आदित्य को यह तो पक्का पता था कि वह IAS बन ही जाएगा, किंतु खुद आदित्य ने भी नहीं सोचा था कि वह UPSC-2023 की परीक्षा को टॉप कर देगा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी के आदित्य ने किया कमाल

आपको बता दें कि UPSC की परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। UPSC की परीक्षा पास करना बेहद कठिन काम है। ऐसे में UPSC की परीक्षा में नंबर वन बनना तो चमत्कार जैसा ही होता है। यही चमत्कार किया है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले आदित्य श्रीवास्तव ने। मंगलवार को UPSC का नतीजा आने के बाद से उत्तर प्रदेश ही नहीं देशभर से आदित्य को बधाइयों का ताता लगा हुआ है। आपको बता दें कि मंगलवार को UPSC-2023 के नतीजे घोषित हुए हैं इन नतीजे के मुताबिक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निवासी आदित्य श्रीवास्तव (Aditya Srivastava) ने देश की सबसे कठिन यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में टॉप कर IAS बन गए हैं। लखनऊ के रहने वाले और यूपीएससी टॉप करने वाले आदित्य श्रीवास्तव वर्तमान समय में हैदराबाद में अंडर ट्रेनिंग आईपीएस के पद पर कार्यरत हैं। पिछले वर्ष भी आदित्य ने UPSC की परीक्षा पास कर ली थी। रैंक नहीं आने पर उन्हें IPS में स्थान मिला था। आदित्य के पिता अजय श्रीवास्तव सेंट्रल ऑडिट डिपार्टमेंट में एएओ के पद पर कार्यरत हैं, जबकि एक छोटी बहन नई दिल्ली से सिविल परीक्षा की तैयारी कर रही है। आदित्य की माँ आभा श्रीवास्तव सामान्य घरेलू महिला है। आदित्य का बचपन लखनऊ के मवैया इलाके में बीता और शुरुआती पढ़ाई सीएमएस अलीगंज में हुई। 12वीं पास करने के बाद आदित्य ने आईआईटी कानपुर से बीटेक किया और कुछ दिनों के लिए निजी कंपनियों में नौकरी करने के बाद आईपीएस और अब आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण की। पिछले साल ही उन्होंने आईपीएस परीक्षा क्लिअर की थी। UP News

देश का लाडला बेटा बन गया है आदित्य

कहते हैं की मेहनत करके सफलता तो अपने लिए अर्जित की जाती है, किंतु प्रशंसा सबसे मिलती है। ऐसा ही कुछ हुआ है उत्तर प्रदेश के मूल निवासी आदित्य के साथ। UPSC की परीक्षा टॉप करते ही आदित्य उत्तर प्रदेश के साथ ही साथ पूरे देश का लाडला बेटा बन गया है। आदित्य को देशभर से सरहाना मिल रही है। आदित्य के मित्र, परिचित तथा रिश्तेदार तो उसकी इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। साथ ही पूरे भारत यहां तक की विदेश तक से भी आदित्य को बधाइयां मिल रही हैं। हर कोई यही कह रहा है कि उत्तर प्रदेश के लाल ने कर दिया है कमाल।

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लगातार दूसरे साल उत्तर प्रदेश से बना टॉपर

UPSC की परीक्षा में लगातार दूसरे साल उत्तर प्रदेश के रहने वाले अभ्यर्थी को टॉपर बने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। पिछले साल यानि वर्ष-2022 की UPSC की परीक्षा में उत्तर प्रदेश के ही ग्रेटर नोएडा शहर में रहने वाली इशिता किशोर ने UPSC-2022 की परीक्षा में टॉप किया था। इशिता किशोर को हाल ही में उत्तर प्रदेश के जौनपुर में SDM के पद पर तैनात किया गया था। जल्दी ही उत्तर प्रदेश का लाड़ला बेटा आदित्य तथा लाड़ली बेटी इशिता किशोर IAS के तौर पर उत्तर प्रदेश की सेवा करते हुए नजर आएंगे।

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यूपी बोर्ड का रिजल्ट इस डेट को हो सकता है जारी, जानें क्या है नई अपडेट्स

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यूट्यूब पर भूलकर भी न करें ये भूल, हो सकते हो बैन

चेतना मंच |

YouTube Banning Ad Blocker : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब का इस्तेमाल आजकल हर कोई करता है। इसे देखने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। ऐसे में यूट्यूब ने उन लोगों के लिए सख्ती दिखाई है जो ऐड ब्लॉकर का इस्तेमाल करते है। दरअसल थर्ड पार्टी ऐड ब्लॉकर्स इस्तेमाल करने वालों को थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ेगी। क्योंकि कंपनी ने ऐसे यूजर्स पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन करना शुरू कर दिया है।

क्या होता है ऐड ब्लॉक?

आपको बता दें कि ऐड ब्लॉकर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो यूट्यूब वीडियो के बीच से ऐड को रिमूव करता है, यानी इसके लिए आपको अलग से कोई भुगतान करने की जरूरत नहीं होती है। इसी वजह से यूट्यूब ने इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को चेतावनी दी है। यूट्यूब का कहना है कि जो लोग कंपनी के नियमों का उल्लघंन कर रहे हैं,  उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसी के साथ यूट्यूब का ये भी कहना है कि अगर आप वीडियो के बीच में ऐड नहीं देखना चाहते हैं तो आपको प्रीमियम सब्सक्रिप्शन ले सकते है। इसे आप ऑनलाइन जाकर भी खरीद सकते हैं।

YouTube Banning Ad Blocker

ऐड ब्लॉक करने को लेकर सख्त यूट्यूब

दरअसल यूट्यूब का कहना है कि थर्ड पार्टी ऐड ब्लॉकिंग ऐप्स इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को वीडियो चलाने में परेशानी या बफरिंग की दिक्कत हो सकती है। क्योंकि कुछ वीडियो पर ‘यह सामग्री इस ऐप पर उपलब्ध नहीं है’ लिखा हुआ एरर मैसेज भी आ सकता है। अब थर्ड-पार्टी ऐप्स को ऐड ब्लॉक करने की परमिशन नहीं मिलेगी, क्योंकि इसके कारण क्रिएटर को उसके व्यूज के बदले पैसा मिलना मुश्किल हो जाता है। यूट्यूब अपने यूजर्स के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन ऑफर करता है जिसमें लोगों को ad-फ्री वीडियो, बैकग्राउंड प्लेबैक आदि कई सुविधाएं मिलती हैं। वैसे भारत में यूट्यूब प्रीमियम का चार्ज 129 रुपये प्रति महीना है। अगर आप 3 महीने का प्लान लेते हैं तो ये 399 रुपये है। इसी तरह सालाना प्लान 1290 रुपये का है। YouTube Banning Ad Blocker

बड़े कमाल का है व्हाट्सएप का ये नया फीचर, चैट करना होगा मजेदार

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उत्तर प्रदेश सरकार का अनोखा प्रयोग, रोके जांएगे हादसे

चेतना मंच |

UP News : उत्तर प्रदेश की सरकार प्रदेश में एक अनोखा प्रयोग करने वाली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश का परिवहन विभाग इस अनोखे प्रयोग को शुरू कर रहा है। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग को भरोसा है कि इस अनोखे तथा अनूठे प्रयोग से उत्तर प्रदेश में सडक़ों पर होने वाले हादसे रोके जा सकेंगे। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सडक़ हादसों को रोकने में यह अनोखा प्रयोग बेहद मददगार साबित हो सकता है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे हैं सडक़ों पर हादसे

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाओं के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग के पास मौजूद सडक़ हादसों (Road accident) के आंकड़े बेहद डरावने हैं। उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त पुष्पसेन सत्यार्थी ने स्वीकार किया है कि उत्तर प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। उत्तर प्रदेश में होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं में हर साल बड़ी संख्या में नागरिकों की मृत्यु हो जाती है। उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त पुष्पसेन सत्यार्थी ने बताया कि वर्ष-2022 में मार्च तक उत्तर प्रदेश में 22595 नागरिकों की मौत सडक़ दुर्घटनाओं के कारण हो गई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष-2023 में उत्तर प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाओं में 23652 नागरिकों की मौत सडक़ दुर्घटनाओं में हुई है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सडक़ दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं।

क्या है उत्तर प्रदेश सरकार का अनोखा प्रयोग

उत्तर प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अनेक उपाय शुरू किए हैं। इन्हीं उपायों में एक अनोखा प्रयोग भी शामिल है। दरअसल उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने तय किया है कि परिवहन विभाग ने नई तरकीब निकाली है। बसों, टैक्सियों आदि वाहनों में ड्राइवर के सामने डैशबोर्ड पर उसके परिवार की फोटो लगाई जाएगी, ताकि वह रफ्तार पर नियंत्रण रखे और सडक़ हादसों पर अंकुश लग सके।

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उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अफसरों को ऐसा लगता है कि फैमिली फोटो सामने होने पर ड्राइवर तीव्र गति से वाहनों को नहीं चलाएंगे। यह कवायद कितनी कारगर साबित होगी, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन एक ओर जहां बढ़ते हादसों से सडक़ें खून से लथपथ हो रही है, सडक़ सुरक्षा फंड से परिवहन विभाग हादसों को रोकने के लिए पैसे पानी की तरह पैसे बहा रहा है। जागरुकता व प्रवर्तन दस्तों की कारवाइयों से हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है। हादसों का ग्राफ घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में यह नया फंडा कितना असरकारी साबित होगा, कहा नहीं जा सकता। सर्कुलर के अनुसार मोटर कैब, मैक्सी, कैब, बस सहित सभी वाहनों में लिए यह अनिवार्य किया गया है। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि ऐसा हुझ करने से वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करेंगे, क्योंकि वह अपने परिवार के बारे में भी सोचेंगे और इससे हादसे रुक सकेंगे।

हुआ है प्रयास

परिवहन आयुक्त के अनुसार बीती नौ अप्रैल को प्रमुख सचिव परिवहन की अध्यक्षता में प्रदेश में बढ़ती सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। इसमें पुलिस महानिदेशक (सडक़ सुरक्षा एंव यातायात) ने इस व्यवस्था का जिक्र किया। इसे पहले आंध्र प्रदेश गों की मौत में लागू किया जा चुका है। यहां हादसों की संख्या में मैं प्रभावी कमी देखने को मिली। अब इसे यूपी में लागू किया जा रहा है।

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थाने पहुंचकर 600 हिस्ट्रीशीटरों ने खाई कसम, प्रशासन का करेंगे सहयोग

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सर्वसमाज की जीत होगी बसपा की जीत: सोलंकी

चेतना मंच |

Noida News : गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी राजेद्र सिंह सोलंकी चुनाव में जीत के प्रति आश्वस्त हैं। पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री सोलंकी ने कहा है कि नोएडा से लेकर खुर्जा तक उन्हें सर्वसमाज का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र से बसपा की जीत सर्वसमाज की जीत होगी। उन्होंने एक बार फिर कहा कि इस बार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर, सिकन्द्राबाद तथा खुर्जा क्षेत्र की जनता बदलाव के लिए वोट देने जा रही है।

सर्वसमाज ने ठाना है भाजपा को हटाना है

नोएडा (गौतमबुद्धनगर) सीट से बसपा प्रत्याशी राजेन्द्र सिंह सोलंकी अपने चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। चुनाव प्रचार के बीच पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री सोलंकी ने कहा कि गौतमबुद्धनगर क्षेत्र के प्रत्येक शहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, प्रत्येक गांव तथा प्रत्येक बस्ती में उन्हें तथा उनकी पार्टी को भरपूर जनसमर्थन मिल रहा है। बसपा का सबसे बड़ा समर्थक तबका दलित समाज हो, गुर्जर समाज, ठाकुर समाज हो, जाट समाज, ब्राहमण, वैश्य समाज या फिर मुस्लिम समाज सभी समाज का उन्हें व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। श्री सोलंकी ने विश्वास जाहिर किया कि गौतमबुद्धनगर सीट से बहुजन समाज पार्टी जीत रही है। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर क्षेत्र से बसपा की जीत सर्वसमाज की जीत होगी।

कराएंगे समस्याओं का समाधान

गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी राजेन्द्र सोलंकी का मानना है कि इस क्षेत्र में ढ़ेेर सारी समस्याएं हैं। पिछले 10 सालों में भाजपा के राज में क्षेत्र में समस्याएं कम होने की बजाय बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। क्षेत्र के किसान, मजदूर, युवा, व्यापारी, महिलाएं तथा अल्पसंख्यक सभी परेशान हैं। चुनाव जीतने के बाद रात-दिन मेहनत करके वें क्षेत्र की सभी समस्याओं का समाधान कराएंगे। एक प्रश्न के उत्तर में बसपा प्रत्याशी श्री सोलंकी ने कहा कि इस चुनाव में उनका सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी डा. महेश शर्मा के साथ है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को कहीं कोई समर्थन प्राप्त नहीं है। इस कारण सर्वसमाज क्षेत्र में बदलाव के लिए एकजुट होकर बसपा के पक्ष में मतदान करेगा। उन्होंने कहा कि जिस समय इस क्षेत्र में बसपा के सांसद तथा विधायक थे उस समय सभी वर्गों की समस्याओं का समाधान कराया गया था। एक बार फिर बसपा ही क्षेत्र की सभी समस्याओं का समाधान कराने वाली है।

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नोएडा की बेटी ने पाई UPSC में सफलता, दूसरे प्रयास में हासिल की 18वीं रैंक

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थाने पहुंचकर 600 हिस्ट्रीशीटरों ने खाई कसम, प्रशासन का करेंगे सहयोग

चेतना मंच |

UP News : लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन शान्तिपूर्ण मतदान कराने को लेकर हर तरह के प्रयास कर रही है। उत्तर प्रदेश में चुनाव में किसी तरह की कोई गड़बड़ी ना हो इसे लेकर उत्तर प्रदेश के हर जिले में पुलिस प्रशासन नजर बनाए हुए है। इसी को लेकर उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक अनोखी तश्वीर सामने आई है। यहां जिले के सभी हिस्ट्रीशीटरों ने कसम खाकर चुनाव में जिला प्रशासन की मदद की बात कही है। साथ ही सभी हिस्ट्रीशीटरों ने चुनाव में कोई भी गड़बड़ी नहीं करने की शपथ भी ली है।

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दरअसल उत्तर प्रदेश के संभल जिले के अलग-अलग थानों में 600 हिस्ट्रीशीटरों ने चुनाव में गड़बड़ी नहीं करने और दूसरे को भी गड़बड़ी नहीं करने देने की कसम खाई है। जिले के सभी थानों में हिस्ट्रीशीटरों को पुलिस के द्वारा इसकी शपथ दिलाई गई। संभल जिले के सभी हिस्ट्रीशीटरों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वो आगामी लोकसभा चुनाव में किसी भी हाल में गड़बड़ी नहीं होने देंगे।

600 हिस्ट्रीशीटरों को दिलाई शपथ

आपको बतादें कि  लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत 7 मई को संभल समेत उत्तर प्रदेश की 10 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। मतदान को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए संभल पुलिस ने सक्रिय अपराधियों से लेकर आपराधिक इतिहास वाले लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में जिले के 17 अलग-अलग थानों में 600 हिस्ट्रीशीटर को बुलाकर पुलिसकर्मियों के द्वारा लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए शपथ दिलाई गई।

पुलिस-प्रशासन के सहयोग की कही बात

पत्रकारों के पूछने पर एक हिस्ट्रीशीटर तस्लीम उर्फ काका ने बताया कि हम लोगों को कोतवाली में बुलाया गया था, यहां बुलाकर हम लोगों को अपराध नहीं करने और दूसरों को भी अपराध नहीं करने देने की शपथ दिलाई गई है। चुनाव के दौरान हम सही तरीके से वोट डालकर आएंगे और दूसरों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील करेंगे। चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हम करेंगे और न किसी को करने देंगे। वहीं एक अन्य हिस्ट्रीशीटर का कहना है कि आज हमने शपथ ली है कि चुनाव में बिल्कुल सही तरीके से वोट डालेंगे और फिर घर पर रहेंगे। इसी के साथ चुनाव में किसी भी तरह की कोई घटना नहीं होने देंगे और चुनाव प्रक्रिया को शांतिपीर्ण कराने में पुलिस-प्रशासन का पूरी तरह से सहयोग करेंगे।

एसपी ने दी जानकारी

संभल जिले के एसपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि संभल में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर हिस्ट्रीशीटर की चेकिंग का अभियान चलाया गया था। जिले के सभी थानों में हिस्ट्रीशीटरों को बुलाया गया था। यहां उनको चुनाव के समय कोई भी आपराधिक कृत्य नहीं करने और चुनाव में व्यवधान नहीं डालने को लेकर शपथ दिलाई गई। उन्होने बताया कि इस अभियान में संभल जिले के सभी स्थानों पर 600 हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन किया गया है और आने वाले दिनों में भी जिले में ये कार्यवाही चलती रहेगी।

रामनवमी के मौके पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक, दिखा अद्भुत नजारा

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बड़े कमाल का है व्हाट्सएप का ये नया फीचर, चैट करना होगा मजेदार

चेतना मंच |

WhatsApp Update:  वॉट्सऐप अपने यूजर्स के लिए आए दिन नए-नए अपडेट लेकर आ रहा है। इस बार वॉट्सऐप एक कमाल का फीचर लेकर आया है, जो आपको वॉट्सऐप चलाने का एक बेहतर एक्सपीरियंस देगा। दऱअसल वॉट्सऐप ने नए फीचर में आप अपनी चैट्स को फिल्टर कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन फिल्टर फीचर्स की डिटेल्स।

WhatsApp Update

दऱअसल वॉट्सऐप ने Android यूजर्स के लिए UI को रिडिजाइन किया है। वॉट्सऐप में नया सर्च बार और Meta AI का फीचर भी आया है। हालांकि, Meta AI का फीचर अभी सभी यूजर्स को नहीं दिया जा रहा है। वहीं अब वॉट्सऐप ने एक और नया फीचर अपने प्लेटफॉर्म पर जोड़ा है। ये फीचर Chat फिल्टर का है। Meta के इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने एक ब्लॉग पोस्ट जारी इस बात की जानकारी दी है।

WhatsApp Update

क्या है WhatsApp Chat फिल्टर?

आपको बता दें कि Meta के CEO Mark Zuckerberg ने चैट फिल्टर फीचर के लॉन्च की जानकारी दी है। इस फीचर के बाद आप आसानी से तमाम मैसेज को फिल्टर कर सकते है। इससे यह फायदा होगा कि किसी चैट को ओपन करने में लगने वाला समय कम हो जाएगा। कंपनी आपको अलग-अलग चैट्स को फिल्टर करने का ऑप्शन दे रही है। वॉट्सऐप का इस फीचर को देने का मकसद अलग-अलग वॉट्सऐप चैट्स का एक्सेस, आसान बनाना है। अब तक आपको किसी भी वॉट्सऐप ग्रुप और अनरीड मैसेज के लिए इनबॉक्स में चैट्स को स्क्रॉल करना ही पड़ा था। अब आपको इसके लिए फिल्टर दिए जाएंगे, जिससे आप एक जगह पर ग्रुप चैट्स को देख पाएंगे।

कैसे काम करता है ये फीचर?

आपको बता दें कि वॉट्सऐप ने अपने नए फीचर में डिफॉल्ट फिल्टर से परिचय कराया है, जिससे आप सही कन्वर्सेशन को एक्सेस कर सकते है। इसके लिए सबसे पहले आपको iOS या Android स्मार्टफोन पर वॉट्सऐप ओपन करना होगा। ध्यान रहे कि इसके लिए आपका वॉट्सऐप अपडेटेड रहे। अब आपको टॉप में दिए गए तीन फिल्टर पर क्लिक करें। टॉप में आपको All, Unread और Groups का विकल्प दिया जाएगा। All फिल्टर में सभी चैट्स आपको नजर आएंगे। इसके अलावा ग्रुप फिल्टर इस्तेमाल करने पर आपको सभी ग्रुप्स नजर आने लगेंगे। इसी तरह से आप Unread चैट्स के फिल्टर को सलेक्ट करते हैं, तो वो सभी चैट्स नजर आएंगी, जिन्हें आपने रीड नहीं किया होगा। WhatsApp Update

यूपी बोर्ड का रिजल्ट इस डेट को हो सकता है जारी, जानें क्या है नई अपडेट्स

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रामनवमी के मौके पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक, दिखा अद्भुत नजारा

चेतना मंच |

UP News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामनवमी के मौके पर रामलला का सूर्य की किरणों ने तिलक किया गया । इस मौके पर रामलला का विशेष श्रृंगार भी किया गया है। आज का यह पर्व अयोध्या समेत न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश के लिए खाफी खास है। क्योंकि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली रामनवमी है। कई सालों बाद यह अद्भुत मौका आया है। इस दौरान रामलला की विशेष पूजा-अर्चना की गई।

500 साल बाद दिखा नजारा

आपको बता दें आज पूरे 500 साल बाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या वासियों और देशवासियों को यह खास नजारा देखने को मिल रहा है। इसे और आलौकिक बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्री राम के सूर्याभिषेक का खास आयोजन किया है। इस सूर्याभिषेक में प्रभू के माथे पर सूर्ण की किरण से तिलक किया गया। रामनवमी के मौके पर अयोध्या में बुधवार दोपहर 12 बजे भगवान राम का राज्याभिषेक किया गया। इस खास पर्व पर सुबह साढ़े तीन बजे ही रामलला के दर्शन शुरू हो गए थे।

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दृश्य ने मोह लिया सभी का मन

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 500 साल बाद अभिजीत मुहूर्त में रामलला के विग्रह का सूर्याभिषेक किया गया। इस वजह से राम मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे हुए हैं। इस अद्भुत नजारे के कई ट्राइल भी किए गए थे। मंगलवार को भी इसका ट्राइल किया गया था। इस सूर्याभिषेक के दौरान तकरीबन 4 से 6 मिनट तक रामलला की मूर्ति के मस्तक पर सूर्य तिलक किया गया। सूर्य की रोशनी रामलला पर इस तरह पड़ीं, मानो भगवान राम को सूर्य तिलक लगाया हो। इस दृश्य ने हर किसी का मन मोह लिया।

रामलला के सूर्य अभिषेक की हो रही भव्य तैयारी, ये 4 मिनट रहेंगे खास

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बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, इस महीने से होगी पोस्टिंग

चेतना मंच |

Bihar News : बिहार में सक्षमता परीक्षा पास करने वाले 1.87 लाख नियोजित शिक्षकों को जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। जल्द नियोजित शिक्षकों को स्कूलों में पोस्टिंग के साथ ही राज्यकर्मी का दर्जा मिलने वाला है। जिसके बाद नियोजित शिक्षकों को भी बीपीएससी पास शिक्षकों की तरह सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगी। शिक्षा विभाग की ओर से फिलहाल नियोजित स्कूलों की पोस्टिंग के लिए सॉफ्टवेयर से इंट्री का काम किया जा रहा है। जबकि जून महीने में नियोजित शिक्षकों की पोस्टिंग की तैयारी की जा रही है। Bihar News

चुनाव के चलते हुई देरी

सक्षमता परीक्षा पास करने वाले नियोजित शिक्षकों की काउंसिलिंग अब जून में की जाएगी। वहीं काउंसिलिंग के बाद ही इन शिक्षकों को उनके आवंटित जिले के स्कूल में पोस्टिंग मिलेगी। बताया गया है कि लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर लागू आचार संहिता को चलते ही फिलहाल काउंसिलिंग कराने का मामला रुक गया है। मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने काउंसिलिंग के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी थी, लेकिन आयोग की ओर से अभी आचार संहिता का हवाला दिया गया है। जिसके चलते शिक्षा पदाधिकारियों का कहा है कि चुनाव रिजल्ट के बाद आचार संहिता खत्म हो जाएगा, इसके बाद काउंसिलिंग की जाएगी।

जिलों से मांगी गई विषयवार रिक्ति

बिहार शिक्षा विभाग की ओर से नियोजित शिक्षकों को आवंटित जिले के स्कूलों में पदस्थापित करने को लेकर सभी जिलों में विषयवार रिक्ति भी मांगी गई है। राज्य के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की सूची इंट्री चरणवार 22 अप्रैल तक चलेगी।

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यूपी बोर्ड का रिजल्ट इस डेट को हो सकता है जारी, जानें क्या है नई अपडेट्स

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यूपी बोर्ड का रिजल्ट इस डेट को हो सकता है जारी, जानें क्या है नई अपडेट्स

चेतना मंच |

Uttar Pradesh News:  उत्तर प्रदेश के छात्र बोर्ड परिक्षा के रिजल्ट का इंतजार कर रहे है। वहीं उत्तर प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12वीं पुस्तिकाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया समाप्त भी हो गई है। इस बार उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में 55 लाख से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हुए है। यूपी बोर्ड के नतीजे UPMSP की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in, upresults.nic.in और upmspresults.up.nic.in पर जारी किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी से 9 मार्च 2024 तक किया गया था। आइए जानते हैं कि रिजल्ट कब जारी होगा।

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आपकी जानाकरी के लिए बता दें कि साल 2023 में उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा का रिजल्ट एक ही दिन 25 अप्रैल को घोषित किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजे 25 अप्रैल को जारी किए जा सकते हैं। हालांकि अभी UPMSP ने रिजल्ट की कोई डेट जारी नहीं की है।

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कब पूरी हुई मूल्यांकन प्रक्रिया?

बता दें कि उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए 55 लाख से अधिक लड़के-लड़कियों ने रजिस्ट्रेशन हुआ था। वहीं परीक्षा केंद्रों पर अधिक सख्ती के कारण 3 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने एग्जाम नहीं छोड़ दिया था। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू होकर 9 मार्च 2024 तक हुई। दोनों कक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं की मूल्याकंन के लिए 1,47,097 परीक्षक नियुक्त किए गए थे और मूल्यांकन प्रक्रिया 31 मार्च को पूरी कर दी गई।

कहां और कैसे चेक करें रिजल्ट?

अगर आप उत्तर प्रदेश बोर्ड का रिजल्ट देखना चाहते है तो UPMSP की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं। होम पेज पर 10वीं रिजल्ट 2024/12वीं रिजल्ट 2024 के लिंक पर क्लिक करें। अब स्टूडेंट्स रोल नंबर और जन्म तिथि को दर्ज करें। इसके बाद रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।

कहां मिलेगी मार्कशीट?

बता दें कि परिक्षा के रिजल्ट घोषित होने के कुछ दिनों बाद छात्र अपने संबंधित स्कूलों से अपनी मार्कशीट प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी भी छात्र के मार्कशीट में कुछ गलती है जैसे उसका नाम,जन्म तिथि या अभिभावक के नाम, तो वह बोर्ड कार्यालय में संपर्क कर उसे सही करा सकते है। Uttar Pradesh News

शेयर बाजार में निवेश कराने के नाम पर की लाखों की ठगी

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गाजियाबाद में BJP पर गरजे राहुल और अखिलेश, “NDA की होगी 400 हार”

चेतना मंच |

Ghaziabad News : लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव साथ आए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। गाजियाबाद से गाजीपुर तक बीजेपी के सफाए का दावा करने के साथ ही दोनों ने कहा कि बीजेपी इस चुनाव में 400 पार नहीं, बल्कि 400 हार होने जा रही है।

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‘इंडी गठबंधन गाजियाबाद से गाजीपुर तक क्लीन स्वीप करेगा’

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कौशांबी में स्थित रेडिशन ब्लू होटल में इंडिया गठबंधन की कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा के समर्थन में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिम से चल रही हवा उत्तर प्रदेश और देश में बदलाव लाएगी और इंडी गठबंधन गाजियाबाद से गाजीपुर तक क्लीन स्वीप करेगा। उन्होने कहा कि लूट और झूठ एनडीए गठबंधन की पहचान बन गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि एक भी वोट बंट न पाए। मतदान करें सावधान रहें बूथ की चौकीदारी करें।

‘इलेक्टोरल बॉन्ड से बीजेपी का बैंड बज गया’

वहीं काग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा पीएम जितनी भी सफाई दें, वो भ्रष्टाचार के चैम्पियन हैं। बीजेपी 150 सीटों पर सिमट जाएगी। राहुल गांधी ने कहा कि ये चुनाव विचारधारा का चुनाव है। एक तरफ बीजेपी और आरएसएस मिलकर लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने की कोशिश रही है। दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन और कांग्रेस बचाने की कोशिश कर रही है। राहुल ने बताया कि इस समय देश के चुनाव में 3 बड़े मुद्दे हैं। इसमें बेरोजगारी, महंगाई और भागीदारी शामिल हैं। राहुल गांधी ने कहा इलेक्टोरल बॉन्ड से बीजेपी का बैंड बज गया है। ये वसूली देश और पूरी दुनिया जान गई है, जिन लोगों ने ये चंदा वसूली की थी। जनता उनका सफाया करेगी। 400 पार नहीं इस बार 400 हार होने जा रही है।

रामलला के सूर्य अभिषेक की हो रही भव्य तैयारी, ये 4 मिनट रहेंगे खास

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रामलला के सूर्य अभिषेक की हो रही भव्य तैयारी, ये 4 मिनट रहेंगे खास