कौन हैं ‘जिम्बाब्वे का विराट कोहली’ ? रिकॉर्ड देखकर हैरान रह जाएंगे

इतना ही नहीं, वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर भी पहुंच चुके हैं। सुपर-8 में भारत के खिलाफ बेनेट ने 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपनी क्लास का बड़ा बयान दे दिया।

जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट
जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 01:24 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे भले ही भारत के खिलाफ हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गया, लेकिन टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने अपनी बेखौफ और बेहद स्थिर बल्लेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। 22 साल के इस युवा बल्लेबाज का टूर्नामेंट रिकॉर्ड इतना अनोखा रहा कि सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में उन्हें जिम्बाब्वे का विराट कोहली तक कहा जाने लगा है।

5 मैच में सिर्फ 1 बार हुए है आउट

बेनेट का वर्ल्ड कप सफर आंकड़ों के लिहाज से चौंकाने वाला रहा। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 5 मैच खेले और सिर्फ एक बार आउट हुए। यही वजह है कि उनका औसत असाधारण स्तर पर पहुंच गया। इतना ही नहीं, वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर भी पहुंच चुके हैं। सुपर-8 में भारत के खिलाफ बेनेट ने 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपनी क्लास का बड़ा बयान दे दिया। उन्होंने 59 गेंदों पर 8 चौके और 6 छक्के जमाए और उनका स्ट्राइक रेट 164.41 रहा। इसी तूफानी लेकिन नियंत्रित पारी ने उन्हें टूर्नामेंट के रन चार्ट में और ऊपर धकेल दिया।

T20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा बैटिंग एवरेज (200+ रन, एक एडिशन में)

  1. 277.00 – ब्रायन बेनेट (2026)*
  2. 136.50 – विराट कोहली (2016)
  3. 106.33 – विराट कोहली (2014)
  4. 98.66 – विराट कोहली (2022)
  5. 89.66 – जोस बटलर (2021)

आखिर कौन है ब्रायन बेनेट?

ब्रायन जॉन बेनेट का जन्म 10 नवंबर 2003 को जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में हुआ। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने खुद को जिम्बाब्वे के ऑल-फॉर्मेट बल्लेबाज के तौर पर स्थापित करना शुरू कर दिया। बेनेट, ब्लूबेरी फार्मर केली बेनेट के बेटे हैं और खास बात यह है कि उनका जुड़वा भाई डेविड बेनेट भी प्रोफेशनल क्रिकेटर है—यानी क्रिकेट इस परिवार के लिए सिर्फ खेल नहीं, विरासत की तरह है। दोनों भाइयों ने मारोंडेरा के प्रतिष्ठित पीटरहाउस बॉयज स्कूल में पढ़ाई की, जिसे गैरी बैलेंस और रयान बर्ल जैसे क्रिकेटरों की ‘नर्सरी’ भी माना जाता है। स्कूल क्रिकेट के दौरान पीटरहाउस टीम नियमित रूप से दक्षिण अफ्रीका के किंग्सवुड कॉलेज द्वारा आयोजित क्रिकेट फेस्टिवल में हिस्सा लेती थी, जहां बेनेट को बड़े मंच की प्रतिस्पर्धा का शुरुआती अनुभव मिला। पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके पिता ने उनके लिए किंग्सवुड कॉलेज में एक ‘ब्रिजिंग ईयर’ की व्यवस्था की, ताकि बेनेट अपनी तकनीक, फिटनेस और मैच-टेम्परामेंट को और धार दे सकें। यही तैयारी आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2022 में बेनेट जिम्बाब्वे टीम के उप-कप्तान रहे और उन्होंने 273 रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान मजबूती से अपनी ओर खींचा। इसके बाद 2023-24 में उन्हें जिम्बाब्वे की सीनियर टीम में डेब्यू का मौका मिला। ICC T20 World Cup 2026

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भारत की बैटिंग ने लिख दी नई इबारत, वर्ल्ड कप में पहली बार हुआ ऐसा कमाल

भारत ने 4 विकेट खोकर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और इसी पारी के दौरान टीम इंडिया के नाम एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो टूर्नामेंट इतिहास में पहले कभी नहीं बना था।

भारत की बैटिंग का महाविस्फोट
भारत की बैटिंग का महाविस्फोट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 01:06 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारत ने अपने दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे को हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदों को मजबूत कर लिया। चेपॉक में खेले गए इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरू से आखिर तक ऐसा दबाव बनाया कि स्कोरबोर्ड पर रन बरसते चले गए। भारत ने 4 विकेट खोकर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और इसी पारी के दौरान टीम इंडिया के नाम एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो टूर्नामेंट इतिहास में पहले कभी नहीं बना था।

पहली बार हुआ ऐसा

इस मुकाबले में भारत के कुल 6 बल्लेबाज बल्लेबाजी करने उतरे और सभी ने 20 से ज्यादा रन बनाए। खास बात यह रही कि हर बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 150 से ऊपर रहा।

टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 2007 से हुई थी, लेकिन इतिहास में पहली बार किसी टीम के 6 बल्लेबाजों ने एक ही पारी में 20+ स्कोर किया और सभी ने 150+ स्ट्राइक रेट भी बनाए रखा। यही रिकॉर्ड इस जीत का सबसे बड़ा हाइलाइट बन गया।

भारत की तूफानी बैटिंग

टॉस गंवाने के बाद संजू सैमसन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की और पहले ही ओवर में छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। सैमसन 15 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन टीम को तेज शुरुआत दिला चुके थे। इसके बाद अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी कर रनरेट को लगातार ऊपर रखा। ईशान किशन ने 158.33 के स्ट्राइक रेट से 38 रन बनाए। वहीं अभिषेक शर्मा ने 183.33 के स्ट्राइक रेट वाली 50 रन की पारी में चार चौके और चार छक्के जमाकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की लय तोड़ दी। मिडिल ओवर्स में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी अपनी खास शैली में आक्रामक बैटिंग की। उन्होंने 13 गेंदों में 33 रन ठोक दिए, इस दौरान तीन चौके और दो छक्के लगाए। 253 के स्ट्राइक रेट वाली यह पारी भारत के बड़े स्कोर की रफ्तार बढ़ाने में निर्णायक रही। डेथ ओवर्स में हार्दिक पंड्या और तिलक वर्मा ने गेंदबाजों पर आखिरी प्रहार किया और स्कोर को 250 के पार पहुंचा दिया। हार्दिक पंड्या ने 23 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाए दो चौके और चार छक्कों के साथ उनका स्ट्राइक रेट 217 रहा। दूसरी ओर तिलक वर्मा 16 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाकर लौटे, जिसमें तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे। ICC T20 World Cup 2026

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नहीं रहे क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता, ग्रेटर नोएडा में ली आखिरी सांस

उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक, रिंकू सिंह के खानचंद सिंह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से लड़ रहे थे और बीते कुछ दिनों में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई थी।

रिंकू सिंह के पिता नहीं रहे
रिंकू सिंह के पिता नहीं रहे
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 09:16 AM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच भारतीय टीम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक, रिंकू सिंह के खानचंद सिंह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से लड़ रहे थे और बीते कुछ दिनों में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई थी।

चेन्नई पहुंचते ही मिली बुरी खबर

जानकारी के अनुसार, रिंकू सिंह 23 फरवरी को टीम के साथ चेन्नई पहुंचे थे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। खबर मिलते ही रिंकू तुरंत चेन्नई से घर के लिए निकल पड़े। पिता को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। बताया जा रहा है कि खानचंद सिंह की स्थिति नाजुक थी। उन्हें मैकेनिकल वेंटिलेटर पर रखा गया था और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही थी। साथ ही, उन्हें रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी भी दी जा रही थी। इसके बावजूद आखिरकार बीमारी के आगे शरीर ने साथ छोड़ दिया। रिंकू सिंह ने पिता से मुलाकात के बाद टीम से दोबारा जुड़ने का फैसला किया था, जिसे लेकर कई लोगों ने उनके साहस की सराहना भी की। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से ठीक एक दिन पहले टीम कैंप में लौट आए थे। हालांकि, उस मैच में उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली थी और वह एक्स्ट्रा फील्डर के तौर पर मैदान पर नजर आए। अब पिता के निधन के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि रिंकू टूर्नामेंट को बीच में छोड़कर घर लौट सकते हैं। फिलहाल इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं कहा गया है।

पिता की मेहनत ने रिंकू को बनाया फाइटर

रिंकू सिंह के संघर्ष के पीछे उनके पिता की मेहनत और त्याग की बड़ी भूमिका रही है। बताया जाता है कि खानचंद सिंह गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे और अलीगढ़ की एक गैस एजेंसी में नौकरी करते हुए घर-घर सिलेंडर पहुंचाते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को टूटने नहीं दिया। रिंकू की सफलता के बाद भी पिता ने अपना काम नहीं छोड़ा और अपनी जिम्मेदारियों को उसी सादगी से निभाते रहे। ICC T20 World Cup 2026

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