
भारतीय महिला क्रिकेट टीम और श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम के बीच आज से आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 की शुरुआत हो रही है। मैदान पर दोनों टीमों के प्रदर्शन में जो अंतर दिखाई देता है, उसकी तुलना में उनकी कमाई का अंतर कहीं ज्यादा चौंकाने वाला है। भारतीय महिला क्रिकेटरों की सालाना सैलरी और मैच फीस श्रीलंकाई खिलाड़ियों की तुलना में काफी ऊँची है। इतने बड़े अंतर के बीच सवाल उठता है—श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ी वास्तव में कितनी कमाई करते हैं, और क्या उनकी मेहनत के पैमाने उनके बैंक अकाउंट में भी दिखते हैं? India vs Sri Lanka Women’s Cricket
श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों की सालाना सैलरी बोर्ड द्वारा निर्धारित ग्रेड के आधार पर 12 लाख से 36 लाख श्रीलंकाई रुपये तक होती है। यह रकम केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मिलती है जिनके बोर्ड के साथ आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट हैं। अगर इसे भारतीय रुपये में बदलकर देखा जाए, तो यह सालाना कमाई लगभग 3.5 लाख से 10.5 लाख रुपये के बीच आती है। इस तुलना में स्थिति और भी स्पष्ट हो जाती है—भारत की स्टार क्रिकेटर स्मृति मंधाना या हरमनप्रीत कौर की मात्र दो वनडे मैच की फीस भी श्रीलंका की महिला खिलाड़ियों की सालाना कमाई से अधिक है। यानी मैदान पर जितना अंतर दोनों टीमों के खेल में दिखाई देता है, उससे कहीं बड़ा अंतर उनकी कमाई में देखने को मिलता है।
अब बात करते हैं श्रीलंका की महिला क्रिकेटरों की मैच फीस की। महिला वनडे वर्ल्ड कप में एक मैच खेलने के लिए उन्हें लगभग 2.27 लाख श्रीलंकाई रुपये मिलते हैं। लेकिन अगर टीम मैच जीतती है तो बोनस के रूप में यह रकम बढ़कर 2.87 लाख श्रीलंकाई रुपये तक पहुँच जाती है। भारतीय रुपये में इसे देखें तो एक मैच खेलने पर उन्हें लगभग 66,657 रुपये मिलते हैं, और जीतने पर यह बढ़कर 84,318 रुपये हो जाती है। यानी, जीत का उत्साह बढ़ाने के लिए बोनस के बावजूद, श्रीलंका की महिला टीम की मैच फीस भारतीय टीम की तुलना में काफी कम है। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि मैदान पर जितना मुकाबला है, उससे कहीं अधिक बड़ा अंतर उनकी कमाई में है।
अब अगर हम भारतीय महिला क्रिकेटरों की मैच फीस की बात करें, तो स्थिति और भी स्पष्ट हो जाती है। एक वनडे मैच के लिए भारतीय खिलाड़ियों को लगभग 6 लाख रुपये मिलते हैं। वहीं श्रीलंका की महिला टीम के खिलाड़ियों की मैच फीस मात्र 66,657 रुपये से 84,318 रुपये के बीच है। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि मैदान पर जितना फर्क दोनों टीमों के खेल में नजर आता है, उससे कहीं अधिक बड़ा अंतर उनकी कमाई में है। भारतीय महिला क्रिकेटर अपनी मेहनत और प्रदर्शन के बदले आर्थिक रूप से बेहतर सुरक्षा हासिल करती हैं, जबकि श्रीलंकाई खिलाड़ी अभी भी इस मामले में लंबा रास्ता तय कर रही हैं। India vs Sri Lanka Women’s Cricket