आईपीएल 2026 से पहले एक बड़ी और अहम अपडेट सामने आई है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच हलचल बढ़ा दी है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीमों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।।

IPL 2026 : आईपीएल 2026 से पहले एक बड़ी और अहम अपडेट सामने आई है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच हलचल बढ़ा दी है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीमों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इस बार प्रैक्टिस सेशन, वार्म-अप मैच, नेट्स और पिच के इस्तेमाल को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बीसीसीआई का मकसद टूर्नामेंट में निष्पक्षता बनाए रखना, पिच की गुणवत्ता को सुरक्षित रखना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मेजबान टीम घरेलू परिस्थितियों का जरूरत से ज्यादा फायदा न उठा सके। यही वजह है कि अभ्यास मैचों के समय से लेकर मुख्य स्क्वायर के उपयोग तक हर चीज के लिए स्पष्ट नियम तय कर दिए गए हैं।
बीसीसीआई ने निर्देश दिया है कि अगर कोई टीम फ्लडलाइट्स के नीचे अभ्यास मैच खेलती है, तो उसकी अवधि साढ़े तीन घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। बोर्ड का मानना है कि लंबे अभ्यास मुकाबलों से स्क्वायर और पिच पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे बाद में आधिकारिक मैचों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि इस बार अभ्यास सत्रों को भी नियंत्रित दायरे में रखा गया है, ताकि मैदान और पिच दोनों सुरक्षित रहें। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, कोई भी फ्रेंचाइजी अधिकतम दो अभ्यास मैच ही खेल सकेगी। हालांकि इसके लिए पहले बीसीसीआई से अनुमति लेना जरूरी होगा। इसके साथ एक और अहम शर्त जोड़ी गई है कि ये मुकाबले मुख्य मैच पिच पर नहीं होंगे। इससे पिच को समय से पहले खराब होने से बचाया जा सकेगा और मैच के दिन उसकी गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी।
बीसीसीआई ने नेट प्रैक्टिस को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। किसी भी टीम को विरोधी टीम द्वारा इस्तेमाल की गई नेट्स या पिच का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। हर फ्रेंचाइजी को अलग और ताजा नेट्स तथा अभ्यास पिच उपलब्ध कराई जाएंगी। इतना ही नहीं, अगर एक टीम पहले से नेट्स या रेंज-हिटिंग विकेट पर अभ्यास कर रही है, तो दूसरी टीम उसी सुविधा का उपयोग साथ-साथ नहीं कर सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी टीमों को बराबरी की तैयारी का माहौल देना है।
बीसीसीआई ने मेन स्क्वायर को लेकर भी बड़ा नियम लागू किया है। किसी भी टीम के पहले घरेलू मुकाबले से चार दिन पहले मुख्य स्क्वायर पर न तो कोई प्रैक्टिस सेशन होगा और न ही कोई अभ्यास मैच कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर टीमों को वैकल्पिक मैदान मुफ्त में उपलब्ध कराए जा सकते हैं। वहीं, अगर दो टीमों के अभ्यास कार्यक्रम में टकराव होता है, तो ऐसे मामलों में मेहमान टीम को प्राथमिकता दी जाएगी।
इन नए निर्देशों का मुख्य उद्देश्य टूर्नामेंट में समान अवसर सुनिश्चित करना है। बीसीसीआई नहीं चाहता कि कोई टीम अपनी घरेलू पिच और सुविधाओं का अधिक उपयोग कर अतिरिक्त बढ़त हासिल करे।पिछले सीजन में कुछ टीमों द्वारा पिच के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे। यह भी कहा गया था कि इससे मैचों की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। अब बोर्ड ने इस तरह की आशंकाओं को रोकने के लिए पहले ही सख्त कदम उठा लिया है। बीसीसीआई के इन नियमों का सीधा फायदा उन टीमों को मिलेगा, जो बाहर जाकर मुकाबले खेलती हैं। अब उन्हें अभ्यास के लिए ज्यादा संतुलित और निष्पक्ष व्यवस्था मिल सकेगी। IPL 2026