16 दिसंबर को अबू धाबी में होने वाली मिनी ऑक्शन (IPL 2026) में इन पर बोली लगना बेहद कठिन होगा। आइए नज़र डालते हैं उन 5 भारतीय प्लेयर्स पर, जिनके लिए अगली नीलामी में खरीदार मिलना लगभग नामुमकिन नज़र आ रहा है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) की रिटेंशन लिस्ट सामने आने के बाद फ्रेंचाइजियों ने अपने–अपने स्क्वॉड का नया खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। 15 नवंबर को सभी 10 टीमों ने जिन खिलाड़ियों को साथ रखा और किन्हें रिलीज़ किया, उसकी लिस्ट जैसे ही पब्लिक हुई, कई बड़े भारतीय नाम अचानक चर्चा में आ गए – लेकिन इस बार पॉज़िटिव नहीं, बल्कि नेगेटिव कारणों से। क्योंकि जो प्रदर्शन इन खिलाड़ियों ने पिछली सीज़न में दिखाया, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि 16 दिसंबर को अबू धाबी में होने वाली मिनी ऑक्शन (IPL 2026) में इन पर बोली लगना बेहद कठिन होगा। आइए नजर डालते हैं उन 5 भारतीय प्लेयर्स पर, जिनके लिए अगली नीलामी में खरीदार मिलना लगभग नामुमकिन नज़र आ रहा है।
पिछले सीजन चेन्नई सुपर किंग्स की जर्सी पहनने वाले दीपक हुड्डा को फ्रेंचाइज़ी ने मिनी ऑक्शन से ठीक पहले रिलीज़ कर दिया। मेगा ऑक्शन के दौरान CSK ने उन पर 1.70 करोड़ रुपये तक की बोली लगाकर भरोसा जताया था, लेकिन मैदान पर हुड्डा उस भरोसे पर खरे नहीं उतर सके। पूरे सीजन में उन्हें सिर्फ 7 मैच मिले, जिनकी 5 पारियों में उनके बल्ले से कुल मिलाकर सिर्फ 31 रन निकले। औसत 6.20 और बेस्ट स्कोर 22 रन – ये संख्या किसी भी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ के लिए फ्रेंचाइज़ी का भरोसा जीतने के लिए काफी नहीं मानी जाती। ऐसे में यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं कि ज्यादातर टीमें मिनी ऑक्शन में हुड्डा पर दोबारा जोखिम उठाने से बचेंगी।
टीम इंडिया के लिए खेल चुके अनुभवी तेज गेंदबाज़ मोहित शर्मा IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से नजर आए थे। लेकिन तजुर्बा होने के बावजूद उनके नाम के आगे जो आँकड़े दर्ज हुए, वे किसी भी फ्रेंचाइज़ी को परेशान करने के लिए काफी हैं। दिल्ली के लिए खेले गए 8 मैचों में मोहित सिर्फ 2 विकेट ही निकाल सके और उनका इकॉनमी रेट 10.28 के आसपास रहा। यानी न तो विकेट मिले, न ही रन रोक पाए। यही वजह रही कि दिल्ली ने बिना देर किए उन्हें मिनी ऑक्शन से पहले रिलीज़ कर दिया। अब अगर मोहित अपना नाम IPL 2026 की नीलामी में दर्ज भी कराते हैं, तो इन आंकड़ों के बाद किसी टीम का उन पर दांव लगाना काफी कम संभावना वाला विकल्प ही दिखता है।
राहुल त्रिपाठी को चेन्नई सुपर किंग्स ने मेगा ऑक्शन में 3.40 करोड़ रुपये खर्च कर अपने साथ जोड़ा था। उम्मीद थी कि आक्रामक अंदाज़ से वो टॉप या मिडिल ऑर्डर में टीम को तेज शुरुआत देंगे, लेकिन मैदान पर कहानी पूरी तरह उलट दिखी।पिछले सीजन में राहुल त्रिपाठी महज़ 55 रन ही जोड़ सके। उनकी औसत करीब 11 रही और स्ट्राइक रेट 96.49 के आसपास – जो किसी भी आधुनिक टी20 बल्लेबाज़ के लिए बेहद साधारण माना जाता है, खासकर तब जब आप बड़ी रकम में खरीदे गए हों। ऐसे कमजोर आंकड़ों के बाद मिनी ऑक्शन (IPL 2026) में उनके लिए बोली लगना आसान नहीं दिख रहा। फ्रेंचाइजियां आमतौर पर ऐसे खिलाड़ी को स्क्वॉड में जगह देने से बचती हैं, जिनकी हालिया फॉर्म और स्ट्राइक रेट दोनों सवालों के घेरे में हों।
इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के मेगा ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने वेंकटेश अय्यर पर 23.75 करोड़ रुपये तक की बंपर बोली लगाकर सबको चौंका दिया था। उम्मीद थी कि वे टॉप ऑर्डर में रन बरसाएंगे और पार्ट–टाइम गेंदबाजी से बैलेंस भी देंगे, लेकिन सीजन के अंत तक ये दांव उल्टा पड़ता नजर आया। वेंकटेश अय्यर पूरे सीजन में केकेआर के लिए 11 मैचों की 7 पारियों में सिर्फ 142 रन ही बना सके। औसत 20.28 और एकमात्र अर्धशतक छोड़ दें, तो उनकी बाकी पारियां टीम के लिए खास मददगार साबित नहीं हुईं। इसके बाद KKR मैनेजमेंट ने गलती सुधारते हुए IPL 2026 से पहले उन्हें रिलीज़ करने का फैसला कर लिया। हालात और मुश्किल इसलिए भी हैं, क्योंकि रणजी ट्रॉफी 2025-26 में भी उनके बल्ले से बड़ी पारियां नहीं निकलीं। ऐसे में फ्रेंचाइजियां उनकी हालिया फॉर्म को देखते हुए नीलामी में हाथ खींचे रह सकती हैं।
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आए विजय शंकर के लिए भी पिछला सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। बल्ले से उन्होंने 6 मैचों में कुल 118 रन बनाए, वह भी करीब 129 के स्ट्राइक रेट के साथ। T20 में ये संख्या बुरी नहीं है, लेकिन जिस तरह की इम्पैक्टफुल पारियों की उम्मीद की जाती है, वैसा प्रदर्शन वे नहीं कर पाए। गेंदबाज़ी में भी वे कोई खास कमाल नहीं दिखा सके। न तो वे नियमित तौर पर विकेट झटक सके, न ही मिड ओवर में रन रोकने वाले विकल्प के तौर पर कप्तान को भरोसा दे पाए। नतीजा यह हुआ कि CSK ने भी उन्हें रिलीज़ की लिस्ट में डाल दिया। अब मिनी ऑक्शन (IPL 2026) में फ्रेंचाइजियां शायद ही उनके नाम पर गंभीरता से विचार करें।