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आईपीएल जैसी हाई-प्रोफाइल लीग में कप्तानी सिर्फ टॉस कराने या फील्ड सेट करने का काम नहीं होती, बल्कि यह पूरी टीम की दिशा तय करने वाली जिम्मेदारी होती है। जब नतीजे लगातार खराब आने लगें, तो सबसे पहले सवाल कप्तान की भूमिका पर ही उठते हैं।

IPL 2026 : आईपीएल जैसी हाई-प्रोफाइल लीग में कप्तानी सिर्फ टॉस कराने या फील्ड सेट करने का काम नहीं होती, बल्कि यह पूरी टीम की दिशा तय करने वाली जिम्मेदारी होती है। जब नतीजे लगातार खराब आने लगें, तो सबसे पहले सवाल कप्तान की भूमिका पर ही उठते हैं। आईपीएल 2026 में कुछ ऐसा ही माहौल कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे को लेकर बनता दिख रहा है। टीम की खराब शुरुआत ने इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या केकेआर बीच सीजन बड़ा फैसला लेते हुए कप्तानी में बदलाव कर सकती है। IPL 2026
कोलकाता नाइट राइडर्स का मौजूदा सीजन अब तक उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा है। टीम अभी तक एक भी मैच नहीं जीत सकी है। उसके खाते में जो एक अंक दर्ज है, वह भी किसी प्रभावशाली प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि बारिश से बाधित मुकाबला रद्द होने के कारण मिला। बाकी मुकाबलों में टीम लगातार हारती रही है और मैदान पर उसका खेल संतुलित नजर नहीं आया। यह सही है कि किसी भी हार के लिए केवल कप्तान को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होता, क्योंकि टीम गेम में हर खिलाड़ी की भूमिका अहम होती है। लेकिन क्रिकेट की सच्चाई यही है कि हार का सबसे बड़ा बोझ अक्सर कप्तान के कंधों पर ही आता है। यही वजह है कि केकेआर की खराब शुरुआत ने अजिंक्य रहाणे की कप्तानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। IPL 2026
रहाणे पर उठ रहे सवाल सिर्फ इस सीजन तक सीमित नहीं हैं। पिछले सीजन का प्रदर्शन भी उनके पक्ष में बहुत मजबूत कहानी नहीं बनाता। आईपीएल 2025 में भी टीम उनके नेतृत्व में खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी थी। दिलचस्प यह है कि 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खिताब जीता था, लेकिन अगले ही सीजन टीम प्लेऑफ तक भी नहीं पहुंच पाई। रहाणे की कप्तानी में पिछले साल KKR ने 14 मैच खेले, जिनमें सिर्फ 5 में जीत मिली। 7 मुकाबलों में हार मिली, जबकि 2 मैच बेनतीजा रहे। यह रिकॉर्ड साफ दिखाता है कि रहाणे के नेतृत्व में टीम वह निरंतरता नहीं दिखा सकी, जिसकी एक चैंपियन टीम से उम्मीद की जाती है। IPL 2026
अगर अजिंक्य रहाणे के पूरे आईपीएल कप्तानी रिकॉर्ड को देखें, तो तस्वीर और भी ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली दिखाई देती है। वे अब तक आईपीएल में 43 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं, लेकिन उनमें से केवल 14 मुकाबलों में जीत हासिल कर पाए हैं। उनका जीत प्रतिशत करीब 34.14 है, जो इस स्तर पर काफी कमजोर माना जाएगा। रहाणे ने इससे पहले राजस्थान रॉयल्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की भी कप्तानी की है, लेकिन कहीं भी वे लंबे समय तक ऐसे कप्तान के रूप में खुद को स्थापित नहीं कर पाए, जो दबाव के बीच टीम को लगातार जीत की राह पर ले जा सके। IPL 2026
कप्तान पर दबाव तब और बढ़ जाता है, जब उसकी व्यक्तिगत फॉर्म भी टीम को राहत नहीं दे पाती। अजिंक्य रहाणे ने मौजूदा सीजन में कुछ पारियां जरूर खेली हैं, जिनमें एक अर्धशतक और 41 रन की पारी शामिल है, लेकिन वे पारियां मैच का रुख बदलने वाली नहीं रहीं। टी20 क्रिकेट में आज सिर्फ रन बनाना काफी नहीं है, बल्कि रन किस गति से बन रहे हैं, यह ज्यादा मायने रखता है। रहाणे का आईपीएल स्ट्राइक रेट लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। उनका करियर स्ट्राइक रेट लगभग 125 के आसपास रहा है, जो मौजूदा टी20 दौर में बहुत प्रभावशाली नहीं माना जाता। खासकर तब, जब इम्पैक्ट प्लेयर नियम और आक्रामक बल्लेबाजी मैच की परिभाषा बदल चुके हों। IPL 2026
अगर केकेआर प्रबंधन कप्तानी बदलने का फैसला करता है, तो यह कोई असंभव या अभूतपूर्व कदम नहीं होगा। आईपीएल के इतिहास में कई बार ऐसा हुआ है, जब टीमों ने बीच सीजन कप्तान बदले हैं या फिर कप्तानों ने दबाव में अपनी जिम्मेदारी छोड़ दी है। खुद कोलकाता नाइट राइडर्स भी इस तरह की स्थिति से गुजर चुकी है। एक समय दिनेश कार्तिक ने कप्तानी छोड़कर इयोन मोर्गन को टीम की कमान सौंपी थी। बाहर से इसे बल्लेबाजी पर फोकस करने का फैसला बताया गया, लेकिन टीम के प्रदर्शन का दबाव भी उससे जुड़ा एक बड़ा कारण माना गया था। आईपीएल में पहले भी कई बड़े नाम बीच सीजन कप्तानी खो चुके हैं। ऐसे में अगर रहाणे के साथ भी ऐसा कुछ होता है, तो यह लीग के इतिहास में बिल्कुल फिट बैठने वाली कहानी होगी। IPL 2026
अजिंक्य रहाणे के लिए यह स्थिति पूरी तरह नई नहीं होगी। वे पहले भी बीच सीजन कप्तानी गंवा चुके हैं। 2019 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें कप्तानी सौंपी थी, लेकिन बाद में टीम मैनेजमेंट ने स्टीव स्मिथ को कप्तान बना दिया। यानी रहाणे अपने करियर में पहले भी इस तरह के फैसले का सामना कर चुके हैं। अगर केकेआर भी वैसा ही रास्ता चुनती है, तो यह उनके लिए एक और बड़ा व्यक्तिगत झटका जरूर होगा, लेकिन ऐसा पहली बार नहीं होगा। IPL 2026
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