
Lalit Upadhyay : भारतीय हॉकी के अग्रणी चेहरों में शुमार अनुभवी फॉरवर्ड ललित उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। रविवार को एफआईएच प्रो लीग 2024-25 सत्र के यूरोपीय चरण के भारत के अंतिम मुकाबले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिये यह फैसला सार्वजनिक किया। ललित दो ओलंपिक पदकों के गवाह रहे हैं — टोक्यो 2020 और पेरिस 2024, दोनों में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
अपनी संन्यास घोषणा में ललित ने भावुक स्वर में लिखा, “यह सफर एक छोटे से गांव से शुरू हुआ, जहां संसाधन सीमित थे, लेकिन सपने असीम। स्टिंग ऑपरेशन से लेकर ओलंपिक पोडियम तक पहुंचने की यह यात्रा चुनौतियों, आत्मनिर्भरता और गर्व के लम्हों से भरी रही। 26 वर्षों में अपने शहर से पहले ओलंपियन बनना मेरे लिए गर्व का विषय है, जिसे मैं आजीवन संजोकर रखूंगा।”
ललित ने वर्ष 2014 में विश्व कप के ज़रिये अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने 183 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 67 गोल अपने नाम किए। वह भारतीय टीम की उस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा रहे जिसने टोक्यो 2020 में चार दशक बाद ओलंपिक पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पेरिस 2024 में टीम ने फिर से कांस्य पदक जीता, और ललित एक बार फिर इस गौरवशाली क्षण का हिस्सा बने।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने ललित के योगदान को “प्रेरणादायक” बताते हुए कहा, “ललित उपाध्याय अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ और सबसे समर्पित फॉरवर्ड में से एक रहे। उन्होंने हर मैच में भारतीय जर्सी के सम्मान को सर्वोपरि रखा। वाराणसी की गलियों से लेकर ओलंपिक पोडियम तक का उनका सफर यकीनन लाखों युवाओं के लिए मिसाल है।”
ललित ने ओलंपिक के अलावा भी भारत को कई अहम टूर्नामेंटों में सफलता दिलाई:
2016 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी – स्वर्ण
2017 एशिया कप – स्वर्ण
2017 हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल – कांस्य
2018 चैंपियंस ट्रॉफी – रजत
2018 एशियाई खेल – कांस्य
2018 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी – स्वर्ण
2022 एशियाई खेल – स्वर्ण
एफआईएच प्रो लीग 2021-22 – तीसरा स्थान ।
उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए 2021 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। Lalit Upadhyay