ऐसे आंकड़े SRH मैनेजमेंट के लिए चेतावनी की घंटी जैसे हैं। टीम को डर है कि क्लासेन की यह गिरती फॉर्म और मैच-फिटनेस आने वाले सीजन में बड़ा दांव उलटा कर सकती है। शायद यही वजह है कि 23 करोड़ रुपये की हैवी सैलरी अब फ्रेंचाइज़ी को एक बोझिल “लक्ज़री” की तरह महसूस होने लगी है।

आईपीएल 2026 के मिनी-ऑक्शन से ऐन पहले सनराइजर्स हैदराबाद एक ऐसा कदम उठाने की तैयारी में है, जिसने पूरे क्रिकेट सर्कल का तापमान बढ़ा दिया है। खबरें हैं कि फ्रेंचाइज़ी अपने हाई-इम्पैक्ट विकेटकीपर-बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन को रिलीज करने पर गहन चर्चा कर रही है। वही क्लासेन, जिन्हें पिछले सीजन में रिकॉर्डतोड़ 23 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया था और जिनकी सैलरी कप्तान पैट कमिंस से भी ऊपर चली गई थी।
आईपीएल 2025 सनराइजर्स हैदराबाद के लिए उम्मीदों से ज्यादा निराशा लेकर आया। टीम छठे स्थान पर फिसल गई और पूरे सीजन में अस्थिरता हावी रही। इसी नतीजे ने फ्रेंचाइजी को अब बड़े सर्जिकल बदलाव की ओर धकेल दिया है। दिलचस्प बात यह है कि टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ हेनरिक क्लासेन ने 14 मैचों में 172.67 की धधकती स्ट्राइक रेट के साथ 487 रन ठोके और टॉप स्कोरर भी रहे। कई मौकों पर उन्होंने अकेले दम पर मैच का रुख मोड़ा, यह साबित करते हुए कि वह किसी भी समय खेल का चेहरा बदल देने वाले खरे ‘मैच-विनर’ हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद क्लासेन का गेम रिद्म लगातार टूटता दिख रहा है। हालिया ‘द हंड्रेड 2025’ में उनका प्रदर्शन उम्मीदों से काफी नीचे रहा। आठ पारियों में 112.68 की स्ट्राइक रेट से महज 151 रन ही बनाए। ऐसे आंकड़े SRH मैनेजमेंट के लिए चेतावनी की घंटी जैसे हैं। टीम को डर है कि क्लासेन की यह गिरती फॉर्म और मैच-फिटनेस आने वाले सीजन में बड़ा दांव उलटा कर सकती है। शायद यही वजह है कि 23 करोड़ रुपये की हैवी सैलरी अब फ्रेंचाइज़ी को एक बोझिल “लक्ज़री” की तरह महसूस होने लगी है।
SRH की निगाहें अब ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरुन ग्रीन पर टिकी हुई हैं। कप्तान पैट कमिंस और कोच डेनियल विटोरी दोनों का ऑस्ट्रेलियाई सेटअप से गहरा जुड़ाव ग्रीन के पक्ष में माहौल बना रहा है। माना जा रहा है कि अगर क्लासेन को रिलीज़ कर दिया जाता है, तो हैदराबाद के पास इतना बड़ा बजट खुल जाएगा कि वे ग्रीन के लिए मिनी-ऑक्शन में आक्रामक बोली लगा सकें। इसी बीच भारतीय पेसर मोहम्मद शमी का मामला भी दिलचस्प मोड़ पर है। दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स 15 नवंबर की डेडलाइन से पहले उनके ट्रेड पर बातचीत कर रहे हैं और अगर सौदा नहीं बनता, तो शमी भी नीलामी पूल की राह पकड़ सकते हैं।