
भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों का हाथ न मिलाना अचानक क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी सुर्खी बन गया। पहले आरोप मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट पर लगाए गए कि उन्होंने ही दोनों टीमों को ऐसा करने से रोका। लेकिन ताज़ा रिपोर्ट्स ने तस्वीर ही बदल दी है। दरअसल, पायक्रॉफ्ट दोषी नहीं थे, बल्कि वे तो सिर्फ दिए गए निर्देशों का पालन कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि ये आदेश सीधे एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की ओर से आए थे। यानी, टॉस के समय कप्तानों के बीच हैंडशेक पर रोक लगाने का असली कारण पायक्रॉफ्ट नहीं, बल्कि एसीसी का फैसला था—और यहीं से इस विवाद की असली कहानी सामने आती है। Asia Cup 2025
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट ने पूरे विवाद की नई परतें खोल दी हैं। 15 सितंबर को खेले गए भारत-पाकिस्तान मैच के अगले ही दिन पीसीबी ने आईसीसी को ई-मेल भेजकर मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट पर आरोप जड़ दिए कि उन्होंने टॉस के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किया। लेकिन आईसीसी ने जांच के बाद जो जवाब दिया, उसने पाकिस्तान बोर्ड को कटघरे में खड़ा कर दिया। आईसीसी ने साफ कहा कि पायक्रॉफ्ट ने कोई गलती नहीं की, बल्कि उन्होंने केवल एशियन क्रिकेट काउंसिल के आदेशों का पालन किया। Asia Cup 2025
मजेदार बात यह है कि एसीसी के अध्यक्ष खुद पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी हैं। यानी, जिस फैसले का ठीकरा पाकिस्तान रेफरी पर फोड़ रहा था, उसकी असली जिम्मेदारी सीधे उनके अपने बोर्ड के सर पर आ गई। इतना ही नहीं, आईसीसी ने पायक्रॉफ्ट की सराहना करते हुए लिखा कि उन्होंने पूरे मसले को बड़े संतुलन से संभाला और मैदान पर किसी तरह की असहज स्थिति पैदा नहीं होने दी।
पीसीबी ने 15 सितंबर को आईसीसी को ई-मेल भेजकर मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट पर आचार संहिता तोड़ने का आरोप लगाया। मगर आईसीसी ने त्वरित जांच के बाद पाकिस्तान बोर्ड की पूरी दलील खारिज कर दी। आईसीसी ने साफ शब्दों में कहा कि पायक्रॉफ्ट ने न केवल नियमों का उल्लंघन नहीं किया, बल्कि पूरे हालात को बेहद जिम्मेदारी और सूझबूझ के साथ संभाला। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि उनकी मौजूदगी ने टेलीविजन प्रसारण पर किसी तरह की असहज या विवादित स्थिति पैदा होने ही नहीं दी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीसी का जवाब पीसीबी को नागवार गुज़रा। पाकिस्तान बोर्ड ने धमकी दी कि यदि पायक्रॉफ्ट को उनके मैचों के रोस्टर से नहीं हटाया गया, तो वे एशिया कप से बाहर हो जाएंगे। हालांकि आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया कि मैच रेफरी ने कोई आचार संहिता उल्लंघन नहीं किया और किसी टीम की मांग पर अधिकारियों को बदलना गलत संदेश देगा। बावजूद इसके, 17 सितंबर को पीसीबी ने फिर से ई-मेल भेजकर पायक्रॉफ्ट की भूमिका पर सवाल उठाए और भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान कथित उल्लंघन का हवाला दिया। आईसीसी ने उनसे अतिरिक्त सबूत मांगे, जो अब तक बोर्ड द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। Asia Cup 2025
17 सितंबर को पाकिस्तान टीम अपने तय समय पर होटल से स्टेडियम के लिए नहीं निकली, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। इसी बीच मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने स्थिति संभालने के लिए पहल की और पाक कप्तान सलमान आगा, टीम मैनेजर नवीज अकरम चीमा के साथ बैठक बुलाई। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम के मैच रेफरी रूम में कोच माइक हेसन भी मौजूद थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, पायक्रॉफ्ट ने केवल गलतफहमी दूर करने के लिए बातचीत की और किसी तरह की माफी नहीं मांगी। इस बैठक का वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें आवाज नहीं है। पीसीबी का दावा था कि पायक्रॉफ्ट ने माफी मांगी, लेकिन अब सामने आई रिपोर्ट ने इस दावे को पूरी तरह झूठा साबित कर दिया है। Asia Cup 2025