आईपीएल की सबसे महंगी टीम बनी राजस्थान रॉयल्स, सौदे ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
आईपीएल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी डील सामने आई है। साल 2008 में पहले ही सीजन में खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली राजस्थान रॉयल्स अब नए मालिकाना ढांचे में जाने वाली है। अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी ने इस फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण करने का समझौता किया है।

IPL 2026 : आईपीएल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी डील सामने आई है। साल 2008 में पहले ही सीजन में खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली राजस्थान रॉयल्स अब नए मालिकाना ढांचे में जाने वाली है। अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी ने इस फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण करने का समझौता किया है। बताया जा रहा है कि यह सौदा 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 15,300 करोड़ रुपये में तय हुआ है। इस पूरी राशि का भुगतान एकमुश्त किए जाने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अधिग्रहण के पीछे काल सोमानी को अमेरिकी उद्योग जगत के बड़े नामों का भी समर्थन हासिल है। इनमें वॉलमार्ट परिवार से जुड़े कारोबारी रॉब वाल्टन और हैम्प परिवार का नाम शामिल बताया जा रहा है। यह डील आईपीएल 2026 सीजन के समापन के बाद प्रभावी होगी।
आईपीएल में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची टीमों की वैल्यू
राजस्थान रॉयल्स की यह बिक्री इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले आईपीएल में इतनी बड़ी रकम का सौदा नहीं हुआ था। पिछले वर्ष टॉरेंट ग्रुप ने गुजरात टाइटंस में 67 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 5,025 करोड़ रुपये में खरीदी थी। उस सौदे के बाद गुजरात फ्रेंचाइजी का कुल मूल्यांकन लगभग 7,500 करोड़ रुपये आंका गया था। गौरतलब है कि सीवीसी कैपिटल पार्टनर्स ने 2021 में गुजरात टाइटंस को 5,625 करोड़ रुपये में खरीदा था और बाद में अपनी 33 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास बरकरार रखी।
मनोज बादले के पास थी सबसे बड़ी हिस्सेदारी
राजस्थान रॉयल्स की स्वामित्व संरचना में सबसे बड़ी हिस्सेदारी मनोज बादले के पास थी, जो इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स के जरिये फ्रेंचाइजी में लगभग 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते थे। इसके अलावा रेडबर्ड कैपिटल पार्टनर्स और लाचलान मर्डोक जैसे निवेशक भी इसमें शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया पिछले साल के आखिर में शुरू हो गई थी और इस पूरे सौदे में निवेश बैंक द रेन ग्रुप सलाहकार की भूमिका में था।
खरीद की दौड़ में कई दिग्गज शामिल थे
राजस्थान रॉयल्स को खरीदने के लिए केवल एक पक्ष ही मैदान में नहीं था, बल्कि कई बड़े कारोबारी समूह इस रेस में शामिल थे। हाल ही में ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि फ्रेंचाइजी ने 1.7 अरब डॉलर यानी लगभग 15,859 करोड़ रुपये के एक प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। यह ऑफर कथित तौर पर कोलंबिया पैसिफिक कैपिटल पार्टनर्स की ओर से दिया गया था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। IPL 2026
IPL 2026 : आईपीएल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी डील सामने आई है। साल 2008 में पहले ही सीजन में खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली राजस्थान रॉयल्स अब नए मालिकाना ढांचे में जाने वाली है। अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी ने इस फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण करने का समझौता किया है। बताया जा रहा है कि यह सौदा 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 15,300 करोड़ रुपये में तय हुआ है। इस पूरी राशि का भुगतान एकमुश्त किए जाने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अधिग्रहण के पीछे काल सोमानी को अमेरिकी उद्योग जगत के बड़े नामों का भी समर्थन हासिल है। इनमें वॉलमार्ट परिवार से जुड़े कारोबारी रॉब वाल्टन और हैम्प परिवार का नाम शामिल बताया जा रहा है। यह डील आईपीएल 2026 सीजन के समापन के बाद प्रभावी होगी।
आईपीएल में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची टीमों की वैल्यू
राजस्थान रॉयल्स की यह बिक्री इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले आईपीएल में इतनी बड़ी रकम का सौदा नहीं हुआ था। पिछले वर्ष टॉरेंट ग्रुप ने गुजरात टाइटंस में 67 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 5,025 करोड़ रुपये में खरीदी थी। उस सौदे के बाद गुजरात फ्रेंचाइजी का कुल मूल्यांकन लगभग 7,500 करोड़ रुपये आंका गया था। गौरतलब है कि सीवीसी कैपिटल पार्टनर्स ने 2021 में गुजरात टाइटंस को 5,625 करोड़ रुपये में खरीदा था और बाद में अपनी 33 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास बरकरार रखी।
मनोज बादले के पास थी सबसे बड़ी हिस्सेदारी
राजस्थान रॉयल्स की स्वामित्व संरचना में सबसे बड़ी हिस्सेदारी मनोज बादले के पास थी, जो इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स के जरिये फ्रेंचाइजी में लगभग 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते थे। इसके अलावा रेडबर्ड कैपिटल पार्टनर्स और लाचलान मर्डोक जैसे निवेशक भी इसमें शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया पिछले साल के आखिर में शुरू हो गई थी और इस पूरे सौदे में निवेश बैंक द रेन ग्रुप सलाहकार की भूमिका में था।
खरीद की दौड़ में कई दिग्गज शामिल थे
राजस्थान रॉयल्स को खरीदने के लिए केवल एक पक्ष ही मैदान में नहीं था, बल्कि कई बड़े कारोबारी समूह इस रेस में शामिल थे। हाल ही में ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि फ्रेंचाइजी ने 1.7 अरब डॉलर यानी लगभग 15,859 करोड़ रुपये के एक प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। यह ऑफर कथित तौर पर कोलंबिया पैसिफिक कैपिटल पार्टनर्स की ओर से दिया गया था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। IPL 2026












