विवाद अफगान पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में शुरू हुआ, जब नबी ने गेंदबाज लुंगी एनगिडी की कलाई पर बंधे रिस्ट-बैंड को लेकर मैदानी अंपायरों से लंबी बहस छेड़ दी। अंपायरों के निर्देशों को नजरअंदाज करने और बातचीत को खींचने को आईसीसी ने आचार संहिता का उल्लंघन माना।

ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान के सीनियर ऑलराउंडर मोहम्मद नबी की एक बहस भारी पड़ गई। अहमदाबाद में 11 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्रुप डी मुकाबले के दौरान अंपायरों से उलझना नबी को महंगा पड़ा, और आईसीसी ने उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगा दिया। साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जुड़ गया। विवाद अफगान पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में शुरू हुआ, जब नबी ने गेंदबाज लुंगी एनगिडी की कलाई पर बंधे रिस्ट-बैंड को लेकर मैदानी अंपायरों से लंबी बहस छेड़ दी। अंपायरों के निर्देशों को नजरअंदाज करने और बातचीत को खींचने को आईसीसी ने आचार संहिता का उल्लंघन माना।
आईसीसी ने मोहम्मद नबी को लेवल-1 उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए अनुच्छेद 2.4 के तहत कार्रवाई की है। यह नियम मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अनदेखी या आदेश न मानने से जुड़ा है। इस मामले को लेकर मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर के.एन. अनंतपद्मनाभन ने रिपोर्ट के आधार पर औपचारिक रूप से चार्ज लगाया। नबी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल के मैच रेफरी डेविड गिल्बर्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को तुरंत मान लिया। दोष कबूलने के कारण मामले में फॉर्मल हियरिंग नहीं हुई, और मैच रेफरी का फैसला अंतिम माना गया।
आईसीसी नियमों के मुताबिक, लेवल-1 उल्लंघन में सजा की सीमा चेतावनी/फटकार से लेकर मैच फीस के 50% तक जुर्माना और 1-2 डिमेरिट अंक तक हो सकती है। नबी को फिलहाल एक डिमेरिट अंक मिला है, जो उनके रिकॉर्ड में 24 महीने तक रहेगा। यदि कोई खिलाड़ी इस अवधि में चार या उससे ज्यादा डिमेरिट अंक जमा कर लेता है, तो ये सस्पेंशन पॉइंट्स में बदल जाते हैं और खिलाड़ी पर मैचों का प्रतिबंध लग सकता है। हालांकि नबी के लिए यह पिछले 24 महीनों में पहला आधिकारिक अपराध है, लेकिन आगे ऐसी घटनाएं दोहराईं तो उन्हें बड़े मुकाबलों से बाहर भी होना पड़ सकता है। ICC T20 World Cup 2026