
कभी टी20 क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माने जाने वाले सूर्यकुमार यादव आज एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां उनके नाम से ज्यादा चर्चा उनके बयानों और इमेज की हो रही है। कप्तान बनकर उन्होंने रोहित शर्मा की जगह तो ले ली, लेकिन बल्ला अब भी ‘मौन’ है। एशिया कप में टीम इंडिया ने खिताब जीता, पाकिस्तान को तीन बार हराया, लेकिन सूर्या की सबसे बड़ी ‘जीत’ कैमरे के सामने उनकी मुस्कराहट और इंटरव्यू की चुटीलापन ही रही। सवाल बड़ा है — टीम इंडिया को कप्तान चाहिए या रन मशीन? Suryakumar Yadav
कप्तान बनने के बाद सूर्या की ऊर्जा में कोई कमी नहीं दिखी, पर उनकी बल्लेबाजी का आत्मविश्वास जैसे कहीं खो गया। मैदान पर उनकी मौजूदगी दमदार है, पर बल्ले से वही धार गायब है जो कभी विरोधियों की नींद उड़ा देती थी।
‘हैंडशेक-गेट’ से लेकर ‘रोहित जैसा बनने’ के बयान तक — चर्चा खूब हुई, मगर रन कम निकले। Suryakumar Yadav
साल 2025 में अब तक 11 पारियों में सिर्फ 100 रन, स्ट्राइक रेट 105.26। बतौर पूर्णकालिक कप्तान 20 पारियों में महज 330 रन — इन संख्याओं में वो सूर्या नजर नहीं आते जिन्होंने कभी हर गेंदबाज को निशाने पर लिया था।
टी20 इंटरनेशनल में लगातार 14 पारियों से अर्धशतक नहीं, यह उनके करियर का सबसे लंबा ‘ड्राई स्पेल’ है। हालांकि IPL 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए उन्होंने 717 रन (औसत 65.18, स्ट्राइक रेट 167.91) ठोके थे। Suryakumar Yadav
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और कोच गौतम गंभीर दोनों सूर्या के साथ खड़े हैं। गंभीर ने साफ कहा, “हमने टीम में अल्ट्रा-अग्रेसिव स्टाइल अपनाया है, नाकामी भी उसी का हिस्सा है। फिर भी, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही 5 मैचों की टी20 सीरीज सूर्या के लिए ‘करो या मरो’ जैसी साबित हो सकती है। एशिया कप में सूर्या बार-बार एक ही गलती दोहराते दिखे — शॉट पहले तय कर लेना, स्वीप या फ्लिक में फंसना और टाइमिंग खो देना।
अब ऑस्ट्रेलिया की तेज़ और उछाल भरी पिचें उनकी परीक्षा लेने को तैयार हैं। पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 47 रन को छोड़ दें, तो उनका बाकी स्कोरलाइन खुद सब कुछ कह देता है। एशिया कप फाइनल के बाद सूर्या ने मुस्कराते हुए कहा था — “मैं आउट ऑफ फॉर्म नहीं, आउट ऑफ रन हूं। Suryakumar Yadav