
भारत बुधवार से एशिया कप 2025 का आगाज यूएई के खिलाफ करेगा। हालांकि पहला मैच कुछ हद तक आसान नजर आता है,लेकिन असली चुनौती भारतीय टीम के सामने दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम की हरी-भरी पिच है। घास से ढकी इस पिच ने कप्तान और कोच के लिए प्लेइंग इलेवन तय करना मुश्किल बना दिया है। टीम को केवल आईसीसी अकादमी में नेट प्रैक्टिस करने का मौका मिला और मैदान की असली परिस्थितियों का अनुभव उन्हें मैच से सिर्फ एक दिन पहले ही हुआ। इस वजह से टीम इंडिया की रणनीति और चयन पर हर किसी की नजरें टिकी हैं। Asia Cup 2025
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच हमेशा ही रहस्यमय रही है। कभी यह स्पिनरों के लिए सहारा बनती है, तो कभी तेज गेंदबाजों को बढ़त देती है। एशिया कप 2025 में भारतीय टीम के सामने यही पिच बड़ी चुनौती बन गई है। अभ्यास का समय सीमित होने की वजह से कप्तान और कोच के लिए सही प्लेइंग इलेवन का चयन और भी मुश्किल हो गया है। गेंदबाजी कोच मॉर्ने मोर्कल ने भी माना कि विकेट पर घास की मोटी परत मौजूद है, जिससे शुरुआती रणनीति तय करना आसान नहीं होगा।
एशिया कप 2025 में भारतीय टीम के लिए विकेटकीपर का चयन अब तक सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। वर्तमान में जितेश शर्मा लगातार मौके हासिल कर कप्तान के लिए पहले विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जबकि शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा ओपनिंग जोड़ी के तौर पर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, संजू सैमसन को नेट्स में सीमित अभ्यास का मौका मिला है, जिससे उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह फिलहाल पक्की नहीं हो पाई है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि उनके इस समय का मुख्य फोकस बल्लेबाजी पर है, ताकि दुबई की रहस्यमय पिच पर टीम इंडिया के लिए संतुलन बनाए रखा जा सके।
एशिया कप 2025 में टीम इंडिया के लिए नंबर-8 की पोजीशन बड़ी चुनौती बनी हुई है। दुबई की रहस्यमय पिच और बल्लेबाजी-बल्लेबाजी संतुलन को देखते हुए टीम मैनेजमेंट के पास दो प्रमुख विकल्प हैं: एक, नेट्स में प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके ऑलराउंडर शिवम दुबे को उतारकर बल्लेबाजी को मजबूत करना; या फिर जसप्रीत बुमराह के साथ नए तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह या हर्षित राणा को मौका देना और हार्दिक पंड्या को तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में शामिल करना। गेंदबाजी कोच मॉर्ने मोर्कल का मानना है कि ऑलराउंडर्स की मौजूदगी कप्तान को हर परिस्थिति में अधिक विकल्प देती है, इसलिए टीम फिलहाल विभिन्न संयोजनों का परीक्षण कर रही है ताकि दुबई की पिच पर हर स्थिति में बेहतरीन संतुलन बन सके।
मार्च में दुबई में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम ने मोहम्मद शमी के अलावा चार स्पिनरों को उतारा था, और तब रवींद्र जडेजा जैसे भरोसेमंद ऑलराउंडर बैटिंग-बॉलिंग संतुलन बनाए रखते थे। लेकिन जडेजा के टी20 संन्यास के बाद टीम का स्पिन-भारी संयोजन अब चुनौतीपूर्ण नजर आता है। एशिया कप 2025 की तैयारी में टीम इंडिया ने मंगलवार को वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन रखा है। यूएई के खिलाफ पहला मैच अपेक्षाकृत आसान लग सकता है, लेकिन असली परीक्षा 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होगी। टीम मैनेजमेंट इस दौरान दुबई की रहस्यमय पिच और खिलाड़ियों के सही कॉम्बिनेशन को समझने की कोशिश में जुटा है, ताकि हर स्थिति में भारत मजबूत दिखाई दे। Asia Cup 2025