
टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 की पोजीशन अब भी एक बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट में यह समस्या फिर सामने आई, जब साई सुदर्शन इस अहम पोजीशन पर उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इससे पहले इंग्लैंड दौरे में करुण नायर भी इसी नंबर पर लगातार फ्लॉप रहे थे। कभी इस पोजीशन पर राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी। द्रविड़ और पुजारा ने नंबर 3 पर लगातार भरोसेमंद प्रदर्शन करके टीम को मजबूत आधार दिया। लेकिन वर्तमान में इस बैटिंग पोजीशन को संभालना किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती बन चुका है। अहमदाबाद टेस्ट में साई सुदर्शन नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन महज 7 रन बनाकर रोस्टन चेज की गेंद पर LBW हो गए। इस प्रदर्शन ने टीम इंडिया की नंबर 3 की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए। Team India
इंग्लैंड सीरीज में साई सुदर्शन ने तीन मैचों में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए कुल 140 रन बनाए। छह पारियों में उनका औसत 23.33 रहा, जिसमें एक 61 रनों की पारी भी शामिल थी।
वहीं करुण नायर ने दो मैचों में चार पारियों में 111 रन बनाए। उनका औसत 27.75 और स्ट्राइक रेट 58.11 रहा। सर्वोत्तम पारी केवल 40 रनों की रही। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि दोनों बल्लेबाज अभी तक इस नंबर पर खुद को स्थापित नहीं कर पाए।
चेतेश्वर पुजारा भारतीय टीम के लिए नंबर 3 पर एक अभेद्य दीवार साबित हुए। उन्होंने 94 टेस्ट मैचों में इस पोजीशन पर 6529 रन बनाए, औसत 44.41 का रहा, जिसमें 18 शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 पर सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ रहे। उन्होंने 135 मैचों में 217 पारियों में 10501 रन बनाए। उनका औसत 53.30 रहा और 28 शतक व 50 अर्धशतक उनके नाम दर्ज हैं।यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि टीम इंडिया को नंबर 3 की गुत्थी का स्थायी समाधान ढूंढना होगा। वर्तमान में करुण नायर और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी मौके भले ही मिले, लेकिन इस पोजीशन पर भरोसेमंद साबित नहीं हो पाए। सवाल अब सिर्फ यह है—क्या टीम इंडिया इस चुनौती से निपट पाएगी, या नंबर 3 की गुत्थी यूं ही बनी रहेगी? Team India