
एशिया कप 2025 का रोमांच चरम पर पहुंच चुका है। 9 सितंबर से शुरू होने वाले इस क्रिकेट महासंग्राम में टीम इंडिया 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ अपनी चुनौती पेश करेगी। महायुद्ध से ठीक पहले दुबई स्थित ICC क्रिकेट अकादमी में खिलाड़ियों ने जिस intensity के साथ बहाया, उसने फैंस का उत्साह और भी बढ़ा दिया है। अभ्यास सत्र मानो किसी असली मुकाबले की झलक पेश कर रहा था, जहां खिलाड़ियों की रणनीति, संयम और जज़्बा साफ दिखाई दिया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस प्रैक्टिस सेशन ने संभावित प्लेइंग-11 के इरादों की झलक भी सामने ला दी। Asia Cup 2025
अभ्यास सत्र की शुरुआत सबसे पहले विकेटकीपर संजू सैमसन ने की। वह सीधे मैदान पर उतरे और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के साथ विकेटकीपिंग की बारीकियों पर पसीना बहाना शुरू किया। उनकी तेज़ डाइव और धारदार कैचिंग देखकर कोच ने खुलकर सराहना की। इसी बीच हेड कोच भी उनके पास पहुंचे और कुछ देर तक गहन बातचीत की।
नेट सेशन में RCB के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज़ जितेश शर्मा का आत्मविश्वास देखने लायक था। उन्होंने शिवम दुबे, तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या के साथ मिलकर लंबे समय तक नेट्स पर अपनी बल्लेबाज़ी को निखारा। उनकी शॉट सिलेक्शन और टाइमिंग ने सभी का ध्यान खींचा। दूसरी ओर, संजू सैमसन पूरे सत्र में पैड पहनकर तैयार तो रहे, लेकिन उन्हें बैटिंग का ज्यादा मौका नहीं मिला। अभ्यास के अंत में उन्हें कुछ गेंदों का सामना कराया गया, लेकिन वह मौका भी सीमित ही साबित हुआ, जिसने चयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए है।
नेट प्रैक्टिस में कप्तान सूर्यकुमार यादव, उपकप्तान शुभमन गिल और युवा ओपनर अभिषेक शर्मा बार-बार बल्लेबाज़ी करने उतरे। तीनों के बीच तालमेल और शॉट्स की धार देखकर साफ झलक रहा था कि टीम मैनेजमेंट टॉप ऑर्डर को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता।
अभ्यास सत्र से एक और बड़ा संकेत रिंकू सिंह की स्थिति से मिला। उन्होंने ज्यादातर समय पैड तक नहीं पहने। आखिर में सपोर्ट स्टाफ की थ्रोडाउन गेंदों पर उन्होंने थोड़ी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन संकेत यही मिले कि उन्हें शुरुआती प्लेइंग-11 में जगह मिलना मुश्किल है। पूरे अभ्यास सत्र से यह साफ होता दिखा कि टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता बल्लेबाजी क्रम को गहराई देना और हरफनमौला खिलाड़ियों पर भरोसा करना है। ऐसे में फिनिशर की भूमिका में जितेश शर्मा को तरजीह मिलना लगभग तय माना जा रहा है। Asia Cup 2025