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मेक्सिको और कनाडा के बाद मेजबान अमेरिका ने भी फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जोरदार अंदाज में आगाज करते हुए अपने पहले ही मुकाबले में पराग्वे को 4-1 के बड़े अंतर से मात दी। इस शानदार जीत में सबसे अहम भूमिका युवा स्टार फोलारिन बालोगुन ने निभाई, जिन्होंने दो बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम को निर्णायक बढ़त दिलाई।

FIFA World Cup 2026 : मेक्सिको और कनाडा के बाद मेजबान अमेरिका ने भी फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जोरदार अंदाज में आगाज करते हुए अपने पहले ही मुकाबले में पराग्वे को 4-1 के बड़े अंतर से मात दी। इस शानदार जीत में सबसे अहम भूमिका युवा स्टार फोलारिन बालोगुन ने निभाई, जिन्होंने दो बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम को निर्णायक बढ़त दिलाई। उनकी इस धमाकेदार परफॉर्मेंस के बाद वह अमेरिका के नए फुटबॉल आइकन के रूप में उभरकर सामने आए हैं। FIFA World Cup 2026
इस मुकाबले में अमेरिका ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कीं। टीम ने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार एक ही मैच के पहले हाफ में तीन गोल किए। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि 1930 के बाद पहली बार किसी अमेरिकी खिलाड़ी ने वर्ल्ड कप मैच में दो गोल किए हैं। स्टेडियम में मौजूद 70,000 से अधिक दर्शकों के सामने अमेरिका ने जिस आक्रामक अंदाज में खेल दिखाया, उसने फुटबॉल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। FIFA World Cup 2026
फोलारिन बालोगुन का जन्म न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में नाइजीरियाई मूल के माता-पिता के घर हुआ था। महज एक महीने की उम्र में उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया, जहां उनका बचपन लंदन में बीता। उन्होंने सिर्फ 8 साल की उम्र में आर्सेनल फुटबॉल अकादमी में प्रवेश लिया और यहीं से उनके करियर की नींव रखी गई। बालोगुन ने युवा स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व भी किया और अमेरिका की U-18 टीम के लिए भी खेल चुके हैं। बालोगुन के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इंग्लैंड और नाइजीरिया तीनों देशों के लिए खेलने का विकल्प था। इंग्लैंड की स्टार-भरी टीम में जगह बनाना मुश्किल माना जा रहा था, जबकि नाइजीरिया इस बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका। ऐसे में उन्होंने अमेरिका को चुना और यही फैसला अब उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। FIFA World Cup 2026
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