यह पारी वैभव सूर्यवंशी के लिस्ट-ए करियर की पहली सेंचुरी भी बनी और साथ ही उनका अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले लिस्ट-ए क्रिकेट में उनका सर्वाधिक स्कोर 71 रन था,लेकिन इस बार उन्होंने अपनी सीमा भी तोड़ दी और रिकॉर्ड की दहलीज पर दस्तक दे दी।

Vaibhav Suryavanshi : विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार की शुरुआत सिर्फ अच्छी नहीं, बल्कि ऐतिहासिक बन गई और इस यादगार आगाज का चेहरा बने टीम के उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में महज़ 14 साल के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने जिस बेखौफ अंदाज़ में रन बरसाए, उसने मैदान पर मौजूद हर शख्स को चौंका दिया। वैभव सूर्यवंशी की यह विस्फोटक पारी सिर्फ मैच जिताने वाली नहीं रही, बल्कि लिस्ट-ए क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में एक नया और चमकदार अध्याय जोड़ गई।
मैच में वैभव सूर्यवंशी ने बल्लेबाजी को मानो “पावर-प्ले” बना दिया सिर्फ 84 गेंदों पर 190 रनों की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने अरुणाचल के गेंदबाजों पर दबाव नहीं, सीधा हमला बोल दिया। 226 से ऊपर के स्ट्राइक रेट के साथ चौकों-छक्कों की ऐसी बारिश हुई कि मैदान के हर हिस्से में गेंद पहुंचती दिखी। यह पारी वैभव सूर्यवंशी के लिस्ट-ए करियर की पहली सेंचुरी भी बनी और साथ ही उनका अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले लिस्ट-ए क्रिकेट में उनका सर्वाधिक स्कोर 71 रन था,लेकिन इस बार उन्होंने अपनी सीमा भी तोड़ दी और रिकॉर्ड की दहलीज पर दस्तक दे दी।
इस पारी का सबसे चमकदार मोड़ वही था, जब वैभव सूर्यवंशी ने रिकॉर्ड बुक में सीधा “नया पन्ना” जोड़ दिया। अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो चुका है। इससे पहले यह कारनामा एबी डीविलियर्स के नाम था, जिन्होंने 2015 के वनडे वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ 64 गेंदों में 150 रन पूरे किए थे। मगर 2025 में वैभव सूर्यवंशी ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 54 गेंदों में 150 का आंकड़ा छूकर डीविलियर्स का 10 साल पुराना रिकॉर्ड 10 गेंद पहले ही तोड़ दिया और बता दिया कि यह सिर्फ एक पारी नहीं, एक ऐलान है।
वैभव का डबल सेंचुरी का सपना बस 10 रन से अधूरा रह गया। अगर वह नाबाद रहते, तो विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने के रिकॉर्ड पर भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। फिलहाल यह रिकॉर्ड संजू सैमसन के नाम है, जिन्होंने 2019 में गोवा के खिलाफ 125 गेंदों में दोहरा शतक जड़ा था। Vaibhav Suryavanshi