इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे दौरे पर जोरदार वापसी करते हुए न केवल एक मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता, बल्कि पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर प्लेयर ऑफ द सीरीज भी बने।

Vaibhav Suryavanshi : वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी ने एक बार फिर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे दौरे पर जोरदार वापसी करते हुए न केवल एक मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता, बल्कि पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर प्लेयर ऑफ द सीरीज भी बने। इसी बीच भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज रोबिन उथप्पा ने वैभव की बल्लेबाजी तकनीक की तुलना क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सर डॉन ब्रैडमैन से कर दी है। उथप्पा के इस बयान ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। Vaibhav Suryavanshi
रोबिन उथप्पा का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी तकनीक बेहद खास है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी के भविष्य को लेकर अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी। उथप्पा ने कहा कि अभी दुनिया के गेंदबाजों ने वैभव की बल्लेबाजी को पूरी तरह समझा नहीं है और समय के साथ यह देखना होगा कि वह लगातार कैसा प्रदर्शन करते हैं। उथप्पा के मुताबिक वैभव की तकनीक में उन्हें सर डॉन ब्रैडमैन की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ब्रैडमैन की तरह वैभव भी गेंद को देर से खेलते हैं और उनकी तकनीक ऐसी है कि उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट करना आसान नहीं होता। यही वजह है कि उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के बीच तकनीकी समानता का जिक्र किया। Vaibhav Suryavanshi
अपने यूट्यूब चैनल पर रोबिन उथप्पा ने कहा कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि वैभव सूर्यवंशी कितनी ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि अभी गेंदबाज वैभव के खेल को समझने की कोशिश कर रहे हैं और आने वाले समय में उनकी असली परीक्षा होगी। उथप्पा ने यह भी कहा कि क्रिकेट इतिहास में ब्रैडमैन के खिलाफ बॉडीलाइन रणनीति अपनाई गई थी, लेकिन उनकी तकनीक बेहद मजबूत थी। वैभव की बल्लेबाजी में भी उन्हें वैसी ही तकनीकी मजबूती नजर आती है। Vaibhav Suryavanshi
सर डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट क्रिकेट रिकॉर्ड आज भी दुनिया में बेजोड़ माना जाता है। उन्होंने 52 टेस्ट मैचों में 6,996 रन बनाए और 99.94 की औसत से बल्लेबाजी की। उनके नाम 29 शतक, 13 अर्धशतक, 12 दोहरे शतक और 3 तिहरे शतक दर्ज हैं। इतने वर्षों बाद भी कोई बल्लेबाज उनके औसत के आसपास नहीं पहुंच सका है। Vaibhav Suryavanshi
रोबिन उथप्पा का कहना है कि यदि वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को बरकरार रखते हुए 40 से अधिक का औसत बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे अलग और प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल हो सकते हैं। उनके मुताबिक मौजूदा दौर में तेज स्ट्राइक रेट के साथ लगातार अच्छा औसत बनाए रखना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। Vaibhav Suryavanshi
उथप्पा ने बातचीत के दौरान एक रोचक सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि द्वितीय विश्व युद्ध के कारण सर डॉन ब्रैडमैन का क्रिकेट करियर प्रभावित नहीं हुआ होता और उन्हें लगभग 30 टेस्ट मैच और खेलने का मौका मिलता, तो यह देखना दिलचस्प होता कि क्या उनका बल्लेबाजी औसत तब भी 99 या 100 के करीब बना रहता। उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच नई चर्चा को जन्म दे दिया है। Vaibhav Suryavanshi
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