विज्ञापन
दुनिया की सबसे प्रसिद्ध लीग इंडियन प्रीमियर लीग में हर सीजन के दौरान फ्रेंचाइजी टीमों को सबसे बड़ी परेशानी तब झेलनी पड़ती है, जब कोई अहम खिलाड़ी चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो जाता है। ऐसे हालात में टीमों को अपने संतुलन को बनाए रखने के लिए नए विकल्प तलाशने पड़ते हैं।

IPL 2026 : दुनिया की सबसे प्रसिद्ध लीग इंडियन प्रीमियर लीग में हर सीजन के दौरान फ्रेंचाइजी टीमों को सबसे बड़ी परेशानी तब झेलनी पड़ती है, जब कोई अहम खिलाड़ी चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो जाता है। ऐसे हालात में टीमों को अपने संतुलन को बनाए रखने के लिए नए विकल्प तलाशने पड़ते हैं। मौजूदा सीजन में भी कई खिलाड़ी चोटिल होकर बाहर हुए हैं, जिसके बाद टीम कॉम्बिनेशन पर असर साफ दिखाई दिया है। इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े एक सुझाव ने IPL के लोन सिस्टम को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर दूसरी टीम से खिलाड़ी उधार पर लेने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। इसके बाद फैंस के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर IPL का लोन सिस्टम है क्या और इसके नियम कैसे काम करते हैं। IPL 2026
आईपीएल में किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर फ्रेंचाइजी के पास रिप्लेसमेंट खिलाड़ी लेने का विकल्प मौजूद रहता है। हालांकि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के दायरे में होती है। यदि कोई खिलाड़ी चोट के कारण बाहर होता है और उसकी टीम ने अब तक टूर्नामेंट में 12 मैच पूरे नहीं किए हैं, तो उसकी जगह नया खिलाड़ी शामिल किया जा सकता है। इसके लिए चोटिल खिलाड़ी को बीसीसीआई द्वारा अधिकृत मेडिकल पैनल से जांच करानी होती है। मेडिकल मंजूरी मिलने के बाद ही फ्रेंचाइजी को रिप्लेसमेंट साइन करने की अनुमति दी जाती है। यह रिप्लेसमेंट आमतौर पर ऐसे खिलाड़ी के रूप में लिया जाता है, जिसे पहले किसी भी फ्रेंचाइजी ने अपने स्क्वॉड में शामिल नहीं किया हो। IPL 2026
रिप्लेसमेंट नियम से अलग IPL में लोन सिस्टम का भी प्रावधान है। इस व्यवस्था के तहत कोई फ्रेंचाइजी दूसरी फ्रेंचाइजी से किसी खिलाड़ी को सीमित शर्तों के साथ अपने टीम के लिए उपलब्ध करा सकती है। आसान भाषा में कहें तो खिलाड़ी की स्थायी खरीद नहीं होती, बल्कि वह अस्थायी तौर पर दूसरी टीम के लिए खेलता है। बता दें कि यह नियम साल 2018 से लागू है। हालांकि कागजों पर यह व्यवस्था काफी दिलचस्प नजर आती है, लेकिन पिछले कई सीजन में इसका इस्तेमाल बहुत कम देखने को मिला है। IPL 2026
आईपीएल के नियमों के मुताबिक, कोई खिलाड़ी तभी लोन पर दूसरी टीम में जा सकता है जब उसने उस सीजन में अधिकतम दो मैच ही खेले हों। अगर खिलाड़ी इससे ज्यादा मुकाबले खेल चुका है, तो उसे लोन पर नहीं भेजा जा सकता। इसके अलावा एक खिलाड़ी को एक सीजन में सिर्फ एक बार ही लोन पर भेजा जा सकता है। इसके अलावा एक और अहम नियम यह है कि जो खिलाड़ी लोन पर दूसरी टीम से जुड़ता है, उसे उसकी मूल फ्रेंचाइजी के खिलाफ मैदान में नहीं उतारा जा सकता। IPL 2026
लोन सिस्टम का इस्तेमाल पूरे सीजन में कभी भी नहीं किया जा सकता। इसके लिए एक तय समयसीमा होती है। नियमों के अनुसार, सीजन के सातवें मैच के बाद लोन विंडो बंद हो जाती है। इसका मतलब यह है कि फ्रेंचाइजियों को शुरुआती दौर में ही फैसला लेना होता है कि उन्हें किसी खिलाड़ी को उधार पर लेना है या नहीं। यह समयसीमा इसलिए रखी गई है, ताकि टीमों को शुरुआती मैचों के बाद अपने संयोजन, फॉर्म और चोट की स्थिति को देखते हुए जरूरी रणनीतिक बदलाव का मौका मिल सके। IPL 2026
हालांकि लोन सिस्टम टीमों को अतिरिक्त विकल्प देता है, लेकिन व्यवहार में फ्रेंचाइजियां अक्सर सीधे रिप्लेसमेंट खिलाड़ी लेने को ज्यादा आसान मानती हैं। दूसरी टीम से खिलाड़ी उधार पर लेने में कई तरह की शर्तें, सहमति और सीमाएं जुड़ी होती हैं। यही वजह है कि पिछले आठ सीजन में किसी भी फ्रेंचाइजी ने इस नियम का कुछ खास उपयोग नहीं किया। अधिकतर टीमों को चोटिल खिलाड़ी की जगह बाहर से नया रिप्लेसमेंट लाना ज्यादा व्यावहारिक लगता है। इसी कारण लोन सिस्टम चर्चा में तो रहता है, लेकिन मैदान पर कम दिखाई देता है। IPL 2026
विज्ञापन