
Neeraj Chopra : एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का रंगारंग आयोजन साउथ कोरिया के गुमी शहर में जारी है, जहां 43 देशों के दो हजार से अधिक एथलीट्स शिरकत कर रहे हैं। भारत की ओर से 64 सदस्यीय दल इस प्रतियोगिता में भाग ले रहा है, लेकिन सबकी निगाहों में एक अहम नाम नदारद है—नीरज चोपड़ा। जैवलिन थ्रो के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हर किसी को खल रही है। जब प्रतियोगिता के स्टार खिलाड़ियों की बात होती है, तो नीरज का नाम खुद-ब-खुद चर्चा में आता है। ऐसे में उनका दल में न होना, खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा सवाल बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, नीरज चोपड़ा ने स्वयं इस चैंपियनशिप में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया है। वर्ष के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को देखते हुए, यह फैसला उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम और शारीरिक स्थिति के मद्देनजर लिया गया है। नीरज हाल ही में दोहा डायमंड लीग और पोलैंड में जानुस कुसोक्सिंस्की मेमोरियल में भाग ले चुके हैं। इन दोनों प्रतिस्पर्धाओं में उन्होंने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए क्रमशः दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
दिलचस्प बात यह है कि नीरज ने पहली बार डायमंड लीग में 90 मीटर की दूरी पार की—जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शुमार की जा रही है। ऐसे में उनका मौजूदा फोकस अब विश्व चैंपियनशिप और पेरिस ओलंपिक जैसी प्रमुख प्रतियोगिताओं की तैयारी पर है। इस बार के एशियन चैंपियनशिप में पाकिस्तान की ओर से जैवलिन थ्रो में अरशद नदीम हिस्सा ले रहे हैं, जिन्होंने फाइनल के लिए क्वालीफाई भी कर लिया है। खेल जगत में नीरज और अरशद की प्रतिद्वंद्विता को लेकर खासा रोमांच रहता है। लेकिन इस बार वह मुकाबला नहीं देखने को मिलेगा, जिससे खेलप्रेमियों को निराशा हुई है।
नीरज की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय दल ने अब तक जबरदस्त प्रदर्शन किया है। जैवलिन थ्रो में भारत की ओर से यशवीर सिंह और सचिन यादव ने क्रमशः 76.67 मीटर और 79.62 मीटर की दूरी के साथ फाइनल में अपनी जगह बनाई है। अब तक भारत ने कुल 14 पदक अपने नाम किए हैं—5 स्वर्ण, 6 रजत और 3 कांस्य—जिसके बलबूते वह पदक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज है। चीन 21 पदकों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि जापान भी 21 पदक हासिल कर चुका है लेकिन उससे कम स्वर्ण पदकों के चलते तीसरे स्थान पर है। भारत ने इससे पहले 2017 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, जब उसने कुल 27 पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। ऐसे में सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारतीय दल इस बार उस रिकॉर्ड को तोड़ पाएगा। Neeraj Chopra