बेंगलुरु से बाहर हो सकता है विराट का होम शो, बदल सकता है RCB का वेन्यू

रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु से जुड़ी अहम खबर यह है कि आईपीएल 2026 में पिछले साल की विजेता तथा आईपीएल इतिहास की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु का होम ग्राउंड इस साल होने वाले आईपीएल 2026 के लिए बदल सकता है। संकेत हैं कि टीम इस बार बेंगलुरु में अपने होम मैच कराने से दूरी बना रही है।

RCB का होम वेन्यू बदलने के संकेत
RCB का होम वेन्यू बदलने के संकेत
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar09 Jan 2026 02:38 PM
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IPL 2026 : आईपीएल 2026 से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आ रही है। आईपीएल 2026 से जुड़ी जानकारी आईपीएल की सबसे प्रसिद्ध टीम तथा पिछले साल की विजेता रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु से जुड़ी है। आईपीएल से जुड़ी अहम खबर यह है कि आईपीएल 2025 की विजेता तथा आईपीएल इतिहास की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु का होम ग्राउंड इस साल होने वाले आईपीएल 2026 के लिए बदल सकता है। संकेत हैं कि टीम इस बार बेंगलुरु में अपने होम मैच कराने से दूरी बना रही है। अगर ऐसा हुआ तो बेंगलुरु के क्रिकेट प्रेमियों को अपने शहर में विराट कोहली को खेलते देखने का मौका कम मिल सकता है।

पिछले साल की भगदड़ का असर

बीते सीजन में पहली बार आरसीबी के चैंपियन बनने के बाद स्टेडियम में जश्न के दौरान हालात बेकाबू हो गए थे। उसी दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। यह दर्दनाक घटना सिर्फ शहर के लिए नहीं, बल्कि फ्रेंचाइज़ी और खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा झटका रही। माना जा रहा है कि उसी अनुभव के बाद आरसीबी अब आयोजन और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल 2026 के मैच कराने को लेकर आरसीबी की ओर से कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) से कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। ऐसे में यह संभावना मजबूत होती दिख रही है कि आरसीबी अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु से बाहर ले जा सकती है। यदि होम वेन्यू बदला जाता है, तो रायपुर को संभावित नया ठिकाना माना जा रहा है। वहीं इंदौर भी विकल्पों की सूची में बताया जा रहा है। यानी आईपीएल 2026 में आरसीबी का “होम एडवांटेज” किसी नए शहर में शिफ्ट हो सकता है।

विजय हजारे ट्रॉफी में भी बदला गया था वेन्यू

इसी बीच एक और घटना ने चर्चाओं को हवा दी। पिछले महीने विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली की घरेलू टीम दिल्ली और आंध्र प्रदेश के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में प्रस्तावित मैच का वेन्यू ऐन वक्त पर बदल दिया गया था। इसे भी सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन को लेकर बढ़ी संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया लाइव पर उठे थे सवाल

भगदड़ के बाद आरसीबी को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। आरोप लगे कि स्टेडियम के बाहर स्थिति बिगड़ने की जानकारी सोशल मीडिया लाइव के दौरान कमेंट्स में सामने आने के बावजूद प्रसारण चलता रहा और जश्न का माहौल देर तक बना रहा। बाद में जब मौत की खबर अधिकारियों और टीम तक पहुंची, तब जाकर समारोह थमा। कर्नाटक सरकार ने भी माना था कि आयोजन के दौरान मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पालन नहीं हुआ।

राजस्थान रॉयल्स भी बदलेगी होम सिटी?

आईपीएल 2026 में वेन्यू बदलाव की कहानी सिर्फ आरसीबी तक सीमित नहीं है। राजस्थान रॉयल्स ने भी अपने होम वेन्यू को लेकर बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम ने जयपुर से पुणे को अपना नया बेस बनाने का फैसला किया है। इसकी वजह राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के साथ खटास बताई जा रही है, जो बाद में आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई। IPL 2026

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फीफा विश्व कप 2026 काउंटडाउन: मेजबान देशों की तैयारी कितनी पुख्ता?

हाई-डेफिनिशन स्क्रीन, स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम, डिजिटल एंट्री गेट्स और उन्नत सुरक्षा तकनीक इस आयोजन की खास पहचान होंगी। इसके अलावा, अमेरिका ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल स्ट्रीमिंग के क्षेत्र में भी सबसे आगे है, जिससे विश्व कप को वैश्विक दर्शकों तक पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

दुनिया की नजर मेजबान देशों की तैयारियों पर
दुनिया की नजर मेजबान देशों की तैयारियों पर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar08 Jan 2026 04:54 PM
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FIFA World Cup 2026 : फीफा विश्व कप 2026 फुटबॉल की दुनिया में इतिहास रचने की दहलीज पर है। पहली बार यह महाटूर्नामेंट एक देश नहीं, बल्कि तीन मेजबानों अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की साझा मेजबानी में खेला जाएगा। साथ ही 48 टीमों की नई फॉर्मेट ने इस आयोजन को सिर्फ बड़ा नहीं, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा जटिल और भव्य बना दिया है। अब मुकाबला मैदान पर ही नहीं, मेजबान देशों की तैयारी पर भी है स्टेडियम से लेकर ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, फैन-मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी तक हर मोर्चे पर दुनिया भर की नजर टिकी है। ऐसे में असली सवाल यही है कि क्या ये तीनों देश इस ऐतिहासिक विश्व कप के दबाव और पैमाने को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं?

अमेरिका क्यों है 2026 विश्व कप की सबसे बड़ी मेजबानी ताकत?

अमेरिका इस विश्व कप का सबसे बड़ा मेजबान माना जा रहा है। यहां पहले से ही विश्वस्तरीय स्टेडियम, अत्याधुनिक परिवहन व्यवस्था और बड़े खेल आयोजनों का अनुभव मौजूद है। अमेरिका ने इससे पहले 1994 में फीफा विश्व कप की सफल मेजबानी की थी, जिसका अनुभव आज भी उसकी आयोजन क्षमता को मजबूत बनाता है। 2026 के लिए अमेरिका के कई स्टेडियमों को नए सिरे से अपग्रेड किया जा रहा है। हाई-डेफिनिशन स्क्रीन, स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम, डिजिटल एंट्री गेट्स और उन्नत सुरक्षा तकनीक इस आयोजन की खास पहचान होंगी। इसके अलावा, अमेरिका ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल स्ट्रीमिंग के क्षेत्र में भी सबसे आगे है, जिससे विश्व कप को वैश्विक दर्शकों तक पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

विश्व कप से ब्रांड कनाडा को मिलेगी नई उड़ान

कनाडा के लिए फीफा विश्व कप 2026 सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक खेल मंच पर खुद को स्थापित करने का अवसर है। अब तक कनाडा को मुख्य रूप से आइस हॉकी के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में फुटबॉल के प्रति वहां रुचि तेजी से बढ़ी है। कनाडा अपने स्टेडियमों, सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। आयोजकों का दावा है कि विश्व कप के दौरान ग्रीन एनर्जी, टिकाऊ निर्माण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यह पहल विश्व कप को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर, सतत विकास से जोड़ने का प्रयास मानी जा रही है।

मैक्सिको का रोल निर्णायक

मैक्सिको फुटबॉल के मामले में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह देश पहले ही 1970 और 1986 में फीफा विश्व कप की मेजबानी कर चुका है। मैक्सिको के स्टेडियमों में दर्शकों का जुनून, रंग-बिरंगे आयोजन और सांस्कृतिक विविधता विश्व कप को एक अलग ही पहचान देते हैं। लेकिन 2026 की राह मैक्सिको के लिए सिर्फ भावनाओं की नहीं, तैयारियों की भी परीक्षा है। पुराने स्टेडियमों का आधुनिककरण, ट्रैफिक और कनेक्टिविटी सुधार और सुरक्षा इंतजामों को नए मानकों तक पहुंचाना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। फिर भी जानकारों का मानना है कि मैक्सिको की असली ताकत उसका फैन-कल्चर है जो इस विश्व कप को सिर्फ खेल नहीं, एक यादगार अनुभव बना देने का माद्दा रखता है।

तीन देशों की साझा जिम्मेदारी और चुनौतियाँ

तीन देशों में विश्व कप का आयोजन अपने आप में एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है। यात्रा व्यवस्था, समय क्षेत्र का अंतर, टीमों और दर्शकों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर विशेष योजना बनाई जा रही है। FIFA और तीनों देशों की आयोजन समितियाँ मिलकर समन्वय की ऐसी प्रणाली विकसित कर रही हैं, जिससे टूर्नामेंट के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और आपातकालीन प्रबंधन इस आयोजन के अहम स्तंभ होंगे। खासकर बड़ी भीड़ और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को देखते हुए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम पर जोर दिया जा रहा है। FIFA World Cup 2026

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वॉकओवर, अंक कटे या बाहर…? आईसीसी मैच छोड़ने का इतिहास क्या कहता है

बांग्लादेश का तर्क है कि यदि आईसीसी उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेता, तो टीम अपमान की कीमत पर टूर्नामेंट खेलने के लिए मजबूर नहीं होगी। यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम ने आईसीसी इवेंट में किसी देश/शहर में खेलने से इनकार किया हो।

T20 World Cup 2026 से पहले वेन्यू विवाद फिर चर्चा में
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar08 Jan 2026 12:01 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टूर्नामेंट से पहले एक बार फिर मैच कहां खेले जाएं वाली बहस तेज हो गई है। ताजा विवाद बांग्लादेश क्रिकेट को लेकर है, जहां मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल से बाहर होने के बाद नाराजगी का माहौल बताया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में बांग्लादेश ने अगले महीने भारत में शुरू होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग छेड़ दी है। बांग्लादेश का तर्क है कि यदि आईसीसी उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेता, तो टीम अपमान की कीमत पर टूर्नामेंट खेलने के लिए मजबूर नहीं होगी। यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम ने आईसीसी इवेंट में किसी देश/शहर में खेलने से इनकार किया हो।

न्यूजीलैंड ने केन्या में खेलने से किया था इनकार

2003 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या की संयुक्त मेजबानी में हुआ था। उस दौरान न्यूजीलैंड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए केन्या के नैरोबी में होने वाला अपना मैच खेलने से इनकार कर दिया। टीम ने मैच को किसी अन्य स्थान पर कराने की अपील की, लेकिन आईसीसी ने इसे मंजूरी नहीं दी। नतीजा यह रहा कि केन्या को वॉकओवर मिला और न्यूजीलैंड को अंकों का नुकसान उठाना पड़ा।

2003 वनडे विश्व कप

उसी विश्व कप में इंग्लैंड ने हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने से मना कर दिया था। इसके पीछे तत्कालीन जिम्बाब्वे शासन और ब्रिटेन के रिश्तों में तनाव को बड़ा कारण माना गया। इंग्लैंड ने मैच को स्थानांतरित करने की मांग की, लेकिन सहमति नहीं बनी। इंग्लैंड टीम मैदान पर नहीं उतरी तो जिम्बाब्वे को वॉकओवर मिला। कहा जाता है कि इस एक फैसले का असर इंग्लैंड के अभियान पर भी पड़ा और टीम पहले ही राउंड में बाहर हो गई।

2009 टी20 विश्व कप

2009 का टी20 विश्व कप इंग्लैंड में आयोजित हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक वीजा और द्विपक्षीय संबंधों में उलझन के चलते जिम्बाब्वे ने आईसीसी से बातचीत कर टूर्नामेंट से खुद को अलग करने का रास्ता चुना। समझौते के तहत जिम्बाब्वे को आईसीसी की ओर से तय फीस मिलने की बात कही गई और उसकी जगह स्कॉटलैंड को मौका मिला।

1996 वनडे विश्व कप

1996 विश्व कप भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान की संयुक्त मेजबानी में हुआ था। उस समय श्रीलंका में सुरक्षा हालात को लेकर चिंता थी और अशांति की खबरें सामने आती रहती थीं। इसी आधार पर ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका जाकर अपने ग्रुप मैच खेलने से इनकार कर दिया। परिणामस्वरूप दोनों टीमों को अंक गंवाने पड़े, जबकि संयोग यह रहा कि उसी संस्करण में श्रीलंका विश्व विजेता बना। ICC T20 World Cup 2026

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