
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप जीतकर नया इतिहास लिखा है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराते हुए खिताब अपने नाम किया। शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक जीत तक पहुंचाया। लेकिन जश्न के बीच एक दिलचस्प बात यह है कि यह असली ट्रॉफी अब भारत के पास नहीं रहेगी। India Women's Cricket Team
दरअसल, आईसीसी के नियमों के तहत टूर्नामेंट की असली ट्रॉफी विजेता टीम को केवल सीमित समय के लिए दी जाती है यानी फोटोशूट, सम्मान समारोह और विक्ट्री परेड तक। उसके बाद इसे वापस लेकर आईसीसी के दुबई स्थित मुख्यालय में सुरक्षित रख दिया जाता है। विजेता टीम को बाद में ट्रॉफी की हूबहू रेप्लिका दी जाती है। इस नियम की शुरुआत करीब 26 साल पहले की गई थी, ताकि ट्रॉफी को चोरी, क्षति या गुम होने के खतरे से बचाया जा सके। India Women's Cricket Team
इस बार की वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने आप में खास है।
वजन: लगभग 11 किलोग्राम
ऊंचाई: करीब 60 सेंटीमीटर
निर्माण: सोने और चांदी के मिश्रण से बनी
डिज़ाइन: तीन चांदी के कॉलम स्टंप और बेल्स के आकार में हैं, जबकि ऊपर सुनहरा ग्लोब है। ट्रॉफी पर अब तक की सभी विजेता टीमों के नाम खुदे हुए हैं और इस बार पहली बार भारत का नाम भी इस गौरवशाली सूची में दर्ज हुआ है। India Women's Cricket Team
नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम 246 रन पर सिमट गई। शेफाली वर्मा ने 87 रन की शानदार पारी खेली और गेंदबाजी में 2 विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया। दीप्ति शर्मा ने 58 रन बनाए और 5 विकेट झटके। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। अब तक खेले गए 13 महिला वर्ल्ड कप टूर्नामेंट्स में ऑस्ट्रेलिया ने 7, इंग्लैंड ने 4, न्यूजीलैंड ने 1 और अब भारत ने भी अपना नाम विजेता सूची में दर्ज करा लिया है। India Women's Cricket Team