चिटेहड़ा व कटेहड़ा के किसानों ने आंदोलन का बिगुल फूंका

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ग्रेटर नोएडा (विसं.)। मुंबई-औद्योगिक कोरिडोर परियोजना (डीएमआरसी) के लिए अधिग्रहित जमीनों से प्रभावित किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री तथा जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
चिटेहरा के प्राइमरी स्कूल में आयोजित अधिग्रहण से प्रभावित चिटेहड़ा तथा कटेहड़ा गांव के सामाजिक प्रभाव का आंकलन (एसआईए) की जन सुनवाई के दौरान किसान अधिकार युवा रोजगार आंदोलन के बैनर तले जय जवान-जय किसान मोर्चा तथा कटेहड़ा किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने मौजूद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा उनका शोषण किया जा रहा है, डीएमआईसी परियोजना के लिए प्राधिकरण ने जिन किसानों की जमीन बैनामों से ली थी उनसे वायदा किया था कि भविष्य में उन्हें नए कानून का लाभ भी दिया जाएगा। लेकिन अब उनके साथ वायदा खिलाफी की जा रही है। केवल अधिग्रहण से प्रभावित किसानों से ही सामाजिक प्रभाव का आकलन (स्ढ्ढ्र) के फॉर्म भरवाए गए हैं। जबकि रजिस्ट्री के समय किए गए वायदे के अनुसार उनके फॉर्म नहीं भरवाए गए हैं। उनके साथ यह बहुत बड़ा अन्याय है। किसान इसके लिए चुप बैठने वाले नहीं हैं।  
चिटेहरा, कटेहरा, पल्ला-पाली एवं बोडक़ी आदि गांवों के किसानों ने सर्व सम्मति से फैसला लिया है कि सभी गांवों में जन- जागरण अभियान चलाया जाएगा, साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्हें बाजार दर का चार गुना मुआवजा, 20त्न प्लॉट एवं प्रत्येक बालिग बच्चे को रोजगार तथा गांवों के भूमिहीनों तथा गरीबों को भी रोजगार व पुनर्वास का लाभ नहीं दिया गया तो आर-पार का आंदोलन किया जाएगा।