
Jalori Pass[/caption]
जलोरी पास, समुद्र तल से 10282 फीट की ऊंचाई पर जीभी से 12 किमी दूर स्थित है जालोरी पास के टॉप पर, महाकाली को समर्पित एक मंदिर है, जहां आप तीर्थन नदी, घाटी और देवदार के जंगल के कुछ मजेदार नजारों को देख सकते हैं। टॉप पर, कुछ छोटे-छोटे ढाबे हैं, जहां आप दोपहर के खाने का मजा ले सकते हैं। जालोरी पास सेरोलसर झील, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, लम्बिर जैसे कुछ सबसे खूबसूरत छोटे ट्रेक के रूप में भी कार्य करता है। यहां जाने के लिए आप सरकारी बस या प्राइवेट टैक्सी ले सकते हैं। देवदार के वृक्षों और चट्टानी पहाड़ियों की सुंदर आकृतियों के कारण लाई गई शांति के कारण जालोरी पास एक दर्शनीय स्थल है, जो वास्तव में देखने योग्य जगहों में से है। यह एक सुंदर जगह है जहां आप प्रकृति की शरण में जा सकते हैं। यहां जाकर आप प्रकृति की खूबसूरती देखते हुए बहती हुई हवा की आवाज महसूस कर सकते हैं। कुछ अद्भुत पौधों के जीवन और वन्यजीवों के साथ आप प्रकृति के वास्तविक पहलुओं के बारे में जानने के लिए एक बार इस खूबसूरत जगह की यात्रा जरूर करें। इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक सुखद यात्रा के लायक बनाती है। सुकून, शांति और व्यस्त दुनिया से मुक्त होने की भावना यहां की यात्रा करने का सबसे महत्वपूर्ण कारण है।
Jalori Pass[/caption]
रघुपुर किला जलोरी पास से 3 किमी दूर समुद्र तल से 10800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। किला काफी खंडहर हो चुका है, लेकिन आप यहां से कुल्लू और मंडी क्षेत्र का हर एक नजारा देख सकते हैं। रघुपुर किला हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के शानदार नजारों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के घास के मैदान फोन में लगे वॉल पेपर जैसे लगते हैं। टॉप पर, आप चरवाहों को बकरियों के साथ देख सकते हैं जो इस जगह की सुंदरता को बढ़ाते हैं। टॉप पर पहुंचने के बाद पानी और खाने का किसी भी तरह का स्रोत नहीं है, इसलिए जब भी ऊपर जाएं तो जालोरी पास से खाना और पानी खरीदकर आगे की ओर बढ़ें। वहां जान के लिए आपको 3 किमी का ट्रैक पूरा करना पड़ेगा और जलोरी पास तक यहां जाने के लिए आपको 1 घंटे का समय लगेगा।
tirthan[/caption]
तीर्थन और बंजार की जुड़वां घाटियां हिमाचल प्रदेश में हर यात्री के लिए कुछ न कुछ देखने योग्य प्राकृतिक दृश्य प्रदान करती हैं। आधुनिकीकरण से अपेक्षाकृत अछूती ये घाटियां आज भी कुछ हद तक खुद में एक गुप्त रहस्य समेटे हैं। इन जादुई घाटियों का दर्शन करने के लिए कुछ खास प्रयास करने की आवश्यकता होती है। तीर्थन वैली की खूबसूरती वास्तव में देखने योग्य है जो जीभी गांव से कुछ दूरी पर स्थित होने के अलावा पर्यटकों के लिए एक मुख्य पर्यटन स्थल भी है।
Shringa Rishi Temple[/caption]
जीभी से लगभग 9 किमी दूर बग्गी गांव में श्रृंग ऋषि मंदिर स्थित है। ये मंदिर अपनी अद्भुत खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। ये मंदिर ऋषि श्रृंग को समर्पित है जो कुल्लू घाटी के 18 मुख्य देवताओं में से एक हैं। रामायण के युग में श्रृंग ऋषि एक महान ऋषि थे। इसी वजह से स्थानीय लोगों के बीच इस मंदिर का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। यहां हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रृंग का आशीर्वाद लेने आते हैं। इस मंदिर में आप अप्रैल से नवंबर के बीच जा सकते हैं बर्फ की वजह से अन्य महीनों में जाना थोड़ा मुश्किल है।
water fall[/caption]
पानी में भीगने के शौकीनों के लिए जीभी वॉटर फॉल बेहद शानदार व खूबसूरत जगह है। इसकी सबसे खूबसूरत बात ये है कि जीभी वॉटर फॉल को आप तब तक नहीं देख सकते हैं, जब तक आप घने जंगल के अंदर नहीं चले जाते हैं। इसी बहाने आप जंगल की भी सैर कर आते हैं। पानी का कण्ठ संगीत की तरह बहता है और पूरे स्थान को मंत्रमुग्ध कर देता है। छोटे लकड़ी के पुल झरने के पास बनाए गए हैं, जो इस जगह को सुरम्य दृश्य प्रदान करते हैं। छोटे लकड़ी के मचानों को झरने के करीब बनाया गया है, जो इस जगह को बेहद आनंदमयी बना देता है। जीभी के मुख्य बाजार से 1 किमी या 15 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित, जीभी वाटरफॉल, घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यह मुख्य सड़क से केवल 5 किमी की पैदल दूरी पर मौजूद है, इसलिए वहां आप अपनी कार भी चलाकर ले जा सकते हैं। झरने की ओर जाने वाला रास्ता भी काफी अच्छे से बना हुआ है, जिसमें आपको नदी पार करने के लिए कुछ लकड़ी के पुल दिख जाएंगे। साथ ही झरने के आसपास का क्षेत्र भी काफी साफ सुथरा है। झरने के ठीक नीचे एक पुल भी है, जहां आप नहा सकते हैं।
तो देर किस बात की शांति की तलाश में बैठकर प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं तो इस जगह पर जरूर जाएं और झरने के पास बैठकर बहते पानी के संगीत का आनंद उठाएं। एक बार इस खूबसूरत जगह की खूबसूरती का मजा जरूर उठाएं।