House Arrest : 72 घंटे के लिए नजरबंद किए गए तौकीर रज़ा
House Arrest: Tauqeer Raza under house arrest for 72 hours
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:25 PM
House Arrest : दिल्ली कूच से पहले इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को उत्तर प्रदेश पुलिस ने 72 घंटे के लिए बरेली में उनके घर में नजरबंद कर दिया। उनके ऊपर लोगों को भड़काने का आरोप है। तौकीर रज़ा खान धार्मिक नेता व राजनीतिज्ञ हैं जो उत्तर प्रदेश के सुन्नी मुसलमानों के बरेलवी संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं
House Arrest :
इत्तेहादे कौंसिल के प्रमुख व उनके सहयोगियों पर भड़काऊ भाषण देने और लोगों की भावनाओं को उग्र करने के आरोप हैं। तौकीर रजा समेत चार लोगों को नजरबंद किया गया है।अपनी मांगों के समर्थन में मौलाना तौकीर रज़ा बरेली से दिल्ली तक तिरंगा यात्रा निकालने वाले थे, यात्रा में देशभर से आए मुसलमानों के शामिल होने का दावा किया जा रहा था। तौकीर रज़ा मुसलमानों पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को 21 मार्च को ज्ञापन सौंपना चाह रहे थे। लेकिन तौकीर रजा को उससे पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके घर में ही नजरबंद कर दिया। डीएम के आदेश पर मंगलवार रात तौकीर रजा, मुनीर इदरीशी, डॉ. नफीस और नदीम को उनके घर में 72 घंटे के लिए नजरबंद कर दिया गया। डीएम के आदेश पर उनके घर के बाहर अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि मौलाना तौकीर रज़ा को दिल्ली कूच आव्हान की वजह से उन्हें और उनके तीन साथियों को घर में ही नजरबंद किया गया है।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच
मौलाना तौकीर रज़ा से जुड़े इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू करदी है बरेली की नगर मैजिस्ट्रेट रेनू सिंह ने बताया कि मौलाना तौकीर रज़ा बरेली से दिल्ली के लिए तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी में थे जिसके लिए उन्होंने प्रशासन से कोई परमिशन नहीं ली, कुछ अधिकारियों को सिर्फ सूचना दी है। वह दिल्ली कूच करने के लिए लोगों से आव्हान कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो भी देखा जा रहा है जिसमें वे कह रहे हैं कि अगर हमारे युवा मुस्लिम राष्ट्र की मांग करने लगेंगे तो क्या होगा प्रधानमंत्री का नारा 'सबका साथ सबका विकास' झूठा है। कुछ धर्मांध देश में नफरत के बीज बो रहे हैं। ऐसा करने वाले उनके समर्थक न तो समाज के हितैषी हैं और ना ही देश के हितैषी हैं बल्कि देश द्रोही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के खिलाफ नफरत बढ़ रही है। मस्जिदों और मदरसों को बचाने की जरूरत है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए उनको नज़र बंद किया गया है।