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Uttarakhand Srinagar: कम खूबसूरत नहीं उत्तराखंड का श्रीनगर,श्री यंत्र टापू से पड़ा नाम

Uttarakhand Srinagar:

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Uttarakhand Srinagar: सैय्यद अबू साद: चेतना मंच स्पेशल। श्रीनगर, किसी भी तरह से परिचय का मोहताज नहीं है। सुंदर डल झील, बोटहाउस, मेपल के पेड़ और दूर से दिखते मनभावन हिमालय के सुदर नजारो के लिए विश्व प्रसिद्ध है। …लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि कश्मीर नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहाड़ियां बसा ये श्रीनगर भी गजब का खूबसूरत है, तो एक बार तो आपको यकीन ही नहीं होगा। जी हां, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में महज 560 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, सुंदर अलकनंदा नदी के बाएं किनारे पर बसा है ये खूबसूरत हिल स्टेशन श्रीनगर। इस हिल स्टेशन पर देखने के लिए कई खूबसूरत जगह मौजूद हैं, जहां आप गर्मियों के दौरान घूमने के लिए जा सकते हैं।

गढ़वाल का एजुकेशन हब

श्रीनगर, उत्तराखंड के मैदानी इलाकों का सबसे आखिरी शहर है, इसके बाद पहाड़ शुरू होते हैं!। यह बहुत आश्चर्य की बात है कि उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र का यह खूबसूरत और सबसे बड़ा शहर अभी तक सैलानियों की भीड़ से अनछुआ है और अधिकांश पर्यटकों और यात्रियों की नजरों से दूर है। इसे गढ़वाल के एजुकेशन हब के रूप में भी जाना जाता है। यहां कई अच्छे स्कूल, कॉलेज और इंस्टीट्यूट हैं, जहां दूर दूर से बच्चे पढ़ने आते हैं। अपनी कम ऊंचाई के कारण ये अपने क्षेत्र का सबसे गर्म शहर है और यही बात इसे घाटी का एक महत्वपूर्ण शहर बनाती है। श्रीनगर शहर ज्यादातर अपने समृद्ध ऐतिहासिक महत्व और अपने अलग-अलग मंदिरों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके अलावा भी यहाँ बहुत कुछ है।

श्री यंत्र टापू से पड़ा यहां का नाम

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शहर की एक छोटा सी जगह है श्री यंत्र टापू, जहां से शहर को अपना नाम मिला है। यह अलकनंदा नदी के बीच में एक छोटा सा क्षेत्र है, जो एक प्रकार का द्वीप सा लगता है। माना जाता है कि इस जगह में दिव्य ऊर्जा है और ये श्रीनगर शहर के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान माना जाता है। अपने पौराणिक और दैवीय महत्व के अलावा, यह जगह चारों तरफ नदी के साफ नीले पानी से घिरा होने और गर्म धूप का मजा लेने के लिए एक शानदार जगह है।

Uttarakhand Srinagar:पहाड़ी की चोटी

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है, यह जगह एक पहाड़ी की चोटी पर है। यहां से आप श्रीनगर शहर के साथ-साथ पूरी घाटी और नदी के शानदार नजारे देख सकते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए आपको पास की सड़क से एक छोटा सा ट्रैक करके ऊपर जाना होगा पर यकीन मानिए जब आप टॉप से सामने के नजारे को देखेंगे तो सारी थकान भूल जाएंगे। अगर आप चाहें, तो उसी दिन श्रीनगर वापस भी आ सकते हैं, लेकिन अगर आप एक शानदार सनसेट और सनराइस देखना चाहते है, तो आपको अपने अंदर के एडवेंचर को जगाना होगा और हिल टॉप पर ही अपना कैंप लगाना होगा।

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श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित चौरास जगह उन प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट है, जो शांति और एकांत की तलाश में है। इस जगह का मुख्य आकर्षण अलकनंदा नदी से सटा हुआ एक बड़ा एरिया है। यहां आप आराम कर सकते हैं, यहां योग और ध्यान कर सकते हैं, यही नहीं यहां कायाकिंग और बोटिंग के लिए भी ये बढ़िया जगह है। साथ ही यहां आप छोटी-छोटी हाइकिंग के लिए भी जा सकते हैं, इस तरह आप प्रकृति को करीब से देख पाएंगे।

लोकप्रिय है बैकुंठ चतुर्दशी मेला

Uttarakhand Srinagar: बैकुंठ चतुर्दशी मेला गढ़वाल क्षेत्र का सबसे लोकप्रिय फेस्टिवल है। ये वार्षिक मेला दिवाली के 14वें दिन लगाया जाता है, दिवाली चाहे अक्टूबर हो या नवंबर में, ये त्योहार के 14वें दिन ही मनाया जाता है। अपने धार्मिक महत्व के अलावा ये मेला अब सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें 4-5 दिनों मे अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इस त्योहार का गढ़वाल के लोगों के लिए बहुत ज्यादा महत्व है और पूरा शहर इन दिनों रोशनी से जगमगा जाता है। इसमें कुछ अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएं होती हैं।

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यहां भगवान विष्णु और देवी सरस्वती का एक प्राचीन मंदिर केशोराय मठ मंदिर है, जिसका निर्माण 1682 ई. में केशोराय नाम के एक व्यक्ति ने करवाया था। ये मंदिर अपनी स्थापत्य कला और सुंदरता के लिए जाना जाता है। बड़े पैमाने पर बोल्डर से उकेरे गए पत्थरो से यह मंदिर बहुत संदर दिखता है।

Uttarakhand Srinagar: बाबा गोरखनाथ गुफाएं

माना जाता है कि पहाड़ की ढलान पर एक बहुत बड़ी चट्टान है, जहां गुरु गोरखनाथ ने ध्यान किया था और अपने शिष्यों से मुलाकात की थी। गुफा में जाने का रास्ता बहुत छोटा है और आपको इसमें से जाने के लिए लगभग रेंगना ही पड़ेगा। इस गुफा को पूरी तरह से अपने हाल पर छोड़ दिया गया है और इसकी देखभाल नहीं की जा रही है, लेकिन केवल पर्यटकों की भीड़ से दूर होने की वजह से यह एक शानदार जगह है।

अलकनंदा के बीच मौजूद धारी देवी मंदिर

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श्रीनगर से करीबन 19 किमी दूर मौजूद धारी देवी मंदिर मंदिर, इस जगह के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है। मंदिर श्रीनगर और बद्रीनाथ राजमार्ग पर कालिया सौर तक स्थित है। धारी देवी की मूर्ती को खुले आसमान के नीचे देखा जा सकता है। यहां मूर्ती की तस्वीर लेने पर पूर्ण प्रतिबंध है। गढ़वाल के लोगों के लिए धार्मिक जगह, अलकनंदा नदी के बीच मौजूद है। श्रीनगर में निचले और ऊपरी हिमालय से घिरे अलकनंदा नदी के सफेद रेतीले तट हैं, जो इसे परफेक्ट गेटअवे बनाते हैं। इसके अलावा, शहर और आसपास के कई प्रसिद्ध मंदिरों के साथ, आप धार्मिक पूजा के साथ रोमांच को जोड़ सकते हैं और श्रीनगर की अपनी यात्रा को एक यादगार अनुभव बना सकते है ।

गोला बाजार में मिलेगा सबकुछ

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गढ़वाल उत्तराखंड के सबसे बड़े बाजारों में से एक है गोला बाजार। यह बाजार घाटी के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक स्थान है। अलग-अलग रेस्तरां से लेकर आप यहां पारंपरिक गढ़वाली कपड़ों, फलों और सब्जियों की कई दुकानें छान सकते है। यकीन मानिए आपको जो भी चीज चाहिए वह यहां आराम से मिल ही जाएगी।

यहां कैसे पहुंचे

उत्तराखंड के श्रीनगर के पास कोटद्वार और ऋषिकेश रेलवे स्टेशन हैं। छोटे स्टेशन होने के कारण यहां ज्यादा ट्रेनें नहीं रूकतीं। श्रीनगर का पास का रेलवे स्टेशन हरिद्वार है, जो शहर से करीबन 130 किमी दूर है।
हरिद्वार या ऋषिकेश से आपको श्रीनगर के लिए आराम से बस मिल जाएंगी। श्रीनगर के पास का हवाई अड्डा देहरादून जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है, शहर से करीवन 150 किमी दूर है।

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