गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची के रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुग्राम की घटना को मानवता के ऊपर कलंक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाली हरियाणा पुलिस को आड़े हाथों लिया है।

गुरुग्राम केस में SC सख्त
गुरुग्राम केस में SC सख्त
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 02:02 PM
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Gurugram News : गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची के रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुग्राम की घटना को मानवता के ऊपर कलंक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाली हरियाणा पुलिस को आड़े हाथों लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर मामले में हरियाणा पुलिस के मुखिया वहां के डीजीपी (DGP) को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को तलब कर लिया है।

25 मार्च को हाजिर होना पड़ेगा गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की सरकार तथा हरियाणा के DGP को नोटिस जारी करके पूछा है कि क्यों ना इस मामले की जांच CBI को सौंप दी जाए? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पूरे संवेदनहीन तरीके से संभालने के आरोपों पर नाराजगी जताई और गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर व जांच अधिकारी को 25 मार्च को सभी रिकॉर्ड के साथ पेश होने का आदेश दिया। साथ ही जिला जज को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित मजिस्ट्रेट से उनके व्यवहार पर जवाब मांगें।

पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया है इस मामले ने

भारत की राजधानी से सटे हुए गुरूग्राम में रेप की एक घटना से पूरी मानवता शर्मसार हुई है। मात्र 3 साल की बच्ची के साथ रेप करने के इस घिनौने काण्ड से हर कोई हैरान तथा परेशान है। गुरूग्राम के नागरिकों का कहना है कि यह दर्दनाक घटना किसी मानव का नहीं बल्कि दावन का काम है। इस पूरे काण्ड को बेनकाब करने का पूरा श्रेय (क्रेडिट) सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट को जाता है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नमिशा गुप्ता एडवोकेट की पहल के कारण ही 3 साल की बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले दावन सलाखों के पीछे हैं।

मानवता को कलंकित करने वाला काण्ड गुरुग्राम का है

पूरी मानवता को कलंकित करने वाला यह काण्ड हरियाणा की ओद्योगिक नगरी गुरूग्राम का है। शनिवार को गुरूग्राम की पुलिस ने गुरूगाम की  एक पाश सोसायटी में तीन साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में दो घरेलू सहायिका और उनका एक दोस्त शामिल है। घटना चार फरवरी को सामने आई थी।  पुलिस के अनुसार पकड़ी गई दोनों घरेलू सहायिकाओं की पहचान एटा जिले के घमुरिया गांव की रहने वाली संगीता, नादिया जिले के बड़ा चांदघर गांव की रहने वाली पकीला के रूप में की गई। तीसरे आरोपित की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि बच्ची से पहचान कराए जाने के बाद उसके बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। तीसरा आरोपित भी नादिया जिले का रहने वाला है। फिलहाल, ये तीनों आरोपित घाटा गांव की झुग्गियों में रह रहे थे।

यह है गुरुग्राम रेप काण्ड का पूरा प्रकरण 

आपको बता दें कि दोनों महिलाएं सोसायटी में घरेलू सहायिका का काम करती हैं। चार फरवरी को सोसायटी में रहने वाले एक व्यक्ति ने सेक्टर 53 थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी सोसायटी में काम करने वाली दो महिलाओं के एक साथी ने उनकी तीन साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत और यौन शोषण किया। यह घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था। मामला बाल कल्याण समिति के पास पहुंचा था। समिति ने परिवार और बच्ची की दो बार काउसिलिंग की थी, लेकिन बच्ची कोई भी जानकारी नहीं दे पाई थी। वहीं सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे से भी कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले थे। मामला संदिग्ध लगने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। या यूं कहें कि पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

नमिशा गुप्ता एडवोकेट की हो रही है खूब सराहना

तीन साल की बच्ची के साथ रेप का घिनौना पाप करने वाले रेपिस्ट पुलिस की सलाखों के पीछे हैं। इस मामले से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बच्ची के परिजनों का कहना है कि इस घृणित अपराध में शामिल दानव सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट के कारण पकड़े गए हैं। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने इस मामले की गंभीरता को समझकर सीधे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत की अदालत तक पहुंचाया। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने ही इस गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी एडवोकेट को इस मामले में पैरवी के लिए तैनात किया था। गुरूग्राम से लेकर दिल्ली तक पूरे देश में नमिशा गुप्ता एडवोकेट के प्रयास की तारीफ हो रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि नमिशा गुप्ता एडवोकेट इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक नहीं ले जाती तो गुरूग्राम की पुलिस कभी भी इस मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ाती। नागरिकों का कहना है कि नमिशा गुप्ता के प्रयासों की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। Gurugram News

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बिना टिकट ट्रेन यात्रा अब नहीं होगी आसान, रेलवे ला रहा नई व्यवस्था

भारतीय रेलवे अब बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। रेलवे ने ऐसे यात्रियों पर लगाम लगाने के लिए एक नई व्यवस्था तैयार की है, जिसे जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा सकता है।

भारतीय रेलवे
भारतीय रेलवे
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Mar 2026 01:44 PM
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Railway News : भारतीय रेलवे अब बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। रेलवे ने ऐसे यात्रियों पर लगाम लगाने के लिए एक नई व्यवस्था तैयार की है, जिसे जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा सकता है। इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद बिना टिकट स्टेशन में प्रवेश करना और ट्रेन में चढ़ना पहले के मुकाबले काफी मुश्किल हो जाएगा। रेलवे को उम्मीद है कि इससे न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होगी, बल्कि यात्रियों को भी अधिक व्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

हर साल करोड़ों मामले पकड़ में आ रहे

रेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट या नियमों के विपरीत टिकट लेकर यात्रा करते हैं। वर्ष 2023-24 के दौरान ऐसे 2.16 करोड़ मामले सामने आए, जिनमें रेलवे ने 562 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। इसके बाद 2024-25 में ऐसे मामलों में और बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस अवधि में 3.61 करोड़ मामले पकड़े गए और 1787 करोड़ रुपये की वसूली हुई। हालांकि इन आंकड़ों में बिना बुकिंग सामान ले जाने से जुड़े मामले भी शामिल हैं। लगातार बढ़ती इस समस्या को देखते हुए रेलवे अब तकनीकी समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

स्टेशन पर घुसने से पहले टिकट स्कैन करना होगा

रेल मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, फिलहाल रेलवे स्टेशनों पर ऐसी स्थायी व्यवस्था नहीं है, जो बिना टिकट अंदर आने वालों को शुरुआती स्तर पर ही रोक सके। इसी कमी को दूर करने के लिए अब स्टेशनों के प्रवेश द्वारों पर विशेष मशीनें लगाने की योजना बनाई गई है। स्टेशन परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक यात्री को पहले अपना टिकट इन मशीनों पर स्कैन कराना होगा। टिकट सत्यापित होने के बाद ही उसे अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।

बड़े रेलवे स्टेशनों से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

रेलवे की योजना है कि इस व्यवस्था को शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाए। यदि यह प्रयोग सफल साबित होता है, तो इसे देश के प्रमुख और व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। जिन स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, वहां इस सिस्टम को प्राथमिकता मिल सकती है। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, सूरत, अहमदाबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, वाराणसी, भोपाल, जयपुर, लखनऊ और पटना जैसे बड़े शहरों के स्टेशन शामिल किए जा सकते हैं।

रेलवे और यात्रियों दोनों को होगा फायदा

रेलवे का मानना है कि यह व्यवस्था दो स्तर पर लाभ पहुंचाएगी। एक तरफ बिना टिकट यात्रा करने वालों पर प्रभावी रोक लगेगी, तो दूसरी तरफ स्टेशनों और ट्रेनों में भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा। खासकर प्रीमियम ट्रेनों में अनधिकृत यात्रियों की घुसपैठ रोकना आसान हो जाएगा। पहले चरण में बड़े स्टेशनों पर व्यवस्था लागू करने के बाद इसे मध्यम श्रेणी के स्टेशनों तक भी बढ़ाया जा सकता है, ताकि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी बिना टिकट सफर पर सख्ती से रोक लग सके।

यात्रियों की सुविधा और प्रबंधन में आएगा सुधार

फिलहाल रेलवे के पास प्लेटफॉर्म या स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों की वास्तविक संख्या का सटीक आंकड़ा नहीं होता, बल्कि अनुमान के आधार पर व्यवस्था बनाई जाती है। नई प्रणाली लागू होने के बाद रेलवे को यह साफ पता चल सकेगा कि किसी समय स्टेशन पर कितने यात्री मौजूद हैं। इससे भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा। नतीजतन यात्रियों को कम परेशानी होगी और स्टेशन संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। Railway News

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मानवता को शर्मसार कर दिया है 3 साल की बच्ची के रेप ने

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मासूम से दरिंदगी
मासूम से दरिंदगी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 01:34 PM
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Gurugram News : भारत की राजधानी से सटे हुए गुरूग्राम में रेप की एक घटना से पूरी मानवता शर्मसार हुई है। मात्र 3 साल की बच्ची के साथ रेप करने के इस घिनौने काण्ड से हर कोई हैरान तथा परेशान है। गुरूग्राम के नागरिकों का कहना है कि यह दर्दनाक घटना किसी मानव का नहीं बल्कि दावन का काम है। इस पूरे काण्ड को बेनकाब करने का पूरा श्रेय (क्रेडिट) सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट को जाता है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नमिशा गुप्ता एडवोकेट की पहल के कारण ही 3 साल की बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले दावन सलाखों के पीछे हैं।

गुरूग्राम का है मानवता को कलंकित करने वाला काण्ड

पूरी मानवता को कलंकित करने वाला यह काण्ड हरियाणा की ओद्योगिक नगरी गुरूग्राम का है। शनिवार को गुरूग्राम की पुलिस ने गुरूगाम की एक पाश सोसायटी में तीन साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में दो घरेलू सहायिका और उनका एक दोस्त शामिल है। घटना चार फरवरी को सामने आई थी। पुलिस के अनुसार पकड़ी गई दोनों घरेलू सहायिकाओं की पहचान एटा जिले के घमुरिया गांव की रहने वाली संगीता, नादिया जिले के बड़ा चांदघर गांव की रहने वाली पकीला के रूप में की गई। तीसरे आरोपित की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि बच्ची से पहचान कराए जाने के बाद उसके बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। तीसरा आरोपित भी नादिया जिले का रहने वाला है। फिलहाल, ये तीनों आरोपित घाटा गांव की झुग्गियों में रह रहे थे।

यह है पूरा मामला

आपको बता दें कि दोनों महिलाएं सोसायटी में घरेलू सहायिका का काम करती हैं। चार फरवरी को सोसायटी में रहने वाले एक व्यक्ति ने सेक्टर 53 थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी सोसायटी में काम करने वाली दो महिलाओं के एक साथी ने उनकी तीन साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत और यौन शोषण किया। यह घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था। मामला बाल कल्याण समिति के पास पहुंचा था। समिति ने परिवार और बच्ची की दो बार काउसिलिंग की थी, लेकिन बच्ची कोई भी जानकारी नहीं दे पाई थी। वहीं सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे से भी कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले थे। मामला संदिग्ध लगने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। या यूं कहें कि पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

नमिशा गुप्ता एडवोकेट के कारण पकड़े गए बच्ची के रेपिस्ट

तीन साल की बच्ची के साथ रेप का घिनौना पाप करने वाले रेपिस्ट पुलिस की सलाखों के पीछे हैं। इस मामले से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बच्ची के परिजनों का कहना है कि इस घृणित अपराध में शामिल दानव सुप्रीम कोर्ट की होनहार वकील नमिशा गुप्ता एडवोकेट के कारण पकड़े गए हैं। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने इस मामले की गंभीरता को समझकर सीधे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत की अदालत तक पहुंचाया। नमिशा गुप्ता एडवोकेट ने ही इस गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी एडवोकेट को इस मामले में पैरवी के लिए तैनात किया था। गुरूग्राम से लेकर दिल्ली तक पूरे देश में नमिशा गुप्ता एडवोकेट के प्रयास की तारीफ हो रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि नमिशा गुप्ता एडवोकेट इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक नहीं ले जाती तो गुरूग्राम की पुलिस कभी भी इस मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ाती। नागरिकों का कहना है कि नमिशा गुप्ता के प्रयासों की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। Gurugram News


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