गौतमबुद्ध नगर: 66 स्कूलों पर जुर्माना, फीस वृद्धि पर कार्रवाई !
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भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:49 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के प्रशासन ने 66 प्राइवेट स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को जिला शुल्क नियामक समिति की समीक्षा बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने की। इस बैठक में जिले के 144 स्कूलों ने अपनी फीस वृद्धि का विवरण प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
फीस वृद्धि में अनियमितताएँ
इस बैठक में, 3 विद्यालयों - अमर पब्लिक स्कूल (सेक्टर-37 नोएडा), पारस पब्लिक स्कूल, और संत किशोरी विद्या मंदिर (सेक्टर-158 नोएडा) द्वारा अनुमन्य फीस वृद्धि में 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई थी। इसके अलावा, इन स्कूलों ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से अतिरिक्त फीस भी वसूली थी। जिलाधिकारी ने इन स्कूलों के संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए हैं, और फीस को छात्रों से वापस करने का आदेश भी दिया गया।UP News :
फीस वृद्धि पर कड़ी कार्रवाई
जिन 66 स्कूलों ने इस वर्ष फीस वृद्धि का विवरण समिति के सामने नहीं प्रस्तुत किया, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। इन स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही, इन स्कूलों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि यह सभी स्कूल आगामी फीस वृद्धि की जानकारी 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें।UP News :
प्रशासनिक जांच और अन्य निर्देश
इस बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम तहसील स्तर पर स्कूलों की जांच करेगी। यह टीम सिटी मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार की अध्यक्षता में बनाई जाएगी। इस टीम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी स्कूल छात्रों या अभिभावकों को जूते, मोजे, किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य न करे। यदि ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों पर सख्त कदम
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने कहा कि यदि किसी विद्यालय के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है, तो प्रशासनिक अधिकारी उसकी जांच करेंगे और दोषी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 7 जांच समितियाँ बनाई गई हैं, जो क्षेत्रवार स्कूलों की जांच करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को अतिरिक्त खर्च के लिए मजबूर न करे।
यह निर्णय स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर बढ़ते विवादों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, और इससे अभिभावकों को कुछ राहत मिल सकती है।UP News :