
UP News : 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्मे बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर पूरे भारत में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, रैलियाँ और संगोष्ठियाँ आयोजित की गईं। संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रणेता बाबा साहेब की जयंती को "समानता और अधिकार" के प्रतीक दिवस के रूप में मनाया गया।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावनात्मक व राजनीतिक रूप से मुखर संदेश साझा किया।
उन्होंने लिखा, "संविधान निर्माता भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब को आज शत्-शत् नमन, माल्यार्पण और श्रद्धा सुमन अर्पित हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशवासियों का हार्दिक धन्यवाद।"
मायावती ने ज़ोर देते हुए कहा कि देश के सभी दलित, आदिवासी, पिछड़े और उपेक्षित वर्गों को 'असली अंबेडकरवादी' बनना होगा।
उन्होंने कहा कि "जुल्म, अन्याय और शोषण से मुक्ति तभी संभव है जब ये वर्ग सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लें।"
मायावती ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला करते हुए लिखा: "जैसे कांग्रेस शासन में बहुजनों की हालत दयनीय थी, वैसे ही अब बीजेपी राज में भी उनके आरक्षण जैसे संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात हो रहा है।"
उन्होंने यह भी जोड़ा कि "अब बहुजनों के लिए ‘अच्छे दिन’ नहीं, बल्कि ‘बुरे दिन’ जैसे हालात बन गए हैं। यह बेहद चिंताजनक है।" UP News :