अमेरिका छोड़ सकता है NATO का साथ, UN से भी हो रहा मोहभंग
America's Displeasure
भारत
चेतना मंच
04 Mar 2025 09:25 PM
America's Displeasure : अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप चुनाव जीतने के पहले भी NATO और UN को छोड़ने की बात करते रहे हैं। अब जब NATO में शामिल उनके सहयोगी देश उनकी यूक्रेन से नाराजगी के वक्त उनका साथ नहीं दे रहे तब ये लगभग निश्चित है कि अमेरिका NATO का साथ छोड़ सकता है। अब उनकी NATO छोड़ने की बात का एलन मस्क भी समर्थन कर रहे हैं। कुल मिलाकर, अमेरिका के NATO और UN से हटने का असर न केवल यूरोप और संयुक्त राष्ट्र पर पड़ेगा, बल्कि खुद अमेरिका के वैश्विक प्रभुत्व को भी कमजोर करेगा। यहां मूल रूप से तीन बड़े प्रभाव सामने आते हैं जिनकी पड़ताल हम कर रहे हैं।
1. नाटो (NATO) के लिए अमेरिका का बाहर होना
- यूरोप की सुरक्षा पर गहरा असर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका NATO के कुल रक्षा खर्च का दो-तिहाई योगदान देता है।
- अमेरिका की परमाणु सुरक्षा छत्रछाया खत्म हो जाएगी, जिससे यूरोप को अपने रक्षा खर्च को बढ़ाना पड़ेगा।
- रूस की बढ़ती आक्रामकता के सामने यूरोप कमजोर हो सकता है, खासकर अगर अमेरिका यूक्रेन को समर्थन देना बंद कर दे।
- अमेरिकी सैनिकों की वापसी के कारण यूरोप को अपनी सुरक्षा रणनीति बदलनी पड़ेगी।
2. संयुक्त राष्ट्र (UN) के लिए असर
- अमेरिका UN का सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। उसके हटने से यूएन की कई एजेंसियां वित्तीय संकट में आ जाएंगी।
- सुरक्षा परिषद में अमेरिका की गैरमौजूदगी चीन को मजबूत कर सकती है, जिससे वैश्विक राजनीति में चीन का प्रभाव बढ़ेगा।
- अमेरिका का अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रभाव घट सकता है और वैश्विक निर्णयों पर उसका नियंत्रण कमजोर पड़ सकता है।
3. अमेरिका को खुद क्या नुकसान होगा
- यूरोप में अपने सैन्य अड्डों की पहुंच खो सकता है, जिससे उसकी वैश्विक सैन्य शक्ति पर असर पड़ेगा।
- उसकी विदेश नीति का प्रभाव सीमित हो जाएगा, जिससे चीन और रूस जैसी ताकतों को दुनिया में बढ़त मिल सकती है।
- कई अफ्रीकी और पश्चिम एशियाई देश अमेरिका की जगह चीन और रूस के करीब आ सकते हैं, जिससे अमेरिका की भू-राजनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है।