उत्तर प्रदेश सहित देश भर की 10 लाख महिलाओं को फ्री में मिलेगा इलाज, खुशी जताई
केंद्र सरकार के फैसले पर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने खुशी जाहिर की है
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 11:57 AM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 11:57 AM
UP News : केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है इस फैसले के कारण उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश की 10 लाख 40 हजार महिलाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। फैसला यह है कि उत्तर प्रदेश सहित देश भर की 10 लाख महिलाओं को फ्री में इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार के फैसले पर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने खुशी जाहिर की है।
किन महिलाओं को मिलेगा फ्री इलाज
आपको बता दें कि 1 फरवरी को संसद में पेश हुए केंद्रीय बजट में महिला आशा वर्कर्स (ASHA Workers) को आयुष्मान भारत योजना में जोडऩे का फैसला किया गया है। इस फैसले से साफ है कि देश की सभी 10 लाख 40 हजार आशा वर्कर्स को आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्री में इलाज कराने का मौका मिलेगा। इस फैसले पर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर यूनियन ने खुशी जाहिर की है। उत्तर प्रदेश में आशा वर्कर्स की सबसे बड़ी संस्था उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने बताया कि केंद्र सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश सहित देशभर की सभी 10 लाख 40 हजार आशा वर्कर्स को फ्री में इलाज की सुविधा मिलने लगेगी।
UP News
देश में कुल कितनी है आशा वर्कर
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने बताया कि भारत में कुल 10 लाख 40 हजार आशा कार्यकर्ता हैं। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश में 1 लाख 63 हजार आशा कार्यकर्ता हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार में 89437 तथा मध्य प्रदेश में 77531 महिला आशा कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश सहित देशभर की इन महिलाओं को अब फ्री में इलाज मिलने की व्यवस्था हो गई है।
कौन होती हैं आशा कार्यकर्ता
UP News
महिला आशा वर्कर्स (ASHA Workers) सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी आम लोगों के बीच पहुंचाने का काम करती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM)के तहत इन सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों की भूमिका पहली बार 2005 में स्थापित की गई थी। आशा मुख्य रूप से विवाहित, विधवा या समुदाय के भीतर से 25 से 45 वर्ष की आयु के बीच की तलाकशुदा महिलाएं हैं। कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के मुताबिक कक्षा 8 तक औपचारिक शिक्षा के साथ साक्षर होना चाहिए। आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचने में लोगों को जानकारी प्रदान करने और सहायता करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। ये कार्यकर्ता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-केंद्रों और जिला अस्पतालों जैसी सुविधाओं से जोडऩे वाले एक सेतु के रूप में कार्य करते हैं। इन महिलाओं की औपचारिक योग्यता 8वीं कक्षा तक शिक्षित होना है. इनके पास बेहतर संचार और नेतृत्व कौशल होना चाहिए।
ग्रेटर नोएडा– नोएडाकी खबरों से अपडेट रहने के लिए चेतना मंच से जुड़े रहें।देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुकपर लाइक करें या ट्विटरपर फॉलो करें।