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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आरोपियों की संपत्तियों को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

UP News : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आरोपियों की संपत्तियों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा और उसके बहनोई लवकुश मिश्रा के नाम पर कुल 12 संपत्तियां दर्ज हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इनमें से कितनी संपत्तियां कथित तौर पर दान और चढ़ावे के पैसे से खरीदी गई हैं।
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एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों की संपत्तियां सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि कई क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जिनमें शामिल हैं: अयोध्या, बसावा, मिल्कीपुर, रुदौली। जांच एजेंसियां अब इन सभी संपत्तियों के दस्तावेज, रजिस्ट्री और खरीद के स्रोत की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जांच का मुख्य फोकस यह है कि संपत्तियों की खरीद का स्रोत क्या था। क्या इनका संबंध राम मंदिर चढ़ावे से है, कौन सी संपत्ति पैतृक है और कौन सी हाल में खरीदी गई है और क्या परिवार के नाम पर संपत्ति छिपाई गई। एसआईटी को संदेह है कि कुछ संपत्तियां हाल के समय में तेजी से खरीदी गई हैं, जिससे आर्थिक लेन-देन पर सवाल उठ रहे हैं।
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जांच एजेंसी अब बैंक खातों के लेन-देन, जमीन खरीद-बिक्री के कागजात, नकद निवेश के स्रोत और परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे वित्तीय नेटवर्क को समझा जा सके। सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में यह साबित होता है कि:
संपत्तियां चढ़ावे या दान के पैसे से खरीदी गई हैं या अवैध वित्तीय लेन-देन हुआ है तो प्रशासन इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी कर सकता है। इस केस में पहले ही कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच कई एंगल से आगे बढ़ रही है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब केवल एक वित्तीय घोटाला नहीं, बल्कि संपत्ति और निवेश के बड़े नेटवर्क की जांच में बदलता जा रहा है। 12 संपत्तियों का खुलासा इस केस को और गंभीर बनाता है और एसआईटी की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
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