इस आफर के तहत खरीदारों को न सिर्फ 15% तक सीधी छूट मिल रही है बल्कि ड्रा या लॉटरी का कोई झंझट भी नहीं है, जो पहले आवेदन करेगा, उसे पहले आवंटन मिलेगा।

दिल्ली एनसीआर में अपना घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए गाजियाबाद एक बार फिर से शानदार अवसर लेकर आया है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने शहर में सरकारी फ्लैटों की बिक्री के लिए एक विशेष बंपर हाउसिंग फेस्टिवल शुरू किया है। इस आफर के तहत खरीदारों को न सिर्फ 15% तक सीधी छूट मिल रही है बल्कि ड्रा या लॉटरी का कोई झंझट भी नहीं है, जो पहले आवेदन करेगा, उसे पहले आवंटन मिलेगा।
यह विशेष योजना 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगी। हालाँकि, परिषद ने स्पष्ट कहा है कि यदि सभी फ्लैट पहले ही बिक जाते हैं, तो स्कीम को निर्धारित समय से पहले भी बंद किया जा सकता है। यानी यह पूरी तरह पहले आओ, पहले पाओ आधारित आॅफर है। दिल्ली एनसीआर में अपना घर हो ये लोगों का सपना होता है और लोगों के सपने को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने यह व्यवस्था की है। जिसके तहत पहले आओ पहले पाओ स्कीम में लोगों के घर का सपना पूरा हो सकता है।
परिषद की यह स्कीम गाजियाबाद की दो प्रमुख और तेजी से विकसित होती आवासीय परियोजनाओं पर लागू है।
1. सिद्धार्थ विहार
* हाईवे से सटा, अत्याधुनिक टाउनशिप
* दिल्ली, नोएडा, मेरठ की आसान कनेक्टिविटी
* पार्क, स्कूल, कम्युनिटी सेंटर, सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएँ
* पहले से विकसित इलाके में तैयार फ्लैट हैं।
2. मंडोला विहार
* भविष्य में तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र
* किफायती सेगमेंट के लिए बेहतरीन विकल्प
* विस्तृत सड़कों, नई अवसंरचनाओं और सरकारी भरोसे के कारण निवेश के लिहाज से आकर्षक है।
स्कीम की सबसे बड़ी हाइलाइट : कोई ड्रॉ नहींपहले की कई योजनाओं में खरीदारों को लॉटरी या ड्रॉ का इंतजार करना पड़ता था लेकिन इस बार प्रक्रिया बेहद सरल कर दी गई है। जो सबसे पहले आवेदन करेगा, उसी को यूनिट आवंटित होगी। इससे खरीदारों के मन में आने वाली अनिश्चितता खत्म होती है और आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बन जाती है। तेजी से महंगा हो रहे प्रॉपर्टी बाजार में यह स्कीम मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी बड़े अवसर से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी विश्वसनीयता, 15% की सीधी छूट, और तैयार फ्लैट के कारण ये यूनिटें तेजी से बिक सकती हैं।