अमेठी में करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा नाला निर्माण सवालों के घेरे में आ गया है। सुल्तानपुर रोड पर बीती रात बनाया गया नाले का एक हिस्सा सुबह होते ही धराशायी हो गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के अमेठी में करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा नाला निर्माण शुरू होने के साथ ही सवालों के घेरे में आ गया है। सुल्तानपुर रोड पर बीती रात बनाया गया नाले का एक हिस्सा सुबह होते ही धराशायी हो गया। नाला गिरने की सूचना मिलते ही व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए। व्यापारियों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए दुर्गापुर रोड और सुल्तानपुर रोड पर नाले का निर्माण कराया जा रहा है। बताया गया है कि इस परियोजना पर करीब 2.20 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि निर्माण शुरू होने के बाद से ही नाले की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। उनका दावा है कि नगर पंचायत से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक शिकायतें की गईं, लेकिन समय रहते निर्माण की जांच नहीं कराई गई।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष एवं भाजपा नेता महेश सोनी ने आरोप लगाया कि नाला निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका दावा है कि नाले में निर्धारित मात्रा में सरिया भी नहीं लगाया जा रहा है। महेश सोनी ने नाले के क्षतिग्रस्त हिस्से को तोड़कर मानकों के अनुरूप दोबारा निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल निकासी के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है, ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मामले की शिकायत मुख्यमंत्री स्तर तक करने की बात कही। UP News :
व्यापारी सुशील जायसवाल ने कहा कि नाला निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की जांच करने नहीं आया। नाला गिरने के बाद व्यापारियों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ या नहीं।
मामले में PWD अधिकारी अमित पाठक ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर काम करने से मना किया गया था। अधिकारी के मुताबिक इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा काम कराया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि मामले में विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अब नाला निर्माण का क्षतिग्रस्त हिस्सा गिरने के बाद परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी। UP News :
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